जितेंद्र-जया प्रदा का वो जादुई गाना, जिसके बाद दुकानों से रातों-रात गायब हो गईं साड़ियां

बॉलीवुड के गलियारों में कई ऐसे गाने बने हैं जिन्होंने बॉक्स ऑफिस पर तो तहलका मचाया ही, साथ ही फैशन की दुनिया में भी एक नया इतिहास रच दिया। 80 के दशक के महानायक जितेंद्र और खूबसूरत अभिनेत्री जया प्रदा की जोड़ी पर्दे पर हमेशा से जादू बिखेरती थी। इन दोनों कलाकारों का एक ऐसा ही सुपरहिट गाना आज भी सिने प्रेमियों के जेहन में ताजा है, जो रिलीज होने के साथ ही देश भर में इस कदर छा गया था कि मार्केट में महिलाओं के बीच एक खास स्टाइल की साड़ियों की मांग अचानक आसमान छू गई थी। हालात यह हो गए थे कि कई शहरों की कपड़ों की दुकानों पर वह साड़ियां कम पड़ गईं और दुकानदारों को स्टॉक मंगवाने के लिए भारी मशक्कत करनी पड़ी थी।

पर्दे पर जब दिखा जितेंद्र और जया प्रदा का अनोखा अंदाज

अस्सी के दशक में जितेंद्र को उनकी शानदार डांस शैली और सफेद कपड़ों के लिए ‘जंपिंग जैक’ कहा जाता था, वहीं जया प्रदा अपनी दिलकश अदाओं और खूबसूरती के लिए जानी जाती थीं। जब भी यह जोड़ी किसी फिल्म में साथ आती थी, तो दर्शक सिनेमाघरों की ओर खिंचे चले आते थे। उनके इस आइकॉनिक गाने में न केवल बेहतरीन धुन और कोरियोग्राफी थी, बल्कि दोनों के बीच की गजब की केमिस्ट्री ने गाने में चार चांद लगा दिए थे। रिलीज के कुछ ही दिनों के भीतर यह गाना देश के हर नुक्कड़, रेडियो और टीवी पर गूंजने लगा था।

फैशन ट्रेंड बना गाना और दुकानों पर उमड़ी भीड़

इस गाने की सबसे बड़ी खासियत इसमें इस्तेमाल किया गया पहनावा और उसका अनूठा अंदाज था। गाने में जया प्रदा ने जो साड़ी पहनी थी और जिस तरह का स्टाइल दिखाया था, वह भारतीय महिलाओं के बीच तुरंत एक बड़ा फैशन ट्रेंड बन गया। हर महिला और युवती उस लुक को अपनाना चाहती थी। नतीजा यह हुआ कि अगले ही दिन से स्थानीय बाजारों और कपड़ों की दुकानों पर उसी डिजाइन और पैटर्न की साड़ियों की मांग अचानक बढ़ गई। डिमांड इतनी जबरदस्त थी कि दुकानदारों के पास रखा पूरा स्टॉक चंद घंटों में ही बिक गया और देखते ही देखते कई जगहों पर साड़ियां कम पड़ गईं।

आज भी याद किया जाता है सिनेमा का वह स्वर्णिम दौर

भले ही सिनेमा और फैशन का दौर बदल गया हो, लेकिन जितेंद्र और जया प्रदा के इस सुपरहिट गाने की लोकप्रियता आज भी कम नहीं हुई है। यह घटना इस बात का जीता-जागता उदाहरण है कि किस तरह बॉलीवुड की फिल्में और गाने भारतीय संस्कृति और बाजार को गहराई से प्रभावित करते हैं। आज भी जब इस गाने की धुन बजती है, तो पुराने दिन ताजा हो जाते हैं और वह दौर याद आ जाता है जब सिल्वर स्क्रीन का जादू सीधे आम जनजीवन के बाजारों पर असर डालता था।