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बिना ऑपरेशन भी बाहर निकल सकती है किडनी की पथरी

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी, बिगड़ी जीवनशैली और खान-पान में लापरवाही के कारण किडनी स्टोन यानी गुर्दे की पथरी एक बेहद आम लेकिन अत्यधिक दर्दनाक समस्या बनती जा रही है। पेट या कमर के निचले हिस्से में अचानक उठने वाला तेज दर्द मरीज को बेहाल कर देता है। पथरी की शिकायत सामने आते ही अधिकांश लोगों के मन में सबसे पहला डर ऑपरेशन या सर्जरी को लेकर बैठ जाता है। हालांकि, आधुनिक यूरोलॉजी और चिकित्सा विज्ञान के अनुसार हर प्रकार की किडनी स्टोन में ऑपरेशन की आवश्यकता नहीं होती है। पथरी का इलाज पूरी तरह से उसके आकार (Size), स्थिति (Location) और मरीज के लक्षणों पर निर्भर करता है। कई बार सही मात्रा में पानी पीने, परहेज और साधारण दवाइयों के सेवन से भी पथरी यूरिन के रास्ते खुद-ब-खुद बाहर निकल जाती है। आज के इस विस्तृत हेल्थ आर्टिकल में हम आपको विस्तार से बताएंगे कि किस साइज की पथरी बिना ऑपरेशन के निकल सकती है और किस स्थिति में सर्जरी कराना अनिवार्य हो जाता है।

#1 किडनी में क्यों बनती है पथरी और क्या हैं इसके शुरुआती संकेत?

किडनी यानी गुर्दे हमारे शरीर में खून को छानकर अपशिष्ट पदार्थों और अतिरिक्त तरल को पेशाब के जरिए बाहर निकालने का महत्वपूर्ण काम करते हैं। जब शरीर में पानी की कमी हो जाती है या खान-पान में यूरेट, ऑक्सलेट और कैल्शियम जैसे खनिजों की मात्रा अत्यधिक बढ़ जाती है, तो ये तत्व आपस में मिलकर छोटे-छोटे क्रिस्टल बनाने लगते हैं। यही क्रिस्टल धीरे-धीरे जमा होकर सख्त पथरी का रूप ले लेते हैं। किडनी स्टोन होने पर कमर या पेट के निचले हिस्से में अचानक तेज मरोड़ उठना, पेशाब करते समय जलन होना, यूरिन का रंग गुलाबी या लाल दिखना, बार-बार पेशाब जाने की तीव्र इच्छा होना, और जी मिचलाने या उल्टी जैसी समस्याएं सामने आती हैं। शुरुआती दौर में इन संकेतों को पहचानकर यदि सही कदम उठाए जाएं, तो स्थिति को बिगड़ने से रोका जा सकता है।

#1 किस साइज की पथरी बिना ऑपरेशन के यूरिन के रास्ते निकल सकती है बाहर?

चिकित्सा अनुसंधान और यूरोलॉजिस्ट्स के अनुसार, यदि किडनी स्टोन का आकार 5 मिलीमीटर (5mm) या उससे छोटा है, तो लगभग 80 से 90 प्रतिशत मामलों में यह बिना किसी सर्जिकल प्रक्रिया के केवल पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, तरल पदार्थों का सेवन बढ़ाने और सामान्य दवाइयों की मदद से पेशाब के जरिए शरीर से बाहर निकल जाती है। वहीं, यदि पथरी का साइज 5 मिलीमीटर से 7 मिलीमीटर (5mm to 7mm) के बीच हो, तो भी डॉक्टर कुछ खास यूरिनरी अल्फा-ब्लॉकर्स दवाइयां देते हैं जो मूत्रनली (Ureter) को चौड़ा कर देती हैं, जिससे पथरी के खुद बाहर निकलने की संभावना 60 से 70 प्रतिशत तक बनी रहती है। इस स्थिति में मरीज को दिन में कम से कम 3 से 4 लीटर पानी पीना चाहिए और डॉक्टरी सलाह के अनुसार परहेज करना चाहिए।

#1 किस साइज के स्टोन में पड़ती है ऑपरेशन या लेजर सर्जरी की सख्त जरूरत?

जब किडनी की पथरी का आकार 8 मिलीमीटर (8mm) या उससे बड़ा हो जाता है, तो इसके प्राकृतिक रूप से यूरिन के जरिए बाहर निकलने की संभावना बेहद कम हो जाती है। विशेष रूप से 10 मिलीमीटर (10mm) या उससे बड़ी पथरी मूत्रवाहिनी में जाकर फंस सकती है, जिससे यूरिन का बहाव रुक जाता है और किडनी में सूजन (Hydronephrosis) तथा गंभीर संक्रमण का खतरा पैदा हो जाता है। ऐसी स्थिति में यूरोलॉजिस्ट बिना देर किए सर्जरी की सलाह देते हैं। आजकल आधुनिक मेडिकल साइंस में बिना किसी बड़े चीर-फाड़ के एडवांस तकनीकों जैसे लेजर लिथोट्रिप्सी (Laser Lithotripsy), RIRS (Retrograde Intrarenal Surgery) और ESWL (Shockwave Lithotripsy) के जरिए बड़ी से बड़ी पथरी को चूरा करके आसानी से बाहर निकाल दिया जाता है।

#1 बिना ऑपरेशन पथरी निकालने के लिए अपनाएं ये घरेलू उपाय और लाइफस्टाइल बदलाव

यदि आपकी पथरी छोटे साइज की है, तो कुछ आसान और असरदार घरेलू उपायों से इसे जल्दी बाहर निकाला जा सकता है। दिनभर में भरपूर मात्रा में सादा पानी पिएं, नारियल पानी, नींबू पानी और कुलथी की दाल के पानी का सेवन करें क्योंकि नींबू में मौजूद साइट्रेट पथरी को घोलने में मदद करता है। इसके साथ ही, अपने भोजन में नमक (सोडियम), अत्यधिक प्रोटीन, पालक, टमाटर, कोल्ड ड्रिंक्स और जंक फूड का सेवन सीमित कर दें। यदि आपको पेशाब रुक-रुक कर आने, तेज बुखार या असहनीय दर्द की शिकायत हो, तो तुरंत विशेषज्ञ डॉक्टर से संपर्क करें और अल्ट्रासाउंड जांच करवाएं। सही समय पर लिया गया डॉक्टरी परामर्श आपकी किडनी को किसी भी बड़े नुकसान से सुरक्षित रख सकता है।