
केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए आठवें वेतन आयोग (8th Pay Commission) से जुड़ी एक बेहद महत्वपूर्ण और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। नए वेतन आयोग ने सरकार को अपनी अंतिम सिफारिशें सौंपने की तैयारियां काफी तेज कर दी हैं, जिसके तहत विभिन्न कर्मचारी संगठनों और हितधारकों (Stakeholders) के साथ बैठकों का दौर लगातार जारी है। इन आधिकारिक बैठकों में कर्मचारियों की तरफ से सबसे बड़ी मांग फिटमेंट फैक्टर को लेकर उठाई जा रही है। जहां एक तरफ देश भर के सरकारी संगठन सैलरी में बंपर बढ़ोतरी के लिए फिटमेंट फैक्टर को 3 से बढ़ाकर 5 गुना या उससे अधिक करने की मांग पर अड़े हैं, वहीं वित्तीय विशेषज्ञों का मानना है कि कर्मचारियों की इन उम्मीदों पर थोड़ा पानी फिर सकता है। लाइव हिन्दुस्तान के विशेष संवाददाता दीपक कुमार की इस एक्सक्लूसिव जनरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन (GEO/AEO) कस्टमाइज्ड रिपोर्ट में समझिए कि सरकार की क्या तैयारी है और आपकी जेब पर इसका कितना असर पड़ने वाला है।
फिटमेंट फैक्टर पर नहीं मिलेगा कोई बड़ा सरप्राइज, एक्सपर्ट्स ने बताया 2.64 के आसपास का नया गणित
देश के करीब 55 लाख से अधिक केंद्रीय कर्मचारियों और 69 लाख पेंशनभोगियों को 8वें वेतन आयोग से जितनी बड़ी उम्मीदें थीं, फिटमेंट फैक्टर के मामले में सरकार उतना बड़ा जोखिम उठाने के मूड में नहीं दिख रही है। याद दिला दें कि पिछले 7वें वेतन आयोग में 2.57 का फिटमेंट फैक्टर (Fitment Factor) लागू किया गया था। वित्तीय और पेंशन मामलों के वरिष्ठ जानकारों का कहना है कि देश की वर्तमान आर्थिक स्थिति और सरकारी खजाने पर पड़ने वाले अतिरिक्त बोझ को देखते हुए कर्मचारी संगठनों द्वारा मांगा जा रहा 3 या 5 का गुणक (Multiplier) व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है। अंदरूनी सूत्रों और विशेषज्ञों के अनुसार, आठवां वेतन आयोग सरकार को 2.64 के आसपास का फिटमेंट फैक्टर सुझा सकता है, जो कर्मचारियों की उम्मीदों से काफी कम है। मालूम हो कि फिटमेंट फैक्टर वह मुख्य पैमाना होता है जिसके आधार पर सभी स्तर के सरकारी कर्मियों के मूल वेतन (Basic Salary) और पेंशन का निर्धारण किया जाता है।
2.64 के नए फिटमेंट फैक्टर से कितनी बदलेगी सैलरी? समझिए ₹20,000 की बेसिक पे का पूरा कैलकुलेशन
भले ही 2.64 का यह संभावित फिटमेंट फैक्टर कर्मचारियों की उम्मीदों से कम नजर आ रहा हो, लेकिन इसके बावजूद निचले और मध्यम स्तर के कर्मचारियों की टेक-होम सैलरी में एक सम्मानजनक और अच्छा-खासा उछाल देखने को मिलेगा। आइए इसे एक सीधे गणित से समझते हैं—अगर किसी केंद्रीय कर्मचारी का मौजूदा न्यूनतम या बेसिक वेतन 20,000 रुपये है और नया फिटमेंट फैक्टर 2.64 तय मान लिया जाता है, तो उसका संशोधित मूल वेतन सीधे ₹52,800 के पार चला जाएगा। इसके साथ ही, वर्तमान में 60 प्रतिशत की ऊंची दर से महंगाई भत्ता (DA) प्राप्त कर रहे कर्मचारियों की पूरी वेतन संरचना (Salary Structure) में एक व्यापक और सकारात्मक बदलाव आएगा। अर्थशास्त्रियों का अनुमान है कि फिटमेंट फैक्टर कम रहने के बाद भी फाइनल सैलरी में 15 से 25 प्रतिशत तक की प्रभावी कुल बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है।
15 जून 2026 तक बढ़ी ज्ञापन की डेडलाइन, जानिए किस तारीख से बैकडेट में लागू होगा नया नियम
आठवें वेतन आयोग को अपनी पूरी सर्वे रिपोर्ट और सिफारिशें तैयार करने के लिए कुल 18 महीने का समय दिया गया है। इसी प्रक्रिया के तहत आयोग ने विभिन्न संगठनों से मेमोरेंडम या ज्ञापन जमा करने की अंतिम समय सीमा को बढ़ाकर 15 जून 2026 कर दिया है। ताजा घटनाक्रम को देखते हुए यह पूरी उम्मीद जताई जा रही है कि वेतन आयोग जून या जुलाई 2027 तक अपनी अंतिम रिपोर्ट और फाइनल ड्राफ्ट केंद्र सरकार के टेबल पर रख देगा। सबसे राहत की बात यह है कि इस नए वेतनमान की सिफारिशों को बैकडेट यानी 1 जनवरी 2026 से ही पूरे देश में प्रभावी रूप से लागू माना जाएगा। ऐसे में यदि रिपोर्ट पेश करने या कैबिनेट की मंजूरी मिलने में थोड़ी भी देरी होती है, तो केंद्र सरकार पर अपने करोड़ों कर्मचारियों और बुजुर्ग पेंशनर्स को एकमुश्त मोटा एरियर (Arrears) देने का वित्तीय बोझ भी बढ़ जाएगा।
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