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जिम्बाब्वे का सूपड़ा साफ: भारत ने 92 रनों से जीता तीसरा टी20 मुकाबला, हरमनप्रीत-शेफाली की आंधी में उड़ा मेहमान दल

भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने अपने शानदार और आक्रामक खेल का प्रदर्शन करते हुए जिम्बाब्वे के खिलाफ खेली गई तीन मैचों की टी20 सीरीज (IND vs ZIM Women T20 Series) में इतिहास रच दिया है। रायपुर के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में मंगलवार को खेले गए तीसरे और अंतिम टी20 मुकाबले में टीम इंडिया ने जिम्बाब्वे की टीम को 92 रनों के एक विशाल अंतर से करारी शिकस्त दी। इस शानदार जीत के साथ ही भारतीय महिला टीम ने सीरीज पर 3-0 से पूरी तरह कब्जा जमाते हुए जिम्बाब्वे का सूपड़ा साफ (Clean Sweep) कर दिया है। मैच की शुरुआत से लेकर अंत तक भारतीय खिलाड़ियों ने हर डिपार्टमेंट में अपना दबदबा बनाए रखा। कप्तान हरमनप्रीत कौर और विस्फोटक ओपनर शेफाली वर्मा की तूफानी पारियों ने इस मुकाबले को और भी ज्यादा रोमांचक बना दिया। आइए विस्तार से जानते हैं कि रायपुर में खेले गए इस आखिरी टी20 मैच की पूरी कहानी क्या रही और किस तरह भारतीय बेटियों ने मैदान पर अपना जलवा बिखेरा।

रायपुर में गरजा शेफाली वर्मा और हरमनप्रीत कौर का बल्ला, भारत ने खड़ा किया 216 रनों का पहाड़

टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय महिला क्रिकेट टीम की शुरुआत बेहद आक्रामक और धमाकेदार रही। पारी की शुरुआत करने उतरी युवा और विस्फोटक बल्लेबाज शेफाली वर्मा (Shafali Verma) ने मैदान के चारों तरफ चौकों और छक्कों की बरसात कर दी। शेफाली ने विरोधी गेंदबाजों की क्लास लगाते हुए महज 37 गेंदों पर ताबड़तोड़ 69 रनों की शानदार पारी खेली, जिसमें 6 बेहतरीन चौके और 5 गगनचुंबी छक्के शामिल थे। उनकी इस आक्रामक बैटिंग ने विपक्षी टीम के हौसले पहले ही ओवरों में पस्त कर दिए। शेफाली के अलावा अन्य बल्लेबाजों ने भी उपयोगी योगदान दिया, जिसमें अनुष्का शर्मा ने 20 गेंदों पर 28 रनों की तेज पारी खेलकर टीम को एक मजबूत आधार प्रदान किया।

इसके बाद क्रीज पर उतरी भारतीय महिला टीम की कप्तान और दिग्गज बल्लेबाज हरमनप्रीत कौर (Harmanpreet Kaur) ने अपने चिर-परिचित अंदाज में मैदान पर तबाही मचा दी। हरमनप्रीत ने जिम्बाब्वे के गेंदबाजी आक्रमण की धज्जियां उड़ाते हुए सिर्फ 41 गेंदों पर नाबाद 91 रनों की तूफानी पारी खेली। उनकी इस यादगार पारी में 10 शानदार चौके और 5 लंबे छक्के शामिल रहे। हालांकि वह अपने शतक से महज 9 रन दूर रह गईं, लेकिन उनकी इस करिश्माई पारी की बदौलत भारतीय टीम निर्धारित 20 ओवरों में 7 विकेट के नुकसान पर 216 रनों का विशाल स्कोर खड़ा करने में सफल रही, जो इस मैदान पर एक बहुत बड़ा लक्ष्य था।

217 रनों के लक्ष्य के दबाव में बिखर गई जिम्बाब्वे की बल्लेबाजी

भारतीय टीम द्वारा दिए गए 217 रनों के पहाड़ जैसे लक्ष्य का पीछा करने उतरी जिम्बाब्वे की महिला टीम पर शुरू से ही भारतीय गेंदबाजों का मानसिक दबाव साफ तौर पर दिखाई दे रहा था। जिम्बाब्वे की बल्लेबाज भारतीय पेस और स्पिन आक्रमण के सामने खुलकर एक भी बड़ा शॉट खेलने में संघर्ष करती नजर आईं। निर्धारित 20 ओवरों के खेल में जिम्बाब्वे की पूरी टीम कभी भी लक्ष्य के आसपास पहुंचती हुई नहीं दिखी।

पूरी पारी के दौरान जिम्बाब्वे के बल्लेबाज केवल 7 विकेट के नुकसान पर 124 रन ही बना सके। भारतीय गेंदबाजों ने कसी हुई गेंदबाजी करते हुए विपक्षी टीम को खुलकर रन बनाने का कोई मौका नहीं दिया। लगातार गिरते विकेटों के कारण जिम्बाब्वे की पारी पूरी तरह बिखर गई और टीम को 92 रनों के भारी-भरकम अंतर से हार का सामना करना पड़ा। इस जीत के साथ ही भारतीय गेंदबाजों ने यह साबित कर दिया कि उनका गेंदबाजी आक्रमण भी दुनिया में किसी भी टीम के खिलाफ पूरी तरह मजबूत है।

3-0 से सीरीज पर कब्जा कर भारतीय टीम ने किया क्लीन स्वीप

इस मुकाबले में मिली इस बड़ी जीत के साथ ही तीन मैचों की यह टी20 सीरीज पूरी तरह से भारत के नाम हो गई है। सीरीज के पहले मुकाबले में भारतीय टीम ने कड़े संघर्ष के बाद 4 विकेट से जीत दर्ज की थी, जबकि दूसरे मुकाबले में अपनी उत्कृष्ट फॉर्म दिखाते हुए 9 विकेट से एकतरफा जीत हासिल की थी। और अब तीसरे तथा अंतिम टी20 मैच में 92 रनों की इस ऐतिहासिक जीत के साथ भारत ने सीरीज में 3-0 से क्लीन स्वीप करते हुए मेहमान टीम का सूपड़ा साफ कर दिया।

यह दौरा भारतीय महिला क्रिकेट टीम के लिए युवा प्रतिभाओं को आजमाने और अपनी बेंच स्ट्रेंथ को मजबूत करने के लिहाज से बेहद सफल रहा है। इस पूरी सीरीज के दौरान खिलाड़ियों का प्रदर्शन और मैदान पर दिखाई गई उनकी ऊर्जा इस बात का प्रमाण है कि आने वाले समय में भारतीय महिला टीम वैश्विक स्तर पर और भी बड़े मुकाम हासिल करने के लिए पूरी तरह तैयार है।