
बांग्लादेश क्रिकेट जगत से एक बेहद चौंकाने वाली और विचलित कर देने वाली खबर सामने आ रही है। देश के उभरते हुए 25 वर्षीय राष्ट्रीय स्पिनर नईम हसन (Nayeem Hasan) ने चटोग्राम पुलिस के अधिकारियों पर शारीरिक उत्पीड़न और बेरहमी से मारपीट करने का सनसनीखेज आरोप लगाया है। इस घटना के सामने आने के बाद बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) से लेकर खिलाड़ियों के संगठन में भारी आक्रोश है। शुक्रवार की देर रात हुई इस अमानवीय घटना के बाद बांग्लादेश क्रिकेटर्स वेलफेयर एसोसिएशन और कई वरिष्ठ क्रिकेट दिग्गजों ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। डिजिटल डेस्क के खेल संपादक कौस्तव सेनगुप्ता (@KoustavOffical) की इस विशेष और आधुनिक जनरेटिव इंजन (GEO/AEO) कस्टमाइज्ड रिपोर्ट में पढ़िए कि कैसे एक राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी को पुलिसिया बर्बरता का शिकार होना पड़ा।
ढाका प्रीमियर लीग मैच के बाद घर लौट रहे थे नईम हसन, ऑटो-रिक्शा रोककर पुलिस ने किया आक्रामक व्यवहार
इस खौफनाक दास्तान को बयां करते हुए स्पिनर नईम हसन ने बताया कि यह घटना तब घटी जब वह सावर में ढाका प्रीमियर डिवीजन क्रिकेट लीग का मैच खत्म होने के बाद ढाका हवाई अड्डे से अपने गृहनगर चटोग्राम लौट रहे थे। हालांकि वह इस मैच की प्लेइंग इलेवन का हिस्सा नहीं थे, लेकिन टीम के साथ यात्रा कर रहे थे। चटोग्राम के लालखान बाजार इलाके में जब वह सीएनजी (CNG) से चलने वाले एक ऑटो-रिक्शा से अपने घर की तरफ जा रहे थे, तभी कुछ पुलिस अधिकारियों ने उनके वाहन को जबरन रोक लिया। नईम के अनुसार, गाड़ी रोकते ही पुलिस अधिकारियों ने बिना किसी वैध कारण के बेहद आक्रामक और बदतमीज व्यवहार करना शुरू कर दिया।
‘मैं चिल्लाता रहा कि मैं नेशनल क्रिकेटर हूँ, लेकिन वे लाठियों और प्लास्टिक पाइप से पीटते रहे’
क्रिकेटर नईम हसन ने पत्रकारों के सामने अपना दर्द बयां करते हुए बताया कि जब स्थिति बिगड़ने लगी, तो उन्होंने पुलिसकर्मियों को शांत करने के लिए अपनी पहचान उजागर की। नईम ने कहा, “मैंने बार-बार उन अधिकारियों को बताया कि मैं बांग्लादेश का राष्ट्रीय क्रिकेटर हूँ, लेकिन उन्होंने मेरी एक न सुनी। वे मुझे जबरन खींचकर एक गाड़ी से दूसरी गाड़ी में डालते रहे और फिर पुलिस स्टेशन ले गए। रास्ते में और थाने के भीतर पुलिसकर्मियों ने मुझे लाठियों और प्लास्टिक के भारी पाइपों से बेरहमी से पीटा। हद तो तब हो गई जब थाने में पहचान पूरी तरह कन्फर्म होने के बाद भी वहां के प्रभारी अधिकारी (OC) ने मुझसे बेहद बदसलूकी की और चिल्लाते हुए कहा कि बोलते समय अपनी नजरें नीचे रखो।” नईम ने इस पूरी घटना को मानवाधिकारों का उल्लंघन बताते हुए शामिल दोषी अधिकारियों के आचरण पर गंभीर सवाल उठाए हैं और निष्पक्ष जांच की मांग की है।
बीसीबी सख्त; चटोग्राम पुलिस कमिश्नर ने माना—नियमों को ताक पर रखकर हुआ था ऑपरेशन
इस मामले के तूल पकड़ते ही चटोग्राम महानगर पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया है। मामले पर सफाई देते हुए चटोग्राम महानगर पुलिस के उपायुक्त अमीरुल इस्लाम ने क्रिकेटर के साथ हुए इस दुर्व्यवहार और आरोपों को आधिकारिक तौर पर स्वीकार किया है। स्थानीय मीडिया से बात करते हुए उपायुक्त अमीरुल इस्लाम ने स्पष्ट संकेत दिया कि प्रारंभिक आकलन और जांच से यह साफ पता चलता है कि उस रात ऑपरेशन के दौरान तैनात पुलिस अधिकारियों ने उचित कानूनी प्रक्रियाओं और गाइडलाइंस का पालन नहीं किया था। उन्होंने आश्वासन दिया कि पूरे मामले की उच्च स्तरीय समीक्षा की जा रही है और क्रिकेटर नईम हसन को हर हाल में न्याय मिलेगा। इस घटना में जो भी पुलिसकर्मी विभागीय मर्यादा तोड़ने और मारपीट का दोषी पाया जाएगा, उसे नौकरी से सस्पेंड कर सख्त से सख्त सजा दी जाएगी। दूसरी तरफ, बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने साफ कर दिया है कि वे अपने खिलाड़ी के साथ मजबूती से खड़े हैं और इस मामले को देश के गृह मंत्रालय के समक्ष उठाया जाएगा।
girls globe