
दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ कॉरिडोर पर सफर करने वाले लाखों नौकरीपेशा और आम यात्रियों के लिए एक बेहद शानदार और बड़ी खबर आई है। नमो भारत (Namo Bharat Rapid Rail) नेटवर्क पर यात्रियों की लगातार बढ़ती रिकॉर्ड संख्या को देखते हुए नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (NCRTC) ने भविष्य के लिए एक मेगा एक्शन प्लान तैयार कर लिया है। पीटीआई (PTI) को दिए एक खास इंटरव्यू में एनसीआरटीसी के मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) शलभ गोयल ने खुलासा किया है कि वर्तमान में नमो भारत कॉरिडोर पर रोजाना करीब 1 लाख से अधिक यात्री सफर कर रहे हैं, जो एक बड़ी उपलब्धि है।
शलभ गोयल ने बताया कि इस समय कॉरिडोर पर ट्रेनें करीब 10 मिनट के गैप (अंतराल) में चल रही हैं। लेकिन आगामी दिनों में यात्रियों की भारी डिमांड और जरूरत के हिसाब से इस वेटिंग टाइम और फ्रीक्वेंसी को घटाकर सिर्फ 3 मिनट किया जा सकता है। इस पूरे रैपिड रेल कॉरिडोर को इस एडवांस तरीके से डिजाइन किया गया है कि इसमें भविष्य की जरूरतों के मुताबिक क्षमता और ट्रेनों की संख्या बढ़ाने की पूरी गुंजाइश मौजूद है।
जरूरत पड़ने पर हर 3 मिनट में मिलेगी नमो भारत ट्रेन, बढ़ाई गईं 18 एक्स्ट्रा ट्रिप्स
एनसीआरटीसी के एमडी शलभ गोयल ने बताया कि उनकी टीम लगातार पूरे कॉरिडोर पर यात्रियों की आवाजाही और मांग का बारीकी से आकलन करती है और उसी के आधार पर परिचालन व्यवस्था में बड़े बदलाव किए जाते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्तमान में 10 मिनट का अंतराल यात्रियों के लिहाज से काफी आरामदायक है, लेकिन भविष्य में जैसे ही भीड़ बढ़ेगी, इन ट्रेनों की फ्रीक्वेंसी को बढ़ाकर 3 मिनट करने की पूरी फ्लेक्सिबिलिटी (लचीलापन) सिस्टम में मौजूद है। यात्रियों की इसी बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए कॉर्पोरेशन ने हाल ही में सराय काले खां और मेरठ साउथ (Meerut South) के बीच पीक आवर्स के दौरान 18 एक्स्ट्रॉ ट्रिप्स की शुरुआत कर दी है, जिससे यात्रियों का समय बच रहा है।
अब तक 3.5 करोड़ यात्रियों ने किया सफर, 100% ‘मेक इन इंडिया’ ट्रेनें
एमडी ने राइडरशिप के आंकड़े साझा करते हुए बताया कि इस सेमी-हाई-स्पीड नेटवर्क पर यात्रियों का भरोसा लगातार बढ़ रहा है। हर दिन करीब 1 लाख यात्री इस आधुनिक नेटवर्क के जरिए अपनी मंजिल तक पहुंच रहे हैं। इस कॉरिडोर की शुरुआत से लेकर अब तक रिकॉर्ड 3.5 करोड़ यात्री नमो भारत से सफर तय कर चुके हैं। एक और गर्व की बात यह है कि नमो भारत की 100 प्रतिशत ट्रेनसेट पूरी तरह से भारत में, गुजरात के सावली में बनाई गई हैं, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मेक इन इंडिया’ विजन का एक बेहतरीन उदाहरण हैं।
सराय काले खां में ट्रेवलेटर लगते ही 30% बढ़े यात्री, मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी ने बदला अंदाज
NCRTC का मुख्य फोकस नमो भारत स्टेशनों को सार्वजनिक परिवहन के अन्य साधनों जैसे भारतीय रेलवे, दिल्ली मेट्रो सिस्टम, आईएसबीटी (ISBT) और सिटी बस सेवाओं के साथ सीधे तौर पर इंटिग्रेट करने पर रहा है। मई 2026 में सराय काले खां नमो भारत स्टेशन को हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन से जोड़ने वाले अत्याधुनिक ट्रेवलेटर (Travellator) से लैस फुट ओवर ब्रिज के चालू होने के बाद से यहां यात्रियों की संख्या में करीब 30 प्रतिशत का बंपर उछाल देखा गया है।
इसी तरह न्यू अशोक नगर और गाजियाबाद नमो भारत स्टेशनों को भी विशेष फुट ओवर ब्रिज के माध्यम से सीधे मेट्रो स्टेशनों के साथ जोड़ दिया गया है। वहीं आनंद विहार स्टेशन एक ही जगह पर रेलवे, आईएसबीटी, दिल्ली मेट्रो और बसों के लिए सबसे बेहतरीन इंटरचेंज की सुविधा देता है। इन प्रयासों से व्यस्त सड़कों पर पैदल चलने वालों की आवाजाही कम हुई है और जाम का एक सुरक्षित और लंबे समय का समाधान मिला है। ऐसे मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी वाले स्टेशनों का कॉरिडोर की कुल राइडरशिप में लगभग 40 प्रतिशत का बड़ा योगदान है।
दुनिया की पहली सबसे एडवांस सिग्नलिंग तकनीक का इस्तेमाल
तकनीक के मामले में भी नमो भारत ने दुनिया भर में अपना लोहा मनवाया है। एनसीआरटीसी ने इस कॉरिडोर में कई विश्वस्तरीय तकनीकों का पहली बार इस्तेमाल किया है। इसमें वैश्विक रेल नेटवर्क के इतिहास में पहली बार LTE रेडियो सिग्नलिंग टेक्नोलॉजी पर ‘ETCS लेवल 2 हाइब्रिड लेवल 3’ सिग्नलिंग सिस्टम को सफलतापूर्वक लागू किया गया है। यह भारतीय परिस्थितियों के पूरी तरह अनुकूल और बेस्ट-इन-क्लास स्टैंडर्ड पर आधारित है। इस बेहतरीन तकनीकी अनुभव के दम पर अब एनसीआरटीसी देश के साथ-साथ विदेशों में भी ऐसे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में अपना योगदान देने के लिए पूरी तरह से तैयार है।
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