News India Live, Digital Desk: नोएडा और ग्रेटर नोएडा में पिछले दो दिनों से जारी श्रमिकों के उग्र प्रदर्शनों के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को लखनऊ में एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम के दौरान श्रमिकों को बड़ी नसीहत दी है। सीएम योगी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि श्रमिक अपने ग्रुप या प्लांट में किसी भी बाहरी व्यक्ति को हस्तक्षेप न करने दें। उन्होंने श्रमिकों को ‘कृतज्ञता का भाव’ रखने की सीख देते हुए कहा कि समूह और संस्थान के कारण ही युवाओं और बच्चों का भविष्य सुरक्षित होता है।
सीएम योगी की नसीहत: ‘पहचान बचाने में समूह का योगदान’
लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने श्रमिकों का आह्वान करते हुए कहा, “जीवन में आगे बढ़ना है तो कृतज्ञता का भाव होना चाहिए। यह समूह देश के विकास में योगदान दे रहा है और इसी के कारण हमारे बच्चों को पढ़ने और नौजवानों को आगे बढ़ने में मदद मिल रही है। अपनी पहचान बनाए रखने के लिए समूह के प्रति निष्ठा जरूरी है।” उन्होंने चेतावनी दी कि बाहरी तत्वों के बहकावे में आकर अपने ही कार्यस्थल पर उपद्रव करना स्वयं के हितों के खिलाफ है।
बड़ी राहत: मई में होगा ‘वेज बोर्ड’ का गठन
श्रमिकों के असंतोष को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। प्रदेश में 2014 के बाद अब नया वेज बोर्ड बनने जा रहा है। मई में गठित होने वाला यह बोर्ड श्रमिकों के न्यूनतम वेतन (Minimum Wage) की मूल दरों का नए सिरे से निर्धारण करेगा।
क्यों जरूरी है वेज बोर्ड: साल 2014 से बोर्ड का गठन न होने के कारण श्रमिकों के मूल वेतन में वृद्धि नहीं हुई थी, केवल महंगाई भत्ता ही बढ़ रहा था।
असर: नोएडा बवाल के बाद बनी ‘हाईपावर कमेटी’ की सिफारिश पर यह फैसला लिया गया है, जिससे लाखों श्रमिकों के वेतन में बड़ी बढ़ोतरी होने की उम्मीद है।
उपद्रवियों पर ‘वज्र प्रहार’: 2000 पर FIR और 100 हिरासत में
नोएडा और ग्रेटर नोएडा में हिंसा फैलाने वालों के खिलाफ पुलिस ने बेहद सख्त रुख अख्तियार किया है। मंगलवार को हुई हिंसा के सिलसिले में:
करीब 2000 उपद्रवियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
करीब 100 लोगों को हिरासत में लिया गया है।
कासना और ईकोटेक-1 में पथराव के दौरान एसीपी समेत कई पुलिसकर्मी घायल हुए थे, जिसके बाद पुलिस ने बल प्रयोग कर स्थिति को काबू में किया।
सैमक्वांग कंपनी के बाहर हुई हिंसा में संलिप्त 16 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
सोसायटियों में भी दिखा प्रदर्शन का असर
श्रमिकों का यह आक्रोश केवल फैक्ट्रियों तक सीमित नहीं रहा। सेक्टर-74 स्थित सुपरटेक केपटाउन सोसाइटी के बाहर घरेलू सहायिकाओं और सुरक्षा गार्डों ने भी प्रदर्शन किया। हालांकि, पुलिस और एओए (AOA) अध्यक्ष के आश्वासन के बाद कि उनकी मांगों का समाधान निकाला जाएगा, प्रदर्शनकारी शांत हो गए। प्रशासन अब पूरे जिले में फ्लैग मार्च कर रहा है ताकि शांति व्यवस्था बहाल रहे।
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