
ऋतु परिवर्तन का दौर स्वास्थ्य के लिहाज से सबसे नाजुक माना जाता है। जब दिन में हल्की गर्माहट और सुबह-शाम हवा में हल्की ठंडक घुलने लगती है, तो हमारे शरीर का थर्मोरेगुलेशन सिस्टम (तापमान नियंत्रण प्रणाली) तनाव में आ जाता है। उत्तर भारत के प्रमुख शहरों जैसे लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, दिल्ली और जयपुर में इस मौसमी बदलाव के दौरान वायरल बुखार, सर्दी-जुकाम, गले में खराश और सुस्ती की शिकायतें तेजी से बढ़ने लगती हैं। इस समय प्यास का अहसास कम होने के कारण लोग अक्सर पर्याप्त पानी नहीं पीते, जिससे शरीर अंदर से डिहाइड्रेट होने लगता है और रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी) कमजोर पड़ जाती है। न्यूट्रिशनिस्ट्स और आयुर्वेद विशेषज्ञों का सुझाव है कि बाजार के प्रिजर्वेटिव युक्त पैक्ड जूसेज और सोडा के बजाय घर पर ताजी और प्राकृतिक सामग्रियों से बने रिफ्रेशिंग ड्रिंक्स का सेवन करना चाहिए। ये पेय न केवल शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बनाए रखते हैं, बल्कि पाचन तंत्र को दुरुस्त कर मौसमी बीमारियों से भी सुरक्षा देते हैं।
नींबू, अदरक और पुदीने का यह संयोजन बदलते मौसम में गले की खराश दूर करने और मेटाबॉलिज्म को तेज करने के लिए सबसे मुफीद माना जाता है। अदरक में मौजूद जिंजरोल सूजन और संक्रमण से लड़ता है, जबकि नींबू का विटामिन सी शरीर की रक्षा प्रणाली को मजबूत करता है। पुदीना पेट की गर्मी और एसिडिटी को शांत करता है।
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सामग्री: 1 गिलास गुनगुना या सामान्य पानी, 1 चम्मच कद्दूकस किया हुआ ताजा अदरक, 1 बड़ा चम्मच नींबू का रस, 6-8 ताजे पुदीने के पत्ते, 1 चम्मच शहद और एक चुटकी काला नमक।
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बनाने की विधि: एक गिलास में पुदीने की पत्तियों और कद्दूकस किए अदरक को हल्के से कूट लें ताकि उनका अर्क निकल आए। अब इसमें पानी डालें और चम्मच से अच्छी तरह चलाएं। अंत में नींबू का रस, शहद और काला नमक मिलाकर अच्छी तरह घोल लें। इसे छानकर या बिना छाने सुबह या दोपहर के समय घूंट-घूंट करके पिएं।
हवा में नमी और शुष्की के असंतुलन के कारण जब शरीर में भारीपन या डिहाइड्रेशन महसूस हो, तो खीरा या ककड़ी का रस सबसे तेजी से शरीर को ठंडा और हाइड्रेटेड करता है। इसमें तुलसी के पत्तों का अर्क मिलाने से यह एक प्राकृतिक एंटीबैक्टीरियल और एंटीवायरल टॉनिक बन जाता है।
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सामग्री: 1 मध्यम आकार का खीरा या ककड़ी (छिला हुआ), 7-8 ताजी श्यामा तुलसी की पत्तियां, आधा चम्मच भुना हुआ जीरा पाउडर, स्वादानुसार सेंधा नमक और आधा गिलास ठंडा पानी।
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बनाने की विधि: ब्लेंडर जार में कटे हुए खीरे के टुकड़े, तुलसी की पत्तियां और आधा गिलास पानी डालकर महीन पीस लें। इस मिश्रण को एक महीन छलनी से छानकर गिलास में निकाल लें। ऊपर से भुना जीरा पाउडर और सेंधा नमक डालकर मिलाएं। यह ड्रिंक दिन के समय ऑफिस या घर के काम के बीच थकान मिटाने के लिए बेहतरीन विकल्प है।
विटामिन सी से भरपूर संतरा मौसमी फ्लू से बचाने का सबसे असरदार फल है। जब इसमें कच्ची हल्दी और चुटकी भर दालचीनी मिलाई जाती है, तो यह शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट ड्रिंक बन जाता है जो शरीर में सफेद रक्त कोशिकाओं की संख्या बढ़ाने में मदद करता है।
