जेल की सजा मिलने के बाद राजपाल यादव का पहला पोस्ट, अक्षय कुमार के साथ आए नजर; वकील ने बताया अब क्या होगा आगे

बॉलीवुड के मशहूर कॉमेडियन और बेहतरीन एक्टर राजपाल यादव इन दिनों अपनी जिंदगी के सबसे मुश्किल और चुनौतीपूर्ण कानूनी दौर से गुजर रहे हैं, लेकिन मुश्किलों के बीच भी उन्हें खुद को सकारात्मक बनाए रखने का हुनर अच्छे से आता है. चेक बाउंस (Cheque Bounce Case) के एक पुराने मामले में दिल्ली हाई कोर्ट द्वारा तीन महीने की जेल की सजा बरकरार रखे जाने और उनके आचरण पर सवाल उठाए जाने के बाद भी इस कलाकार ने हिम्मत नहीं हारी है. चारों तरफ फैली इस नेगेटिविटी के बीच राजपाल यादव ने सोशल मीडिया पर अपनी चुप्पी तोड़ते हुए अपना पहला पोस्ट शेयर किया है.

अक्षय कुमार के साथ वीडियो वायरल, फैंस ने दिया साथ

राजपाल यादव ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम (Instagram) हैंडल पर एक नया वीडियो पोस्ट किया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. यह वीडियो दरअसल एक नामी मसाला ब्रांड के कमर्शियल विज्ञापन (Ad) का है, जिसमें वह बॉलीवुड के खिलाड़ी अक्षय कुमार के साथ नजर आ रहे हैं.

  • क्या है वीडियो में: वीडियो की शुरुआत में अक्षय कुमार महिलाओं के एक ग्रुप को बेहद लजीज व्यंजनों से सजी थाली परोसते हैं. अक्षय को खाना बनाते देख महिलाएं इतनी खुश होती हैं कि उनका हाथ चूमने तक की इजाजत मांगने लगती हैं.

  • कहानी में ट्विस्ट: तभी किचन का एप्रन पहने राजपाल यादव की एंट्री होती है और अक्षय कुमार सबको सच बताते हैं कि यह सारा स्वाद उनके नहीं, बल्कि राजपाल यादव के हाथों और उनके खास मसाले का जादू है. इस पोस्ट के कमेंट बॉक्स में फैंस राजपाल का हौसला बढ़ाते हुए उनका जमकर सपोर्ट कर रहे हैं.

वकील का बड़ा बयान: जेल जाने के लिए कोर्ट से मिली 2 महीने की मोहलत

एक तरफ जहां राजपाल यादव सोशल मीडिया पर एक्टिव हैं, वहीं दूसरी तरफ उनके वकील भास्कर उपाध्याय ने कोर्ट के बाहर आकर मीडिया से बातचीत में केस की मौजूदा स्थिति साफ की. वकील ने बताया कि कोर्ट ने उनके द्वारा पहले जमा किए गए करीब ₹2.5 करोड़ को स्वीकार करते हुए, उसे कुल ₹11 से ₹11.5 करोड़ के बकाये में जोड़ने की बात कही है. जब मीडिया ने वकील से पूछा कि क्या राजपाल यादव को अब तुरंत जेल जाना पड़ेगा? तो उन्होंने जवाब दिया:

“हमने कोर्ट से कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के लिए कुछ वक्त की मांग की थी, जिसे स्वीकार करते हुए जज साहब ने हमें दो महीने की मोहलत दे दी है. इसलिए अगले दो महीनों तक राजपाल यादव जेल नहीं जा रहे हैं. हम कोर्ट के इस आदेश की कॉपी का गहन अध्ययन करेंगे और आगे की कानूनी समीक्षा (Review) की तैयारी करेंगे.”

साल 2010 से शुरू हुआ था विवाद, जानें क्या है पूरा चेक बाउंस मामला?

यह पूरा कानूनी विवाद साल 2010 में शुरू हुआ था, जब राजपाल यादव ने बतौर डायरेक्टर अपनी पहली बॉलीवुड फिल्म ‘अता पता लापता’ बनाने का फैसला किया था. फिल्म के निर्माण के लिए उन्होंने मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से ₹5 करोड़ का बिजनेस लोन लिया था. बदकिस्मती से यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह फ्लॉप हो गई और राजपाल यादव कर्ज की रकम समय पर नहीं लौटा पाए. इसके बाद पैसे चुकाने के लिए उन्होंने जो चेक दिए थे, वे बैंक में बाउंस हो गए और ब्याज जुड़ते-जुड़ते यह पूरी रकम ₹9 करोड़ के पार पहुंच गई.

मजिस्ट्रेट कोर्ट से लेकर तिहाड़ जेल तक का सफर

इस मामले में साल 2018 में मजिस्ट्रेट कोर्ट ने राजपाल यादव और उनकी पत्नी राधा को दोषी ठहराते हुए 6 महीने की जेल की सजा सुनाई थी. साल 2019 में सेशंस कोर्ट ने भी इस फैसले को सही माना, जिसके खिलाफ राजपाल ने दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. जून 2024 में हाई कोर्ट ने सजा पर रोक लगाते हुए रकम चुकाने का आदेश दिया था. इसके बाद कानूनी पचड़ों के चलते राजपाल यादव को फरवरी 2025 में कोर्ट के आदेश पर तिहाड़ जेल (Tihar Jail) में सरेंडर करना पड़ा था. हालांकि, करीब 11 दिनों तक जेल में रहने और ₹1.5 करोड़ की अतिरिक्त राशि जमा करने के बाद उन्हें कोर्ट से अंतरिम जमानत मिल गई थी. अब देखना यह होगा कि 2 महीने की मोहलत के बाद इस हाई-प्रोफाइल केस में क्या नया मोड़ आता है.