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बिहार को विकसित राज्य बना दिया’, राजद का चिराग पासवान पर करारा तंज

बिहार की राजनीति में गठबंधन के समीकरणों और भावी रणनीतियों को लेकर जुबानी जंग हमेशा चरम पर रहती है। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान द्वारा पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश में अपनी पार्टी के जनाधार विस्तार की कोशिशों और कार्यक्रमों की खबरों के बीच अब राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने उन पर बेहद तीखा और तंजिया हमला बोला है। राजद के वरिष्ठ प्रवक्ताओं और नेताओं ने चिराग पासवान की राजनीतिक प्राथमिकताओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि खुद को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ‘हनुमान’ बताने वाले चिराग शायद अब यह मान चुके हैं कि उन्होंने बिहार का पूरा विकास कर दिया है और इसे एक पूरी तरह विकसित राज्य बना दिया है, इसीलिए अब वे अपनी राजनीति की नई पारी शुरू करने उत्तर प्रदेश के दौरे पर निकल पड़े हैं। राजद के इस बयान के सामने आते ही बिहार से लेकर यूपी तक के राजनीतिक गलियारों में जबर्दस्त गर्माहट पैदा हो गई है।

राजद के मुख्य प्रवक्ताओं ने पटना में संवाददाताओं से बातचीत के दौरान कहा कि चिराग पासवान लंबे समय से बिहार में ‘बिहार फर्स्ट, बिहारी फर्स्ट’ का विजन डॉक्यूमेंट लेकर जनता के बीच जाने का दावा करते रहे हैं। लेकिन सत्ता में भागीदारी मिलते ही वे अपने ही राज्य के युवाओं, रोजगार, शिक्षा और बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था जैसे मूलभूत मुद्दों को भूल गए हैं। राजद नेताओं ने तंज कसते हुए कहा कि जिस ‘हनुमान’ ने अपनी लंका दहन की तर्ज पर बिहार में जनता के विकास का बीड़ा उठाने का वादा किया था, वे अब अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं की खातिर पड़ोसी राज्यों का रुख कर रहे हैं। विपक्ष का आरोप है कि बिहार में कानून-व्यवस्था, पलायन और रोजगार के ज्वलंत सवालों का जवाब देने के बजाय चिराग पासवान केवल अपनी सीट और वोट बैंक की राजनीति को उत्तर प्रदेश में आजमाने की होड़ में लगे हुए हैं, जबकि बिहार के लोग आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं।

चिराग पासवान की पार्टी द्वारा उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल और अन्य इलाकों में संगठन को मजबूत करने और आगामी चुनावों में उम्मीदवार उतारने के संकेतों ने केवल विपक्ष (महागठबंधन) को ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के भीतर भी एक नई बहस को जन्म दे दिया है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि पूर्वांचल और पश्चिमी यूपी में दलित और पासवान मतदाताओं की अच्छी खासी तादाद है, जिसे साधने के लिए चिराग पासवान अपनी जमीन तैयार करने में जुटे हैं। हालांकि, राजद के इस करारे हमले के बाद एलजेपी (रामविलास) के नेताओं ने भी मोर्चा संभाल लिया है और राजद के आरोपों को हताशा में दिया गया बयान करार दिया है। एलजेपी का कहना है कि चिराग पासवान देश के किसी भी राज्य में अपनी पार्टी का विस्तार करने के लिए स्वतंत्र हैं और राजद को दूसरों पर उंगली उठाने के बजाय अपने शासनकाल के ट्रैक रिकॉर्ड पर ध्यान देना चाहिए। फिलहाल, इस नए राजनीतिक युद्ध ने बिहार और यूपी दोनों राज्यों के सियासी माहौल को पूरी तरह से गरमा दिया है।