
दीपावली और छठ पूजा के पावन त्योहारों के मद्देनजर खाद्य एवं रसद विभाग ने नवंबर महीने के मुफ्त खाद्यान्न वितरण का आधिकारिक शेड्यूल लागू कर दिया है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) और प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत पात्र राशन कार्डधारकों को त्योहारों की खुशियों के बीच समय पर राशन उपलब्ध कराने के लिए कोटे की दुकानों पर वितरण प्रक्रिया 6 नवंबर से प्रारंभ कर दी गई है, जो 30 नवंबर तक निरंतर चलेगी। त्योहारी सीजन में किसी भी परिवार को अनाज की कमी का सामना न करना पड़े, इसके लिए राशन दुकानों पर पर्याप्त स्टॉक पहुंचा दिया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अंतिम तारीख का इंतजार किए बिना कार्डधारक समय रहते अपनी नजदीकी सरकारी उचित दर दुकान (फेयर प्राइस शॉप) पर जाकर अपना निर्धारित कोटा प्राप्त कर लें, ताकि अंतिम दिनों में सर्वर और भीड़ की समस्या से बचा जा सके।
खाद्य विभाग के मानकों के अनुसार, राशन कार्ड की श्रेणी के आधार पर खाद्यान्न का आवंटन तय किया गया है:
-
अंत्योदय राशन कार्ड (AAY): अत्यंत निर्धन परिवारों के लिए जारी अंत्योदय कार्ड पर प्रति कार्ड कुल 35 किलोग्राम मुफ्त खाद्यान्न प्रदान किया जा रहा है। इसमें 14 किलो गेहूं और 21 किलो फोर्टिफाइड चावल (या कुछ जिलों में निर्धारित अनुपात 21 किलो गेहूं और 14 किलो चावल) शामिल है।
-
पात्र गृहस्थी राशन कार्ड (PHH): इस श्रेणी के कार्डधारकों को परिवार में दर्ज सदस्यों (यूनिट) की संख्या के आधार पर प्रति यूनिट 5 किलोग्राम मुफ्त राशन मिलता है। इसके अंतर्गत प्रति यूनिट 2 से 3 किलो गेहूं और शेष मात्रा में पौष्टिक फोर्टिफाइड चावल का वितरण किया जा रहा है। उदाहरण के तौर पर, यदि किसी परिवार के कार्ड में 5 सदस्य दर्ज हैं, तो उन्हें 25 किलो खाद्यान्न पूरी तरह निःशुल्क मिलेगा।
भीड़ नियंत्रण और सुगम वितरण के लिए सरकारी राशन दुकानों को प्रतिदिन दो पालियों में संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं:
-
प्रथम पाली (सुबह): प्रातः 8:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक।
-
द्वितीय पाली (दोपहर/शाम): दोपहर 2:00 बजे से सायं 6:00 बजे तक।
दुकानों पर ई-पॉस (e-PoS) मशीनों के माध्यम से आधार आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन (फिंगरप्रिंट या आइरिस स्कैन) के बाद ही पारदर्शी तरीके से राशन दिया जा रहा है।
खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग ने सभी राशन कार्डधारकों को सख्त निर्देश जारी किए हैं कि परिवार में दर्ज प्रत्येक सदस्य का e-KYC सत्यापन पूरा होना अनिवार्य है। फर्जी यूनिट्स और अपात्र लाभार्थियों को सूची से बाहर करने के उद्देश्य से यह प्रक्रिया चलाई जा रही है। लाभार्थी राशन लेते समय ही कोटेदार की ई-पॉस मशीन पर अपने अंगूठे का निशान लगाकर अपना सत्यापन निःशुल्क करा सकते हैं। जिन सदस्यों का आधार सत्यापन लंबित रहेगा, भविष्य में उनकी यूनिट का खाद्यान्न रोक दिया जाएगा, इसलिए परिवार के सभी सदस्यों की ई-केवाईसी समय रहते पूरी करा लें।
त्योहारों के अवसर पर घर लौटे या अन्य शहरों में कार्यरत प्रवासी श्रमिकों के लिए ‘वन नेशन वन राशन कार्ड’ (ONORC) की पोर्टेबिलिटी सुविधा सक्रिय है। लाभार्थी देश या राज्य के किसी भी हिस्से में अपनी नजदीकी राशन दुकान पर जाकर आधार प्रमाणीकरण के जरिए अपने हिस्से का राशन प्राप्त कर सकते हैं। यदि कोई कोटेदार घटतौली (कम तौलना) करता है या राशन देने से इनकार करता है, तो उपभोक्ता खाद्य विभाग के राज्य स्तरीय टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1967 या 1800-1800-150 पर तत्काल अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। जांच में दोषी पाए जाने वाले कोटेदारों के लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निरस्त करने का कड़ा प्रावधान है।
girls globe
