पुरुषों की इन 5 खराब आदतों से तेजी से घटता है टेस्टोस्टेरोन हॉर्मोन, पिता बनने की क्षमता पर पड़ता है सीधा असर; डॉक्टर से जानें बचाव

आज के आधुनिक दौर में खराब लाइफस्टाइल, गलत खानपान, अत्यधिक मानसिक तनाव और शारीरिक एक्टिविटी की कमी (Sedentary Lifestyle) जैसी आदतों को कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जोड़कर देखा जाता है। इन्हीं बदलती आदतों के बीच पुरुषों के बीच एक बहुत ही महत्वपूर्ण सवाल अक्सर उठता है— क्या इन अस्वस्थ आदतों का सीधा असर उनके शरीर के सबसे मुख्य पुरुष हॉर्मोन यानी ‘टेस्टोस्टेरोन’ (Testosterone) पर भी पड़ सकता है?

टेस्टोस्टेरोन पुरुषों के शरीर में पाया जाने वाला एक अत्यंत महत्वपूर्ण और प्राथमिक हॉर्मोन है। यह पुरुषों में मांसपेशियों (Muscles) के विकास, हड्डियों को मजबूत रखने, शरीर में एनर्जी और स्टैमिना बनाए रखने, मूड को संतुलित रखने, निजी स्वास्थ्य (Libido) और पिता बनने की क्षमता (Fertility) जैसे कई जरूरी शारीरिक और जैविक कार्यों में मुख्य भूमिका निभाता है। हालांकि, उम्र बढ़ने के साथ (आमतौर पर 30 साल के बाद) इसके स्तर में हर साल 1% की मामूली गिरावट आना एक सामान्य प्राकृतिक प्रक्रिया है, लेकिन आजकल युवाओं में भी इसकी भारी कमी देखी जा रही है। आइए जानते हैं कि खराब लाइफस्टाइल इस हॉर्मोन को कैसे प्रभावित करती है और इसे स्वस्थ बनाए रखने के वैज्ञानिक उपाय क्या हैं।

खराब लाइफस्टाइल कैसे बनती है टेस्टोस्टेरोन की विलेन? जानिए AUA की गाइडलाइन

यूरोलॉजी और पुरुष स्वास्थ्य के क्षेत्र में दुनिया की अग्रणी संस्था अमेरिकन यूरोलॉजिकल एसोसिएशन (AUA) की आधिकारिक गाइडलाइन के अनुसार, जिन पुरुषों के शरीर में क्लिनिकली टेस्टोस्टेरोन की कमी (Hypogonadism) पाई जाती है, उन्हें किसी भी दवा से पहले अपनी लाइफस्टाइल को पूरी तरह स्वस्थ और अनुशासित करने की सख्त सलाह दी जाती है। इसमें शरीर का एक स्वस्थ वजन (BMI) बनाए रखना, रोज व्यायाम करना और सही स्लीप साइकिल अपनाना शामिल है।

जब शरीर में टेस्टोस्टेरोन का स्तर सामान्य से नीचे गिर जाता है, तो पुरुषों में ये प्रमुख लक्षण दिखाई दे सकते हैं:

  • हर समय अत्यधिक थकान और क्रॉनिक एनर्जी की कमी महसूस होना।

  • जिम या वर्कआउट करने के बाद भी मांसपेशियों की ताकत घटना और शरीर में चर्बी (Fat) का बढ़ना।

  • स्वभाव में चिड़चिड़ापन, लगातार मूड स्विंग्स या डिप्रेशन जैसा महसूस होना।

  • निजी जीवन में यौन इच्छा (Sex Drive) की भारी कमी होना।

चिकित्सकीय विशेषज्ञों का कहना है कि केवल लक्षणों के आधार पर खुद को बीमार न समझें। टेस्टोस्टेरोन की कमी की सटीक पुष्टि के लिए लक्षणों के साथ-साथ सुबह के समय किए गए ब्लड टेस्ट (Serum Testosterone Test) की रिपोर्ट में भी इसका स्तर कम आना जरूरी होता है।

पुरुषों की ये 5 आदतें चुपके से घटा देती हैं टेस्टोस्टेरोन का स्तर

हॉर्मोनल स्वास्थ्य पर काम करने वाले डॉक्टरों के मुताबिक, पुरुषों की कुछ दैनिक आदतें सीधे तौर पर उनके एंड्रोजन रिसेप्टर्स और हॉर्मोन प्रोडक्शन को ब्लॉक कर देती हैं:

