जंतर-मंतर प्रोटेस्ट में PM मोदी पर अभद्र टिप्पणी, महिला के खिलाफ नोएडा में जीरो FIR दर्ज; जांच में जुटी दिल्ली पुलिस

दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध-प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अभद्र और आपत्तिजनक टिप्पणी करने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस घटना में नोएडा पुलिस ने कड़ा एक्शन लेते हुए एक महिला के खिलाफ जीरो एफआईआर (Zero FIR) दर्ज कर ली है। गाजियाबाद की रहने वाली एक महिला वकील की शिकायत पर यह कदम उठाया गया है, जिसके बाद अब दिल्ली पुलिस ने इस पूरे मामले की जांच अपने हाथों में ले ली है। सोशल मीडिया पर गाली-गलौज वाले वीडियो के वायरल होने के बाद से ही लोगों में भारी आक्रोश था और अब इस पुलिसिया कार्रवाई से हड़कंप मचा हुआ है।

क्या है पूरा मामला और किसने की शिकायत?

जंतर-मंतर पर ‘कॉकक्रोच जनता पार्टी’ (CJP) के आंदोलन के दौरान मंच से एक महिला प्रदर्शनकारी ने पीएम मोदी के खिलाफ बेहद आपत्तिजनक और अमर्यादित शब्दों का इस्तेमाल किया था। गाजियाबाद की रहने वाली महिला वकील स्मृति सिंह ने इसका वीडियो सोशल मीडिया पर देखने के बाद कड़ी आपत्ति जताई और नोएडा के एक्सप्रेस-वे थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में साफ तौर पर कहा गया है कि आरोपी महिला ने न केवल देश के प्रधानमंत्री के संवैधानिक पद की गरिमा को ठेस पहुंचाई है, बल्कि समाज में नफरत फैलाने और सार्वजनिक शांति भंग करने की भी जानबूझकर कोशिश की है। इसी आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 352, 353(1) और अन्य संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है।

आरोपी महिला की हो रही तलाश

आरोपी महिला की पहचान रुचिका सिंह के रूप में हुई है, जो मूल रूप से फरीदाबाद की रहने वाली है और ब्यूटी पार्लर चलाती है। जानकारी के मुताबिक, नोएडा में भी उसका एक फ्लैट है। हालांकि, एफआईआर दर्ज होने की भनक लगते ही आरोपी महिला और उसका परिवार अपने ठिकाने से नदारद हैं। नोएडा पुलिस ने मामला दर्ज करने के बाद यह ‘जीरो एफआईआर’ दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने को ट्रांसफर कर दी है, क्योंकि यह घटना जंतर-मंतर के अधिकार क्षेत्र की है। अब दिल्ली पुलिस वायरल वीडियो और अन्य डिजिटल सबूतों की बारीकी से पड़ताल करते हुए आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी कसा शिकंजा

इस घटना के बाद दिल्ली पुलिस की साइबर सेल (IFSO) पूरी तरह से अलर्ट मोड में आ गई है। पुलिस ने ‘एक्स’ (पहले ट्विटर) सहित तमाम सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को सख्त नोटिस भेजकर पीएम मोदी और अन्य संवैधानिक पदों पर बैठे व्यक्तियों के खिलाफ किए गए भद्दे और आपत्तिजनक पोस्ट तुरंत हटाने का निर्देश दिया है। पुलिस का स्पष्ट मानना है कि डिजिटल दुनिया में इस तरह की बेबुनियाद बयानबाजी से कानून-व्यवस्था और राजनीतिक माहौल खराब हो सकता है। पुलिस लगातार ऐसे वीडियो और एकाउंट्स की निगरानी कर रही है ताकि अफवाहों और अभद्र कंटेंट पर पूरी तरह से रोक लगाई जा सके।