बीजेपी और आरएलएम के रिश्तों में तनातनी के बीच सियासी गलियारों में सुगबुगाहट तेज

भारतीय जनता पार्टी और उसके सहयोगी दलों के बीच राजनीतिक समीकरण कब बदल जाएं, इस बारे में कुछ भी कहना मुश्किल होता है। झारखंड की सियासत में इन दिनों एक बार फिर से इस बात को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है कि क्या बीजेपी के वरिष्ठ नेता और कद्दावर चेहरे दीपक प्रकाश सिर्फ सात महीने के लिए ही मंत्री पद पर बने रह पाएंगे। राजनीतिक गलियारों में सुगबुगाहट तेज है कि जिस तरह से राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) और बीजेपी के बीच अंदरखाने खींचतान और सीटों या पदों को लेकर तालमेल बिठाने की कोशिशें चल रही हैं, उससे आने वाले दिनों में एनडीए के भीतर सीटों और मंत्रिमंडल के बंटवारे को लेकर नए समीकरण उभर सकते हैं। इस संभावित सियासी उठापटक पर राजनीतिक विश्लेषकों की पैनी नजर टिकी हुई है।

क्यों उठ रहे हैं दीपक प्रकाश के कार्यकाल को लेकर ऐसे कयास?

दीपक प्रकाश भारतीय जनता पार्टी के संगठन और सरकार में एक बेहद महत्वपूर्ण और सम्मानित चेहरा माने जाते हैं, जिन्होंने पार्टी को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई है। हालांकि, हालिया राजनीतिक घटनाक्रमों और सहयोगी दलों के साथ हुए समझौतों के बाद यह चर्चा शुरू हो गई है कि क्या उन्हें किसी सीमित समयावधि के लिए या फिर आगामी राजनीतिक फेरबदल से पहले ही इस जिम्मेदारी पर रखा गया है। जानकारों का मानना है कि गठबंधन धर्म का पालन करते हुए और सहयोगी दलों को साधने की मजबूरी के चलते कई बार पार्टियों को इस तरह के अंतरिम फैसले लेने पड़ते हैं, जिससे पार्टी के भीतर और बाहर दोनों जगह अटकलों का दौर शुरू हो जाता है।

बीजेपी और आरएलएम के रिश्तों में खिंचाव से क्या पड़ेगा असर?

राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) और बीजेपी के बीच बीते कुछ समय से तालमेल को लेकर जिस तरह की खबरें सामने आ रही हैं, उससे गठबंधन के भीतर सीटों की शेयरिंग और मंत्री पद के दावेदारों को लेकर खींचतान बढ़ सकती है। सहयोगी दल अपने हिस्से का पूरा राजनीतिक लाभ उठाने की जुगत में रहते हैं, जिसका सीधा असर मंत्रिमंडल के स्वरूप पर पड़ सकता है। यदि समय रहते दोनों दलों के शीर्ष नेतृत्व ने इन दूरियों को नहीं मिटाया, तो यह आगामी चुनावों से पहले एनडीए के लिए परेशानी का सबब बन सकता है। फिलहाल, हर किसी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि आने वाले दिनों में बीजेपी हाईकमान इस सियासी समीकरण को कैसे संभालता है।