
बिहार में आंतरिक सुरक्षा को लेकर जांच एजेंसियों ने एक बार फिर बहुत बड़ी कार्रवाई की है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) और बिहार एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (ATS) की संयुक्त टीम ने राज्य में एक बड़े इनपुट के आधार पर तड़के सुबह ही जबरदस्त छापेमारी की है। खुफिया सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, सुरक्षा बलों ने सुबह ठीक 5 बजे संदिग्ध ठिकानों पर एक साथ दबिश दी, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। इस हाई-प्रोफाइल ऑपरेशन के दौरान प्रतिबंधित और देश विरोधी आतंकी संगठनों से सीधे तार जुड़े होने के पुख्ता शक में एक मुख्य संदिग्ध को हिरासत में लिया गया है। इस बड़ी कार्रवाई के बाद बिहार पुलिस समेत तमाम केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह से अलर्ट मोड पर आ गई हैं।
सुबह 5 बजे का मास्टरस्ट्रोक और खामोशी से घेरा गया संदिग्ध ठिकाना सुरक्षा एजेंसियों को पिछले काफी समय से इनपुट मिल रहे थे कि राज्य के कुछ इलाकों में राष्ट्र विरोधी ताकतें और स्लीपर सेल एक बार फिर सिर उठाने की कोशिश कर रहे हैं। इसी गुप्त सूचना के आधार पर एनआईए और एटीएस के आला अधिकारियों ने इस गुप्त मिशन को अंजाम देने की पूरी रूपरेखा तैयार की। सुबह के समय जब लोग सोकर उठ ही रहे थे, तभी केंद्रीय और राज्य सुरक्षा बलों की गाड़ियों ने संदिग्ध के घर और उसके आसपास के पूरे इलाके को चारों तरफ से कॉर्डन ऑफ यानी सील कर दिया। स्थानीय पुलिस को भी इस ऑपरेशन की भनक ऐन वक्त पर दी गई ताकि किसी भी तरह की सूचना लीक होने की गुंजाइश न रहे।
घर से मिले कई आपत्तिजनक डिजिटल दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स छापेमारी की इस कार्रवाई के दौरान सुरक्षा बलों ने घर के चप्पे-चप्पे की गहन तलाशी ली। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, मौके से कई महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य, संदिग्ध मोबाइल फोन, सिम कार्ड, लैपटॉप और कुछ आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए गए हैं। इन दस्तावेजों में सीमा पार बैठे हैंडलर्स के साथ बातचीत के रिकॉर्ड्स और कुछ संदिग्ध वित्तीय लेन-देन (टेरर फंडिंग) के संकेत भी मिले हैं। हिरासत में लिए गए व्यक्ति पर आरोप है कि वह युवाओं को भड़काने और उन्हें सोशल मीडिया के जरिए प्रतिबंधित संगठनों की विचारधारा से जोड़ने के लिए एक सीक्रेट नेटवर्क चला रहा था।
पूछताछ के लिए अज्ञात सुरक्षित ठिकाने पर ले गई एनआईए की स्पेशल टीम संदेह के घेरे में आए इस शख्स को एटीएस और एनआईए की टीम ने तुरंत अपनी कस्टडी में ले लिया और बिना समय गंवाए पूछताछ के लिए एक गुप्त और सुरक्षित ठिकाने पर लेकर रवाना हो गई। जांच अधिकारी इस बात का पता लगाने में जुटे हैं कि इस संदिग्ध के नेटवर्क में बिहार और देश के अन्य राज्यों के कितने और लोग शामिल हैं। इसके साथ ही इस बात की भी गहन तफ्तीश की जा रही है कि क्या आने वाले समय में राज्य के किसी बड़े शहर या धार्मिक स्थल पर किसी अप्रिय घटना को अंजाम देने की कोई बड़ी और खतरनाक साजिश रची जा रही थी।
बिहार के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा और जांच का दायरा बढ़ा इस बड़े एक्शन के बाद बिहार के कई संवेदनशील जिलों, रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों और अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को बेहद कड़ा कर दिया गया है। खुफिया विभाग (Intelligence Bureau) ने भी बिहार पुलिस को अगले कुछ दिनों तक विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। एनआईए के सूत्रों का कहना है कि हिरासत में लिए गए संदिग्ध से मिलने वाले सुरागों के आधार पर राज्य के कुछ अन्य जिलों में भी आने वाले दिनों में इसी तरह की बड़ी छापेमारी देखने को मिल सकती है। फिलहाल एजेंसी इस मामले में आधिकारिक तौर पर प्रेस नोट जारी कर पूरी जानकारी साझा करने की तैयारी में है।
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