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पटना में जितिया पर्व को लेकर जिला प्रशासन अलर्ट: गंगा घाटों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम, गोताखोर और SDRF तैनात

बिहार के महापर्वों में शुमार जितिया (Jitiya) पर्व को लेकर राजधानी पटना में जिला प्रशासन पूरी तरह से सतर्क हो गया है। नदियों के बढ़ते जलस्तर और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पटना जिला प्रशासन ने सभी प्रमुख गंगा घाटों पर सुरक्षा-व्यवस्था चाक-चौबंद करने के कड़े निर्देश जारी कर दिए हैं। आगामी 2 से 4 अक्टूबर तक चलने वाले इस पवित्र अनुष्ठान के दौरान लाखों की संख्या में महिलाएं और श्रद्धालु नदी घाटों पर स्नान और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं, जिसे लेकर प्रशासन ने किसी भी प्रकार की कोताही न बरतने का फैसला किया है।

जिलाधिकारी कुंदन कुमार ने तमाम संबंधित विभागों और अधिकारियों को निर्देश दिया है कि पर्व के दौरान सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन और बचाव कार्यों की तैयारियां सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखी जाएं। अनुमंडल, प्रखंड और पुलिस स्तर के सभी अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र के घाटों पर लगातार गश्त करने और स्थिति पर पैनी नजर रखने को कहा गया है।

जितिया पर्व के मद्देनजर पटना के सभी प्रमुख और संवेदनशील घाटों पर पर्याप्त संख्या में दंडाधिकारी (Magistrates), पुलिस अधिकारियों और सुरक्षा बलों की तैनाती सुनिश्चित की जा रही है। अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि वे समय-समय पर तैनात कर्मियों की उपस्थिति की जांच करें। इसके साथ ही, गहरे पानी वाले खतरनाक क्षेत्रों की पहचान कर वहां मजबूत बैरिकेडिंग कराई जाएगी और स्पष्ट रूप से लाल झंडे लगाए जाएंगे, ताकि श्रद्धालु अनजाने में गहरे पानी में न जाएं।

प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं को सुरक्षित क्षेत्रों में ही स्नान और पूजा करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। इसके लिए घाटों पर ध्वनि विस्तारक यंत्रों (लाउडस्पीकर) के माध्यम से लगातार सुरक्षा संबंधी निर्देश, चेतावनियां और सावधानियां प्रसारित की जाएंगी। बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसी भी प्रकार की अनहोनी से बचा जा सके।

किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रमुख घाटों पर राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की टीमों और प्रशिक्षित गोताखोरों की तैनाती पहले ही सुनिश्चित कर दी गई है। इसके अलावा, मेडिकल इमरजेंसी की स्थिति में तुरंत इलाज के लिए जीवन रक्षक दवाओं और चिकित्सा उपकरणों से लैस मेडिकल टीमें घाटों पर मौजूद रहेंगी। जिला प्रशासन ने स्थानीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और अनुमंडलीय अस्पतालों को भी पूरी तरह से अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी ने सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे प्रशासन द्वारा तय किए गए सुरक्षित दायरे में रहकर ही पूरी आस्था और श्रद्धा के साथ अपना पर्व संपन्न करें।