
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की डीटीसी और क्लस्टर बसों में मुफ्त यात्रा करने वाली महिला यात्रियों के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण और जरूरी खबर है। आगामी 1 अगस्त से दिल्ली में मुफ्त बस सेवा का लाभ उठाने की प्रक्रिया पूरी तरह बदलने जा रही है। अगर महिलाओं ने तय समय-सीमा के भीतर अपना नया ‘पिंक सहेली’ स्मार्ट कार्ड नहीं बनवाया, तो वे 1 अगस्त से इस फ्री बस सेवा का लाभ नहीं उठा पाएंगी। दिल्ली सरकार और दिल्ली परिवहन निगम (DTC) ने अब इस योजना के लिए स्मार्ट कार्ड को पूरी तरह अनिवार्य करने का फैसला लिया है।
एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, महिलाओं द्वारा इस नए कार्ड को बनवाने की रफ्तार फिलहाल काफी धीमी है। महिलाओं को जागरूक करने और जल्द से जल्द कार्ड बनवाने के लिए डीटीसी ने बसों में एक विशेष अभियान शुरू किया है। इसके तहत बस कंडक्टर और अधिकारी यात्रा कर रही महिलाओं को ‘पिंक सहेली’ स्मार्ट कार्ड के लिए तुरंत आवेदन करने की सलाह दे रहे हैं।
1 अगस्त से पेपर टिकट बंद, बस में चढ़ते ही करना होगा कार्ड ‘टैप’
दिल्ली परिवहन निगम (DTC) ने अपने आधिकारिक आदेश में स्पष्ट कहा है, “1 अगस्त से बसों में मिलने वाले पेपर-बेस्ड (कागज वाले) पिंक टिकट की व्यवस्था को पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा। नए नियम के तहत पिंक टिकट सिर्फ उन्हीं महिला यात्रियों को जारी किए जाएंगे, जिनके पास एक वैलिड ‘पिंक सहेली’ स्मार्ट कार्ड होगा। बस में सफर शुरू करते समय महिलाओं को इलेक्ट्रॉनिक मशीन पर यह कार्ड टैप करना अनिवार्य होगा।”
परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, दिल्ली की परिवहन व्यवस्था को डिजिटल और हाई-टेक बनाने के लिए मौजूदा कागजी टिकट सिस्टम को धीरे-धीरे खत्म करके पूरी तरह स्मार्ट कार्ड-बेस्ड ट्रांजिट सिस्टम में बदला जा रहा है। जिन महिलाओं के पास यह कार्ड उपलब्ध होगा, वे पहले की तरह ही योजना के नियमों के अनुसार मुफ्त यात्रा का लाभ उठाती रहेंगी।
बिना कार्ड के सफर करने पर जेब से देना होगा पूरा किराया
अगर कोई महिला यात्री 1 अगस्त के बाद बिना ‘पिंक सहेली’ स्मार्ट कार्ड के डीटीसी या DoT (क्लस्टर) बसों में यात्रा करती है, तो उसे कोई मुफ्त पिंक टिकट नहीं दिया जाएगा। ऐसी स्थिति में महिला यात्रियों को एक सामान्य यात्री की तरह दूरी के हिसाब से लागू किराया चुकाकर साधारण टिकट खरीदना होगा।
इस व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए दिल्ली सरकार ने पूरी दिल्ली में 50 ऑथराइज्ड सेंटर (अधिकृत केंद्र) बनाए हैं। सभी योग्य महिलाएं परिवहन विभाग और डीटीसी द्वारा निर्धारित इन काउंटरों पर जाकर बेहद आसानी से अपना ‘पिंक सहेली’ स्मार्ट कार्ड प्राप्त कर सकती हैं।
जुलाई के आखिर तक 13 लाख कार्ड बांटने का बड़ा लक्ष्य
दिल्ली सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, अब तक पूरे शहर में लगभग 11 लाख ‘पिंक सहेली’ स्मार्ट कार्ड बांटे जा चुके हैं। सरकार ने जुलाई के आखिर तक इस संख्या को 13 लाख तक पहुंचाने का एक बड़ा लक्ष्य रखा है। जैसे ही यह लक्ष्य पूरा होगा, अगस्त की शुरुआत से ही इस डिजिटल व्यवस्था को पूरी तरह लागू कर दिया जाएगा। दिल्ली की महिला यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे अंतिम समय की भीड़ और परेशानी से बचने के लिए नजदीकी केंद्र पर जाकर तुरंत अपना कार्ड रीन्यू या नया अप्लाई कर लें।
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