
दिल्ली-एनसीआर में त्योहारों के सीजन से पहले प्याज और चीनी की बढ़ती कीमतों ने आम आदमी की रसोई का बजट बिगाड़ दिया था। खुदरा बाजार में प्याज 60 से 70 रुपये प्रति किलो और चीनी के भाव में भी भारी उछाल देखने को मिल रहा था। इसे देखते हुए दिल्ली सरकार ने मंगलवार को एक हाई-लेवल समीक्षा बैठक बुलाई और राजधानी के उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए अहम फैसले लिए। सरकार ने साफ कर दिया है कि जनता पर महंगाई का अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ने दिया जाएगा।
NAFED से सीधा माल खरीदेगी सरकार, ट्रांसपोर्ट का खर्च खुद उठाएगी
दिल्ली सरकार ने फैसला किया है कि वह नेशनल एग्रीकल्चरल कोऑपरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (NAFED) से प्याज और चीनी सीधे खरीदेगी। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अनुसार, सरकार NAFED से जिस लागत मूल्य पर प्याज और चीनी लेगी, उसी रियायती भाव पर इसे आम जनता को बेचेगी। इस पूरी प्रक्रिया में आने वाला ढुलाई (ट्रांसपोर्टेशन) और ऑपरेशनल खर्च दिल्ली सरकार खुद वहन करेगी, ताकि उपभोक्ताओं को एक भी अतिरिक्त रुपया न देना पड़े।
नासिक से दिल्ली पहुंची ‘कांदा एक्सप्रेस’, ₹35 प्रति किलो मिलेगा प्याज
राजधानी में प्याज की आपूर्ति को तत्काल सुधारने के लिए केंद्र और राज्य स्तर पर तालमेल बिठाया गया है। महाराष्ट्र के नासिक बफर स्टॉक से लगभग 800 मीट्रिक टन प्याज लेकर विशेष मालगाड़ी ‘कांदा एक्सप्रेस’ दिल्ली पहुंच रही है। इस प्याज को रियायती दर पर जनता को उपलब्ध कराया जा रहा है ताकि खुदरा मंडियों में कीमतें तुरंत नीचे आएं।
सस्ता प्याज और चीनी कहां और कैसे खरीदें?
दिल्ली में रहने वाले उपभोक्ता निम्नलिखित आधिकारिक केंद्रों और सरकारी नेटवर्कों से रियायती दरों पर प्याज और चीनी प्राप्त कर सकते हैं:
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NAFED और NCCF आउटलेट्स: नेफेड और नेशनल को-ऑपरेटिव कंज्यूमर्स फेडरेशन (NCCF) के अधिकृत स्टोरों पर प्याज 35 रुपये प्रति किलो की दर से उपलब्ध रहेगा।
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केंद्रीय भंडार: दिल्ली के सभी प्रमुख केंद्रीय भंडार काउंटरों पर रियायती स्टॉक पहुंचाया जा रहा है।
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मोबाइल वैन और भारत ब्रांड आउटलेट्स: भीड़भाड़ वाले आवासीय इलाकों, अनधिकृत कॉलोनियों और प्रमुख चौराहों पर नेफेड और एनसीसीएफ की मोबाइल वैन चलाई जाएंगी।
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फेयर प्राइस शॉप्स (FPS): जरूरत पड़ने पर राशन नेटवर्क और सरकारी वितरण केंद्रों के जरिए चीनी को भी लगभग 35 रुपये प्रति किलो के तय दायरे में बेचने की तैयारी की गई है।
जमाखोरों और मुनाफाखोरों पर शिकंजा, स्पेशल टीमों का गठन
सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश में प्याज और चीनी का पर्याप्त उत्पादन और बफर स्टॉक मौजूद है, इसलिए बाजार में किसी भी तरह की वास्तविक किल्लत नहीं है। कुछ बिचौलियों और बड़े व्यापारियों द्वारा त्योहारों के नाम पर कृत्रिम कमी (Artificial Shortage) पैदा करने की कोशिश की जा रही थी।
इस पर लगाम लगाने के लिए प्रशासन ने खाद्य सुरक्षा और राजस्व विभाग की स्पेशल इंस्पेक्शन टीमें गठित की हैं। ये टीमें दिल्ली की थोक मंडियों (जैसे आजादपुर, गाजीपुर, ओखला) और बड़े गोदामों में औचक छापेमारी करेंगी। तय सीमा से अधिक स्टॉक छिपाकर रखने वाले जमाखोरों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यदि आप दिल्ली-एनसीआर में हैं और आपके नजदीकी बाजार में कोई व्यापारी निर्धारित सीमा से अधिक मुनाफाखोरी या जमाखोरी कर रहा है, तो आप उपभोक्ता मामलों के हेल्पलाइन नंबर पर इसकी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
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