
क्या आप भी अपनी कार महीने में सिर्फ कुछ ही दिन या कम किलोमीटर चलाते हैं और इसके बावजूद आपको हर साल हजारों रुपये का भारी-भरकम कार इंश्योरेंस प्रीमियम चुकाना पड़ता है? अगर हां, तो भारतीय बीमा नियामक और विकास प्राधिकरण (IRDAI) का नया ‘Pay As You Drive’ (PAYD) मॉडल आपके लिए गेम-चेंजर साबित होने वाला है। इस आधुनिक बीमा कॉन्सेप्ट के तहत अब आपको अपनी गाड़ी के सालभर के तय इस्तेमाल या तय किलोमीटर के हिसाब से प्रीमियम भरना होगा। यानी गाड़ी कम चलाएंगे, तो बीमा का खर्च भी कम आएगा। देश के वाहन चालकों और कार मालिकों के लिए यह व्यवस्था वित्तीय राहत की एक बहुत बड़ी सौगात बनकर आई है, जिससे मध्यम वर्ग के परिवारों का बजट संभलने लगा है और मोटर इंश्योरेंस सेक्टर में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है।
क्या है IRDAI का ‘Pay As You Drive’ मॉडल और कैसे करता है काम
बीमा सेक्टर के नियामक आईआरडीएआई (IRDAI) ने मोटर इंश्योरेंस नियमों में क्रांतिकारी संशोधन करते हुए इस यूजर-फ्रेंडली तकनीक आधारित कॉन्सेप्ट को बढ़ावा दिया है। पारंपरिक मोटर बीमा में क्या होता था कि चाहे आप अपनी कार को पूरे साल गैराज में खड़ी रखें या रोज केवल 2 किलोमीटर चलाएं, आपको एक फिक्स प्रीमियम देना ही पड़ता था। लेकिन ‘पे एज यू ड्राइव’ और ‘पे हाउ यू ड्राइव’ जैसे स्मार्ट प्लान्स के तहत वाहन चालकों को उनकी ड्राइविंग आदतों और तय की गई दूरी के आधार पर छूट दी जाती है। इस प्रकार के प्लान में कार के साथ एक टेलीमैटिक्स डिवाइस या कंपनी का अधिकृत ऐप जोड़ा जाता है, जो जीपीएस के जरिए यह ट्रैक करता है कि आपकी गाड़ी ने कुल कितने किलोमीटर का सफर तय किया है। इसके अलावा, तेज रफ्तार, अचानक ब्रेक लगाने जैसी ड्राइविंग स्किल्स को भी मॉनिटर किया जाता है, जिससे सुरक्षित ड्राइव करने वालों को बोनस डिस्काउंट का फायदा मिलता है।
कम इस्तेमाल करने वाले कार मालिकों के लिए क्यों वरदान है यह पॉलिसी
भारत के बड़े महानगरों से लेकर छोटे शहरों तक, बहुत से ऐसे कार मालिक हैं जिनकी गाड़ियां हफ्ते में केवल वीकेंड पर निकलती हैं या ऑफिस की दूरी कम होने के कारण उनका सालाना रनिंग बहुत कम होता है। ऐसे लोगों के लिए ट्रेडिशनल कंप्रिहेंसिव इंश्योरेंस बहुत महंगा सौदा साबित होता था क्योंकि वे गाड़ी कम चलाते थे लेकिन प्रीमियम दूसरों के बराबर भरते थे। आईआरडीएआई के इस स्मार्ट इंश्योरेंस प्लान के आने से अब कम रनिंग वाले कार ओनर्स सीधे तौर पर 20% से लेकर 40% तक की भारी बचत कर पा रहे हैं। बीमा कंपनियां अब अलग-अलग डिस्टेंस स्लैब ऑफर करती हैं, जैसे कि सालाना 2,500 किमी, 5,000 किमी, 7,500 किमी या 10,000 किमी तक की सीमा। यदि आपकी कार का उपयोग सीमित है, तो आप अपनी जरूरत के हिसाब से सबसे कम किलोमीटर वाला स्लैब चुनकर अपने बीमा खर्च को आधा कर सकते हैं।
पारंपरिक मोटर इंश्योरेंस से क्यों बेहतर और अलग है यह स्मार्ट प्लान
अगर पारंपरिक मोटर बीमा और आईआरडीएआई समर्थित इस नए स्मार्ट प्लान की तुलना की जाए, तो दोनों के बीच मुख्य अंतर पारदर्शिता और फ्लेक्सिबिलिटी का है। पुरानी पद्धति में बीमा का प्रीमियम सिर्फ गाड़ी की इंजन क्षमता (CC) और उसकी आईडीवी (IDV) यानी बाजार मूल्य के आधार पर तय होता था, चाहे गाड़ी सड़क पर चले या न चले। इसके विपरीत, स्मार्ट प्लान में ड्राइवर के वास्तविक उपयोग को प्राथमिकता दी जाती है। बाजार में कई दिग्गज जनरल इंश्योरेंस कंपनियां अब इस विकल्प को अपने ग्राहकों के लिए बेहद सहज बना चुकी हैं। पॉलिसीधारक अपनी सुविधा के अनुसार अपने ऐप से ही किलोमीटर का टॉप-अप भी करवा सकते हैं यदि उन्हें कभी अचानक लंबी यात्रा पर जाना पड़ जाए। यह पूरी प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल, पारदर्शी और उपभोक्ता के अनुकूल है, जिससे बीमा कंपनियों और ग्राहकों दोनों के बीच भरोसा मजबूत हो रहा है।
इंश्योरेंस इंडस्ट्री पर इसका प्रभाव और भविष्य का रुख
बीमा बाजार के जानकारों का मानना है कि आईआरडीएआई का यह कदम भारत के ऑटोमोबाइल और इंश्योरेंस सेक्टर दोनों के लिए मील का पत्थर साबित हो रहा है। जैसे-जैसे देश में स्मार्ट गाड़ियां और कनेक्टेड कार टेक्नोलॉजी बढ़ रही है, वैसे-वैसे यूसेज-बेस्ड इंश्योरेंस की मांग तेजी से ऊपर जा रही है। इससे न केवल सड़कों पर अनावश्यक वाहनों के चलने से होने वाले प्रदूषण और ट्रैफिक दबाव पर मनोवैज्ञानिक लगाम लगती है, बल्कि लोग अपनी गाड़ियों को सुरक्षित ढंग से चलाने के लिए भी प्रेरित होते हैं। सुरक्षित ड्राइविंग करने वाले ग्राहकों को कम दुर्घटनाओं के रिकॉर्ड के आधार पर रिन्यूअल के वक्त अतिरिक्त छूट मिलती है। कुल मिलाकर, यह ‘स्मार्ट प्लान’ कार मालिकों के लिए अपनी जेब बचाने और एक आधुनिक तकनीक का हिस्सा बनने का सबसे बेहतरीन और व्यावहारिक जरिया बन चुका है, जिससे हर साल हजारों रुपये की सीधी बचत हो रही है।
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