नवरत्न रेलवे पीएसयू RailTel को मिला ₹165 करोड़ का बड़ा वर्क ऑर्डर, राष्ट्रपति के पास हैं 23.37 करोड़ शेयर; शुक्रवार को फोकस में रहेगा स्टॉक

भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार के कारोबारी सत्र के दौरान नवरत्न रेलवे पीएसयू रेलटेल कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (RailTel Corporation of India Ltd) के शेयरों पर निवेशकों की विशेष नजर रहेगी। टेलीकॉम और आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र की इस प्रमुख सरकारी कंपनी ने शेयर बाजारों को सूचित किया है कि उसे वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (Western Coalfields Limited – WCL) से ₹164.79 करोड़ (लगभग ₹165 करोड़) का नया घरेलू कार्य अनुबंध प्राप्त हुआ है। इस सप्ताह कंपनी को मिला यह दूसरा बड़ा वर्क ऑर्डर है, जिससे कंपनी की ऑर्डर बुक और अधिक मजबूत हो गई है।

वेस्टर्न कोलफील्ड्स से मिला ₹165 करोड़ का ऑर्डर: क्या है प्रोजेक्ट?

एक्सचेंज फाइलिंग में दी गई जानकारी के अनुसार, रेलटेल को यह अनुबंध वेस्टर्न कोलफील्ड्स के लिए एमपीएलएस वीपीएन (Multiprotocol Label Switching Virtual Private Network – MPLS VPN) नेटवर्क की स्थापना और संचालन के लिए दिया गया है। यह पूरा प्रोजेक्ट 60 महीनों (5 वर्ष) की अवधि के लिए रेंटल मॉडल पर निष्पादित किया जाएगा। कंपनी को इस परियोजना को 21 सितंबर 2031 तक पूरा करने का लक्ष्य दिया गया है। इस अत्याधुनिक डेटा नेटवर्क से वेस्टर्न कोलफील्ड्स की विभिन्न खदानों, क्षेत्रीय कार्यालयों और मुख्यालय के बीच निर्बाध और सुरक्षित डिजिटल कनेक्टिविटी सुनिश्चित होगी।

कंपनी में महामहिम राष्ट्रपति के पास हैं 23,37,85,038 शेयर

रेलटेल कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया एक सरकारी नवरत्न केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उद्यम (CPSE) है, जो सीधे रेल मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण में कार्यरत है। कंपनी के नवीनतम शेयरहोल्डिंग पैटर्न के मुताबिक, भारत के राष्ट्रपति (The President of India acting through Ministry of Railways) के पास प्रमोटर के तौर पर कंपनी के 23,37,85,038 इक्विटी शेयर हैं, जो कंपनी की कुल चुकता इक्विटी पूंजी का 72.84 प्रतिशत हिस्सा बनता है। मजबूत सरकारी प्रमोटर बेस, कर्ज-मुक्त बैलेंस शीट और लगातार मिलते नए प्रोजेक्ट्स इसे एक स्थिर बुनियादी ढांचा कंपनी बनाते हैं।

एक सप्ताह के भीतर मिले कई बड़े प्रोजेक्ट्स

रेलटेल के लिए अगस्त का महीना प्रोजेक्ट हासिल करने के लिहाज से बेहद शानदार रहा है। वेस्टर्न कोलफील्ड्स से पहले कंपनी को कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) से अपने ‘इन्फ्रास्ट्रक्चर-एज-ए-सर्विस’ (IaaS) प्रोजेक्ट के लिए ₹166.80 करोड़ का एक वर्ष का कार्य विस्तार (Extension) मिला था। इसके अतिरिक्त, हाल ही में कंपनी ने दीनदयाल पोर्ट अथॉरिटी (कांडला) से ₹63 करोड़ का इंटीग्रेटेड गेट ऑटोमेशन सिस्टम ऑर्डर और डाक विभाग (Department of Posts) से ₹119 करोड़ का आईटी प्रोजेक्ट भी अपने नाम किया है। इन लगातार ऑर्डर जीतों से कंपनी के राजस्व और परिचालन लाभ में आगे अच्छी वृद्धि दर्ज होने की संभावना है।

रेलटेल शेयर का हालिया प्रदर्शन और आउटलुक

गुरुवार को कमजोर बाजार रुख के बीच रेलटेल के शेयर एनएसई पर मामूली गिरावट के साथ ₹280.75 के स्तर पर बंद हुए थे। वर्तमान में कंपनी का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन लगभग ₹9,024 करोड़ है। लंबी अवधि के चार्ट पर कंपनी का 52-सप्ताह का उच्चतम स्तर ₹412.90 और निचला स्तर ₹245.00 रहा है। पूरे देश में 62,000 रूट किलोमीटर से अधिक फैले ऑप्टिक फाइबर नेटवर्क (OFC), रेलवे आधुनिकीकरण में भूमिका, डेटा सेंटर और साइबर सिक्योरिटी ऑपरेशंस के दम पर यह नवरत्न स्टॉक बाजार विशेषज्ञों की रडार पर बना हुआ है।