
जम्मू-कश्मीर के पीर पंजाल क्षेत्र से कुदरत के कहर की बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली तस्वीरें सामने आ रही हैं। पुंछ और राजौरी जिलों में रविवार को हुई भीषण मूसलाधार बारिश, अचानक आई बाढ़ (फ्लैश फ्लड) और बड़े पैमाने पर हुए भूस्खलन ने भारी तबाही मचाई है। पहाड़ों से आए पानी, मलबे और पत्थरों के तेज सैलाब ने देखते ही देखते दर्जनों आशियानों को अपनी चपेट में ले लिया। इस प्राकृतिक आपदा में अब तक कम से कम 14 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि मलबे में दबे कई लोगों की तलाश जारी है। हालात की गंभीरता को देखते हुए कटरा में श्री माता वैष्णो देवी, अमरनाथ और शिव खोड़ी यात्राओं को एहतियातन अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला अपना दिल्ली दौरा छोटा कर तुरंत जम्मू पहुंच चुके हैं।
सुरनकोट में बादल फटने से एक ही परिवार के 8 लोग बहे
इस त्रासदी की सबसे खौफनाक तस्वीर पुंछ जिले के सुरनकोट तहसील स्थित लोअर मुराह गांव में देखने को मिली। यहां तड़के सुबह करीब 3:30 बजे बादल फटने से अचानक सैलाब आ गया। गांव के रहने वाले मोहम्मद लतीफ अपनी एसयूवी गाड़ी को सुरक्षित जगह पार्क करने के लिए घर से बाहर निकले ही थे कि नाले के पास बना उनका तीन मंजिला मकान ताश के पत्तों की तरह ढह गया। इस हादसे में घर के अंदर मौजूद उनके परिवार के 8 सदस्य मलबे और पानी के तेज बहाव में बह गए। अब तक 60 वर्षीय बानो बी और 2 साल के मासूम सुफियान का शव बरामद किया जा चुका है, जबकि परिवार के 6 अन्य सदस्यों की तलाश के लिए सेना और एसडीआरएफ (SDRF) का रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।
जम्मू-श्रीनगर हाईवे बंद और नदियों में हाई अलर्ट
मौसम विभाग (IMD) ने जम्मू-कश्मीर में अगले तीन दिनों तक भारी बारिश और खराब मौसम का अलर्ट जारी किया है। भारी लैंडस्लाइड के कारण जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे (NH-44) पर ट्रैफिक पूरी तरह ठप हो गया है। इधर, रियासी में सलाल हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट और रामबन में बागलियाड़ डैम के गेट खोल दिए जाने के कारण चिनाब नदी का जलस्तर खतरे के निशान के पास पहुंच गया है, जिसके बाद पूरे जम्मू संभाग में फ्लड अलर्ट जारी कर दिया गया है। सांगला गांव में भी बाढ़ की चपेट में आने से चार अन्य लोगों की मौत की खबर है।
उफनती नदियों के बीच भारतीय सेना का जांबाज रेस्क्यू
भारी तबाही के बीच भारतीय सेना की ‘व्हाइट नाइट कॉर्प्स’, पुलिस और आपदा प्रबंधन की टीमों ने अपनी जान जोखिम में डालकर सैकड़ों लोगों को सुरक्षित निकाला है। जम्मू में तवी नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने पर पीर खो मंदिर के पास फंसे तीन बच्चों को जवानों ने सूझबूझ से बाहर निकाला। वहीं राजौरी के धांगरी नदी किनारे और थनामंडी में बाढ़ के बीच फंसे 5 बच्चों समेत 11 नागरिकों को सेना ने रेस्क्यू किया है। राजौरी जिले में बेला बस स्टैंड का करीब 90 फीसदी हिस्सा पानी में बह गया है और सैकड़ों घरों में बिजली व पानी की सप्लाई ठप हो गई है।
नेटवर्क ठप और करोड़ों की संपत्ति खाक
प्रशासनिक रिपोर्ट के अनुसार, इस आपदा में अब तक 93 से ज्यादा मकान, 17 स्कूल और 24 पनचक्कियां पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। राजौरी में भी 42 घरों और 56 वाहनों को भारी नुकसान पहुंचा है। प्रभावित इलाकों में एयरटेल और बीएसएनएल के मोबाइल नेटवर्क पूरी तरह ठप हो चुके हैं, जिससे राहत कार्यों में दिक्कतें आ रही हैं। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने जम्मू सिविल सचिवालय में आपातकालीन बैठक बुलाई है, वहीं उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने इस हादसे पर गहरा दुख जताते हुए प्रभावितों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और हर संभव आर्थिक सहायता देने के सख्त निर्देश जारी किए हैं।
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