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पुतिन, मेलोनी से लेकर ट्रंप तक: पीएम मोदी के 76वें जन्मदिन पर वैश्विक नेताओं की बधाई, देश में दीपोत्सव

17 सितंबर 2026 को भारत के 14वें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने जीवन का 76वां वर्ष पूरा किया, जो भारतीय राजनीति और वैश्विक कूटनीति के इतिहास में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर बन गया। यह अवसर न केवल उनके 76वें जन्मदिन का प्रतीक बना, बल्कि वर्ष 2001 में गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में संवैधानिक दायित्व संभालने से लेकर केंद्र की सत्ता में निरंतर जनसेवा के 25 गौरवशाली वर्ष पूरे होने का दोहरा स्वर्णिम पर्व भी साबित हुआ। स्वतंत्र भारत में जन्मे देश के पहले प्रधानमंत्री के इस दोहरे उत्सव पर नई दिल्ली से लेकर वाशिंगटन, मॉस्को, रोम और टोक्यो तक शुभकामनाओं का सैलाब उमड़ पड़ा। वैश्विक महाशक्तियों के शासनाध्यक्षों, शीर्ष अंतरराष्ट्रीय राजनयिकों, भारतीय संसद के सत्ता पक्ष व विपक्ष के शीर्ष नेताओं तथा सिनेमा व खेल जगत के दिग्गजों ने प्रधानमंत्री को स्वस्थ, सक्रिय और दीर्घायु जीवन की अग्रिम शुभकामनाएं भेजीं।

वैश्विक भू-राजनीतिक पटल पर भारत के बढ़ते दबदबे की स्पष्ट झलक प्रधानमंत्री मोदी के 76वें जन्मदिन पर पूरी दुनिया ने देखी। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने एक बेहद आत्मीय और कूटनीतिक संदेश भेजते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी अपने देशवासियों के साथ-साथ समूचे वैश्विक समुदाय में एक अत्यंत सम्मानित राजनेता हैं। पुतिन ने भारत और रूस के बीच ‘विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी’ को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने में मोदी के व्यक्तिगत योगदान की खुलकर सराहना की और नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान हुई द्विपक्षीय वार्ताओं को याद करते हुए संबंधों को और मजबूत करने का संकल्प दोहराया। रूसी दूतावास ने इस संदेश को सोशल मीडिया पर ‘#DruzhbaDosti’ हैशटैग के साथ जारी किया।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री मोदी से फोन पर विस्तृत बातचीत की और अमेरिकी दूतावास के आधिकारिक माध्यमों से द्विपक्षीय संबंधों, इंडो-पैसिफिक सुरक्षा और व्यापारिक प्राथमिकताओं पर चर्चा करते हुए उनके उत्तम स्वास्थ्य व लंबी उम्र की प्रार्थना की। दूसरी ओर, इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने इंस्टाग्राम पर अपने खास अंदाज में बधाई देते हुए लिखा कि मेरे मित्र नरेंद्र मोदी को जन्मदिन की हार्दिक बधाई, मैं आपके उत्तम स्वास्थ्य, असीम ऊर्जा और निरंतर सफलताओं की कामना करती हूं, इटली और भारत की अटूट मित्रता अब और अधिक प्रगाढ़ हो रही है। जापान के राजदूत ओनो केइची ने कहा कि मोदी का दूरदर्शी नेतृत्व भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने के पथ पर निरंतर प्रेरित कर रहा है और दोनों देशों के राजनयिक संबंधों की आगामी 75वीं वर्षगांठ द्विपक्षीय सहयोग को अभूतपूर्व आयाम देगी। इसके साथ ही नीदरलैंड्स के दूतावास ने मई 2026 की ऐतिहासिक रणनीतिक यात्रा का स्मरण किया, जबकि ऑस्ट्रेलिया के उच्चायुक्त फिलिप ग्रीन, बेल्जियम और वियतनाम के दूतावासों ने भी औपचारिक राजनयिक संदेश जारी किए।

भारतीय लोकतांत्रिक मर्यादाओं की खूबसूरती उस समय उजागर हुई जब घोर राजनीतिक मतभेदों को पूरी तरह दरकिनार कर देश के प्रमुख विपक्षी दलों के शीर्ष नेताओं ने प्रधानमंत्री मोदी को उनके जन्मदिवस पर शुभकामनाएं प्रेषित कीं। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर त्वरित पोस्ट साझा करते हुए प्रधानमंत्री मोदी को जन्मदिन की बधाई दी और उनके उत्तम स्वास्थ्य की कामना की। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी ईश्वर से प्रार्थना करते हुए प्रधानमंत्री के दीर्घायु और निरोगी जीवन की कामना की।