  • 1. पर्याप्त नींद न लेना: टेस्टोस्टेरोन का अधिकांश हिस्सा रात में गहरी नींद (Deep Sleep) के दौरान ही बनता है। यदि आप रोजाना 5-6 घंटे से कम सोते हैं, तो इसका स्तर तेजी से गिरता है।

  • 2. क्रॉनिक स्ट्रेस (लगातार तनाव): जब आप लंबे समय तक तनाव में रहते हैं, तो शरीर में ‘कोर्टिसोल’ (Cortisol) नामक स्ट्रेस हॉर्मोन बढ़ता है। कोर्टिसोल और टेस्टोस्टेरोन एक-दूसरे के जानी दुश्मन हैं; जैसे ही कोर्टिसोल बढ़ेगा, टेस्टोस्टेरोन अपने आप नीचे आ जाएगा।

  • 3. मोटापा और बढ़ा हुआ पेट: शरीर में जमा अतिरिक्त वसा (Fat Cells) टेस्टोस्टेरोन को महिला हॉर्मोन ‘एस्ट्रोजन’ में बदलने लगती है, जिससे पुरुषों का शरीर कमजोर होने लगता है।

  • 4. फिजिकल एक्टिविटी की कमी: दिनभर ऑफिस में 8 से 10 घंटे लगातार कंप्यूटर के सामने बैठे रहने से पेल्विक एरिया का ब्लड सर्कुलेशन प्रभावित होता है, जिससे हॉर्मोनल संतुलन बिगड़ता है।

  • 5. धूम्रपान और अत्यधिक शराब: निकोटीन और अल्कोहल सीधे तौर पर टेस्टीज (वृषण) की लेडिग कोशिकाओं (Leydig Cells) को नुकसान पहुंचाते हैं, जहां टेस्टोस्टेरोन का निर्माण होता है।

टेस्टोस्टेरोन को नेचुरल तरीके से बूस्ट करने के 4 अचूक उपाय:

यदि आप अपने हॉर्मोनल स्वास्थ्य को दवाओं के बिना हमेशा के लिए बिल्कुल फिट और नेचुरल तरीके से बेहतर रखना चाहते हैं, तो आज से ही अपनी दिनचर्या में ये 4 बदलाव शामिल करें:

  • स्ट्रेंथ ट्रेनिंग और हैवी एक्सरसाइज: कार्डियो (दौड़ने) के मुकाबले भारी वजन उठाने वाली एक्सरसाइज जैसे स्क्वाट्स, डेडलिफ्ट और स्ट्रेंथ ट्रेनिंग करने से शरीर में टेस्टोस्टेरोन का प्रोडक्शन बहुत तेजी से बढ़ता है। हफ्ते में कम से कम 4 दिन वर्कआउट जरूर करें।

  • पोषक तत्वों से भरपूर डाइट: अपने भोजन में गुड फैट्स (जैसे बादाम, अखरोट, अंडे की जर्दी, ऑलिव ऑयल) शामिल करें। इसके साथ ही शरीर में जिंक, विटामिन-डी3 और मैग्नीशियम की कमी न होने दें, क्योंकि ये टेस्टोस्टेरोन के निर्माण खंड (Building Blocks) हैं।

  • 7 से 8 घंटे की गहरी नींद: रात को सोने से एक घंटा पहले मोबाइल स्क्रीन से दूरी बना लें, ताकि आपको 7-8 घंटे की निर्बाध और गहरी नींद मिल सके। सुबह उठने पर आप खुद को अधिक फ्रेश और एनर्जेटिक महसूस करेंगे।

  • तनाव प्रबंधन (Stress Management): मानसिक तनाव को कंट्रोल करने के लिए रोजाना 15 से 20 मिनट योग, प्राणायाम या मेडिटेशन (ध्यान) का सहारा लें।

विशेष डॉक्टरी सलाह: यदि लाइफस्टाइल में सुधार करने के कई महीनों बाद भी आपको लगातार थकान, मांसपेशियों में कमजोरी या निजी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं बनी रहती हैं, तो बाजार में मिलने वाले किसी भी सप्लीमेंट या स्टेरॉयड को खुद से खाने की भूल बिल्कुल न करें। यह आपके लिवर, किडनी और फर्टिलिटी को हमेशा के लिए खराब कर सकता है। ऐसे में तुरंत किसी अच्छे एंडोक्रिनोलॉजिस्ट या यूरोलॉजिस्ट डॉक्टर से मिलें और उनकी देखरेख में ही सही वैज्ञानिक उपचार शुरू कराएं।