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सामग्री: 1 बड़ा कप ताजे संतरे का रस (बिना छाना हुआ), आधा छोटा चम्मच कच्ची हल्दी का रस (या एक चुटकी हल्दी पाउडर), एक चुटकी दालचीनी पाउडर, आधा चम्मच चिया सीड्स (10 मिनट पानी में भीगे हुए)।
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बनाने की विधि: संतरे के ताजे रस में हल्दी का रस और दालचीनी पाउडर डालकर अच्छी तरह फेंटें। अब इसमें पहले से भीगे हुए चिया सीड्स मिलाएं। चिया सीड्स इस ड्रिंक को फाइबर और ओमेगा-3 फैटी एसिड की अतिरिक्त ताकत देते हैं। यह ड्रिंक सुबह के नाश्ते के साथ लेना सबसे फायदेमंद साबित होता है।
यदि बदलते मौसम में आपका पेट भारी रहता है, अपच होती है या गैस की समस्या बढ़ जाती है, तो भुने चने का सत्तू और ताजा छाछ (मट्ठा) आपके पाचन तंत्र के लिए रामबाण है। छाछ में मौजूद प्रोबायोटिक्स आंतों के अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ाते हैं, जबकि सत्तू शरीर को तुरंत भरपूर प्रोटीन और ऊर्जा देता है।
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सामग्री: 1 बड़ा गिलास ताजा पतला मट्ठा या छाछ, 2 बड़े चम्मच भुने चने का सत्तू, आधा चम्मच भुना जीरा पाउडर, स्वादानुसार काला नमक, 1 चम्मच बारीक कटा हरा धनिया और एक चुटकी हींग।
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बनाने की विधि: एक बड़े बर्तन में सत्तू और थोड़ा सा छाछ डालकर कांटे (फॉर्क) या मथानी की मदद से फेंटें ताकि कोई गांठ न रहे। जब घोल चिकना हो जाए, तो बाकी बची छाछ मिला दें। अब इसमें काला नमक, हींग, भुना जीरा और कटा हुआ हरा धनिया डालकर अच्छी तरह मिलाएं। दोपहर के भोजन के आधे घंटे बाद इसे पीने से पेट हल्का रहता है और दिनभर ऊर्जा बनी रहती है।
जैसे-जैसे शामें ठंडी होने लगती हैं, बहुत ठंडा पानी पीने से गला खराब होने का खतरा रहता है। ऐसे में हल्का गुनगुना या सामान्य तापमान का इनफ्यूज्ड वॉटर शरीर को अंदर से गर्माहट और हाइड्रेशन दोनों प्रदान करता है।
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सामग्री: 1 कांच की बोतल या जग, 1 लीटर पानी, 1 सेब (पतले स्लाइस में कटा हुआ), 1 छोटा दालचीनी का टुकड़ा (सिनेमन स्टिक) और 4-5 पुदीने के पत्ते।
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बनाने की विधि: एक कांच के जग में साफ पानी भरें। इसमें सेब के स्लाइस, दालचीनी की छड़ी और पुदीने की पत्तियां डाल दें। इस जग को 2 से 3 घंटे के लिए सामान्य कमरे के तापमान पर छोड़ दें ताकि सभी सामग्रियों का स्वाद और पोषक तत्व पानी में समा जाएं। दिनभर सादा पानी पीने के बजाय इस पानी को पिएं। यह रक्त शर्करा को नियंत्रित रखने और भूख को संतुलित करने में भी मदद करता है।
रिफ्रेशिंग ड्रिंक्स बनाते समय हमेशा ध्यान रखें कि इनमें सफेद रिफाइंड चीनी का इस्तेमाल कम से कम या बिल्कुल न करें। चीनी की जगह शहद, गुड़ की खांड या बिना किसी स्वीटनर के प्राकृतिक मिठास को प्राथमिकता दें। फ्रिज का अत्यधिक चिल्ड या बर्फ वाला पानी इस्तेमाल करने से बचें, क्योंकि मौसम के बदलाव के समय बहुत ठंडा पानी पीने से अचानक टॉन्सिलिटिस, कफ और ब्रोंकाइटिस का जोखिम बढ़ जाता है। मौसमी ड्रिंक्स को हमेशा ताजा बनाकर ही पिएं और उन्हें कई दिनों तक स्टोर करके न रखें।
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