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इंस्टाग्राम पर अपने संदेश में लिखा कि प्रधानमंत्री को जन्मदिन की बधाई और एक स्वस्थ, सक्रिय व उद्देश्यपूर्ण जीवन की अनंत शुभकामनाएं। बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती, डीएमके प्रमुख व तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और तमिलनाडु के प्रमुख नेता सी. जोसेफ विजय ने भी आत्मीय बधाई संदेश भेजे। खेल और सिनेमा जगत से पूर्व क्रिकेटर युवराज सिंह और वरिष्ठ अभिनेता-सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने पुरानी तस्वीरें और यादें साझा करते हुए प्रधानमंत्री के नेतृत्व को नमन किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिन और सार्वजनिक सेवा के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में भारतीय जनता पार्टी ने 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक चलने वाले देशव्यापी ‘सेवा संकल्प अभियान’ का विधिवत शुभारंभ किया। इस राष्ट्रव्यापी अभियान के तहत 25 विशिष्ट सामाजिक, पर्यावरण और स्वास्थ्य पहलों को जमीन पर उतारा जा रहा है, जिसमें विशाल रक्तदान शिविर, मुफ्त स्वास्थ्य परीक्षण मेले, व्यापक पौधारोपण और स्वच्छ भारत अभियान शामिल हैं।

इस अवसर पर ‘आशीर्वाद का दीया’ अभियान के तहत देश के करोड़ों नागरिकों ने अपने घरों और धार्मिक स्थलों पर दीपक प्रज्वलित किए। मध्य प्रदेश में करीब 58 लाख दीये जलाए गए, जिसमें अकेले उज्जैन में मोक्षदायिनी शिप्रा नदी के पावन तटों पर 25 लाख दीपकों की अलौकिक शृंखला बनाई गई। गुजरात में राज्यभर में 88 लाख से अधिक दीप जले, जहां सूरत शहर में 10 लाख दीपकों से नया कीर्तिमान बना। हरियाणा में अंत्योदय परिवारों और सामान्य नागरिकों द्वारा करीब 80 लाख दीये प्रज्वलित किए गए। अहमदाबाद के विश्व उमियाधाम में गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की गरिमामयी उपस्थिति में भव्य महाआरती के पश्चात प्रधानमंत्री की 76 वर्ष की आयु के प्रतीक स्वरूप एक साथ 76 हजार दीप जलाए गए और सामूहिक वंदे मातरम् का गान हुआ। इसके अतिरिक्त, मोदी की जन्मभूमि वडनगर (मेहसाणा, गुजरात) और कर्मभूमि काशी (वाराणसी, उत्तर प्रदेश) से एक साथ ‘सेवा संकल्प बाइक रैलियों’ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया, जबकि विमानन क्षेत्र में यात्रियों की सहायता के लिए 17 सितंबर से 10 अक्टूबर तक विशेष यात्री सेवा अभियान प्रारंभ किया गया।

राजनीतिक और प्रशासनिक मोर्चे पर भी 17 सितंबर का दिन ऐतिहासिक उपलब्धियों का गवाह बना। पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता स्थित धनधान्य ऑडिटोरियम में केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री जीतन राम मांझी और मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की उपस्थिति में ‘पीएम विश्वकर्मा योजना’ को औपचारिक रूप से धरातल पर लागू किया गया। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने ऐलान किया कि बंगाल में भाजपा सरकार के गठन के बाद इस योजना को गति दी गई है और आने वाले एक वर्ष में लाभार्थियों की संख्या 5 लाख पार करने का लक्ष्य है, जहां 7.70 लाख नामांकनों में से 2 लाख से अधिक कारीगरों ने आवेदन किया है और 3,000 से अधिक को स्वीकृति दी जा चुकी है।

जन्मदिन के दिन भी अपनी चिरपरिचित कार्यशैली को प्राथमिकता देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली में ‘सेमीकॉन इंडिया 2026’ का भव्य उद्घाटन किया। भारत को दुनिया का प्रमुख सेमीकंडक्टर और चिप मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की दिशा में यह एक ऐतिहासिक छलांग मानी जा रही है। गुजरात के वडनगर में 17 सितंबर 1950 को जन्मे और 26 मई 2014 को देश के शीर्ष पद पर आसीन होने वाले नरेंद्र मोदी का यह 76वां जन्मदिन सेवा, संकल्प, कूटनीति और तकनीकी आत्मनिर्भरता के संगम के रूप में याद किया जाएगा।