
अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम और उसकी डी-कंपनी के वित्तीय तंत्र पर केंद्रीय जांच एजेंसियों के कड़े शिकंजे के बीच महाराष्ट्र के ठाणे से एक बेहद चौंकाने वाला और दुस्साहसिक मामला सामने आया है। जबरन वसूली और मनी लॉन्ड्रिंग के संगीन मुकदमों में जेल में बंद दाऊद के छोटे भाई इकबाल कासकर के जिस फ्लैट को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कानूनी प्रक्रिया के तहत कुर्क किया था, उस पर कुछ अज्ञात असमाजिक तत्वों ने जबरन कब्जा करने की कोशिश की। सरकारी सील और नोटिस बोर्ड को नजरअंदाज करते हुए आरोपियों ने फ्लैट का मुख्य ताला तोड़ डाला और केंद्रीय एजेंसी के कब्जे वाले आधिकारिक नोटिस को फाड़कर फेंक दिया। इस हिमाकत की जानकारी मिलते ही जांच एजेंसी के अधिकारियों के होश उड़ गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए ईडी ने तत्काल विशेष पीएमएलए अदालत का दरवाजा खटखटाया, जिसके बाद अदालत के कड़े रुख और मिले स्पष्ट निर्देशों के आधार पर पुलिस बल की मौजूदगी में न केवल फ्लैट का कब्जा दोबारा हासिल किया गया, बल्कि ताला तोड़ने वालों के खिलाफ ठाणे के संबंधित थाने में गैर-जमानती धाराओं के तहत एफआईआर भी दर्ज कराई गई है।
इस पूरे विवाद की जड़ें अंडरवर्ल्ड के रंगदारी और अवैध वित्तीय नेटवर्क से जुड़ी हुई हैं। प्रवर्तन निदेशालय के मुंबई जोनल कार्यालय-1 की विशेष वित्तीय जांच शाखा ने वर्ष 2022 में अंडरवर्ल्ड के खिलाफ एक बड़ा अभियान छेड़ा था। इसी दौरान दाऊद इब्राहिम, उसके गुर्गों और उसके भाई इकबाल कासकर के खिलाफ प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत दर्ज मामलों की पड़ताल करते हुए ठाणे स्थित इस आलीशान आवासीय फ्लैट को अपराध की कमाई (प्रोसीड्स ऑफ क्राइम) से जुड़ा पाया गया था। आवश्यक कानूनी साक्ष्य जुटाने के बाद केंद्रीय एजेंसी ने अदालत के आदेश पर इस फ्लैट को प्रोविजनल तौर पर अटैच (कुर्क) कर दिया था। कुर्की की इस कार्रवाई के बाद फ्लैट के मुख्य दरवाजे पर ईडी का आधिकारिक ताला लगा दिया गया था और बाहर एक विस्तृत चेतावनी नोटिस चस्पा कर दिया गया था, जिसमें साफ तौर पर उल्लेख था कि इस संपत्ति की खरीद-बिक्री, उपयोग या इसमें प्रवेश करना कानूनन दंडनीय अपराध है।
कई वर्षों तक एजेंसी के प्रत्यक्ष नियंत्रण में रहने के बाद हाल ही में जब ईडी के अधिकारी नियमित निगरानी और भौतिक सत्यापन के सिलसिले में ठाणे की इस इमारत में पहुंचे, तो वहां का नजारा देखकर दंग रह गए। जांच टीम को पता चला कि कुछ असामाजिक तत्वों ने सरकारी आदेशों की धज्जियां उड़ाते हुए फ्लैट का आधिकारिक सील-ताला हथौड़े से तोड़ दिया था और बाहर लगा चेतावनी नोटिस उखाड़ फेंका था। प्राथमिक तौर पर ऐसा प्रतीत हुआ कि अंडरवर्ल्ड के संपर्कों या स्थानीय भू-माफियाओं की मदद से इस कुर्क संपत्ति पर अवैध कब्जा करने और उसे पिछले दरवाजे से अपने नियंत्रण में लेने की सुनियोजित साजिश रची जा रही थी। केंद्रीय एजेंसी की सील तोड़कर सरकारी संपत्ति में जबरन घुसने की इस हरकत को कानून के शासन को सीधी चुनौती के रूप में देखा गया, जिसके तुरंत बाद अधिकारियों ने मौके का मुआयना कर पंचनामा तैयार किया और सारे साक्ष्य संकलित किए।
सरकारी ताला टूटने और अनधिकृत घुसपैठ की पुष्टि होने के बाद प्रवर्तन निदेशालय ने बिना किसी देरी के पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट तैयार की और इसे मुंबई स्थित विशेष पीएमएलए अदालत के समक्ष पेश किया। अदालत ने मामले की गंभीरता को अत्यंत संवेदनशील माना और केंद्रीय जांच एजेंसी के अधिकारियों को स्पष्ट आदेश दिया कि कानून व्यवस्था बनाए रखते हुए जरूरत पड़ने पर स्थानीय पुलिस बल की पूरी सहायता ली जाए और संपत्ति पर एजेंसी का भौतिक कब्जा तुरंत बहाल किया जाए। अदालत के निर्देशों का अक्षरशः पालन करते हुए ईडी की एक उच्चस्तरीय टीम ने ठाणे पुलिस के जवानों, स्वतंत्र गवाहों (पंचों) और वीडियोग्राफरों की मौजूदगी में उस विवादित फ्लैट पर दोबारा धावा बोला। मौके पर विधिक प्रक्रिया का पालन करते हुए पुराने टूटे ताले की जगह नया मजबूत ताला लगाया गया, चाबियों को आधिकारिक सुरक्षा में लिया गया और संपत्ति पर एजेंसी का कब्जा पुनः स्थापित किया गया।
कब्जा बहाली के साथ ही जांच एजेंसी ने इस दुस्साहस को अंजाम देने वाले चेहरों को बेनकाब करने के लिए कानूनी शिकंजा कस दिया है। 15 अक्टूबर को ठाणे के कासारवडवली पुलिस थाने में अज्ञात आरोपियों और उनके पर्दे के पीछे बैठे संरक्षकों के खिलाफ आधिकारिक रूप से भारतीय न्याय संहिता और संबंधित अधिनियमों के तहत एफआईआर दर्ज करा दी गई है। ठाणे पुलिस और साइबर सेल अब आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है ताकि ताला तोड़ने वालों और इमारत में संदिग्ध रूप से आने-जाने वाले व्यक्तियों की पहचान की जा सके। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि क्या इस घुसपैठ के तार जेल में बंद इकबाल कासकर के करीबियों से जुड़े हैं या फिर किसी स्थानीय गिरोह ने कुर्क फ्लैट को हड़पने की योजना बनाई थी। वहीं दूसरी ओर, ईडी ने फ्लैट के मुख्य द्वार पर एक नया, सख्त और बड़ा चेतावनी नोटिस बोर्ड चस्पा कर दिया है, जिसमें स्पष्ट किया गया है कि यदि भविष्य में किसी ने भी इस संपत्ति से छेड़छाड़ करने का प्रयास किया तो उसके खिलाफ कठोरतम आपराधिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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