
बिहार की सियासत में चुनावी सरगर्मी हमेशा उफान पर रहती है, और जैसे-जैसे उपचुनावों का वक्त नजदीक आ रहा है, बयानों और कानूनी शिकंजों का दौर भी तेज हो गया है। आगामी बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के माहौल के बीच राजनीतिक रणनीतिकार से राजनेता बने जन सुराज पार्टी के सूत्रधार प्रशांत किशोर के खिलाफ स्थानीय थाने में आधिकारिक तौर पर शिकायत दर्ज करा दी गई है। इस बड़ी घटना के सामने आते ही राजधानी पटना के राजनीतिक गलियारों में खलबली मच गई है और दोनों पक्षों के समर्थकों के बीच तीखी बयानबाजी शुरू हो गई है।
क्या है पूरा मामला और क्यों गरमाई है बांकीपुर की सियासत?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र में चल रही चुनावी गतिविधियों और सभाओं के दौरान दिए गए बयानों को लेकर यह शिकायत दर्ज कराई गई है। विपक्षी दलों और स्थानीय राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों का आरोप है कि चुनाव आचार संहिता और स्थानीय प्रशासनिक नियमों को ताक पर रखकर माहौल खराब करने की कोशिश की जा रही है। शिकायत मिलने के बाद पुलिस और स्थानीय प्रशासन मामले की गंभीरता से जांच-पड़ताल कर रहा है। हालांकि, जन सुराज के खेमे की तरफ से इन तमाम आरोपों को राजनीति से प्रेरित और विरोधियों की हताशा करार दिया गया है।
उपचुनाव से पहले जनता के बीच तेज हुई राजनीतिक हलचल
बांकीपुर सीट हमेशा से राजनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील और वीआईपी सीटों में गिनी जाती रही है। यहां हर दल अपनी पैठ मजबूत करने के लिए पूरी ताकत झोंक रहा है। प्रशांत किशोर द्वारा लगातार राज्य सरकार और पारंपरिक राजनीतिक दलों पर किए जा रहे तीखे हमलों के बीच यह कानूनी शिकंजा कसना इस बात का संकेत है कि आने वाले दिनों में चुनाव का मुकाबला बेहद दिलचस्प और संघर्षपूर्ण होने वाला है। बहरहाल, थाने में शिकायत दर्ज होने के बाद अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि पुलिस इस मामले में आगे क्या कानूनी कदम उठाती है।
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