
खूबसूरत, बेदाग और लंबे समय तक जवां दिखने वाली त्वचा पाना हर किसी की चाहत होती है, जिसके लिए लोग तमाम तरह के महंगे स्किन केयर प्रोडक्ट्स, महंगे फेशियल और केमिकल ट्रीटमेंट्स का सहारा लेते हैं। लेकिन कई बार इन बाहरी नुस्खों से वह मनचाहा और स्थायी निखार नहीं मिल पाता जिसकी हम उम्मीद करते हैं। आयुर्वेद और प्राचीन प्राकृतिक चिकित्सा पद्धतियों के अनुसार, असली और कुदरती खूबसूरती हमेशा अंदरूनी सेहत और ऊर्जा के संतुलन से जुड़ी होती है। हमारे शरीर में कुछ ऐसे विशेष ऊर्जा बिंदु यानी ‘एक्यूप्रेशर पॉइंट्स’ (Acupressure Points) मौजूद होते हैं, जिन्हें सही तरीके से और नियमित रूप से दबाने से चेहरे की तरफ रक्त का संचार (Blood Circulation) अचानक तेजी से बढ़ जाता है। त्वचा विशेषज्ञों और एक्यूप्रेशर एक्सपर्ट्स का यह मानना है कि चेहरे के इन खास हिस्सों की हल्की मालिश या दबाव देने से न केवल चेहरे की चमक कई गुना बढ़ जाती है, बल्कि समय से पहले आने वाली झुर्रियां, फाइन लाइंस और डलनेस भी दूर होने लगती हैं। आइए आज इस लेख में विस्तार से जानते हैं कि वे कौन से जादुई एक्यूप्रेशर पॉइंट्स हैं जिन्हें दबाकर आप घर बैठे नेचुरल ग्लो पा सकते हैं।
क्या है एक्यूप्रेशर साइंस और कैसे काम करता है यह स्किन ग्लो के लिए?
एक्यूप्रेशर प्राचीन चीनी चिकित्सा पद्धति का एक बहुत ही महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो शरीर के विभिन्न अंगों की ऊर्जा को नियंत्रित करने के सिद्धांत पर काम करता है। हमारे पूरे शरीर में नसों और ऊर्जा के कई रास्ते (Meridians) फैले होते हैं, जिनका सीधा संबंध हमारे अंगों, पाचन और त्वचा से होता है। जब तनाव, प्रदूषण या खराब जीवनशैली के कारण ये ऊर्जा मार्ग अवरुद्ध हो जाते हैं, तो चेहरे की रौनक फीकी पड़ने लगती है, आंखों के नीचे काले घेरे आने लगते हैं और त्वचा अपनी चमक खो देती है। जब हम उंगलियों के हल्के दबाव से इन विशेष एक्यूप्रेशर पॉइंट्स को स्टिम्युलेट करते हैं, तो वहां रुकी हुई ऊर्जा का प्रवाह सुचारू होने लगता है और कोशिकाओं तक ऑक्सीजन की आपूर्ति बढ़ जाती है। इसके परिणामस्वरूप त्वचा की कोशिकाएं तेजी से खुद को रिपेयर करती हैं और चेहरा प्राकृतिक रूप से दमकने लगता है। इसके लिए किसी महंगे गैजेट या क्रीम की जरूरत नहीं होती, बस सही तकनीक और थोड़े से अभ्यास की आवश्यकता होती है।
1. भौंहों के बीच का पॉइंट (Third Eye Point / Yintang): मानसिक तनाव और माथे की झुर्रियां मिटाए
चेहरे की खूबसूरती को बढ़ाने वाला सबसे पहला और बेहद शक्तिशाली एक्यूप्रेशर पॉइंट हमारी दोनों भौंहों के ठीक बीच में स्थित होता है, जिसे योग और आयुर्वेद में ‘थर्ड आई पॉइंट’ या ‘िन्तांग’ (Yintang) कहा जाता है। अक्सर मानसिक तनाव, ज्यादा सोचने या लगातार स्क्रीन पर काम करने के कारण लोग अपनी भौंहें सिकोड़ लेते हैं, जिससे माथे पर गहरी झुर्रियां पड़ने लगती हैं। इस पॉइंट पर अपनी तर्जनी उंगली या अंगूठे से हल्के हाथों से क्लॉकवाइज और एंटी-क्लॉकवाइज दिशा में 1 से 2 मिनट तक गोलाकार दबाव दें। यह एक्यूप्रेशर पॉइंट आपके मस्तिष्क को तुरंत शांत करता है, एंग्जायटी को कम करता है और माथे पर बनने वाली फाइन लाइंस को हमेशा के लिए दूर करने में मदद करता है।
2. आंखों के नीचे और गाल की हड्डी का पॉइंट (Stomach 3 / Simiao): डार्क सर्कल्स और पफीनेस का दुश्मन
आंखों के नीचे की सूजन, पफीनेस और डार्क सर्कल्स आज के समय में एक आम समस्या बन चुके हैं। आंखों के ठीक नीचे गाल की हड्डी (Cheekbone) के मध्य भाग में एक बहुत ही संवेदनशील और असरदार एक्यूप्रेशर पॉइंट होता है। इस पॉइंट को हल्के हाथों से अपनी तर्जनी उंगली से दबाएं और छोड़ें। इस क्रिया को लगातार कुछ मिनट तक दोहराने से आंखों के आसपास के क्षेत्र में ब्लड सर्कुलेशन सुधरता है, जिससे कोलेजन का उत्पादन बढ़ता है। कोलेजन बढ़ने के कारण आंखों के नीचे की ढीली त्वचा टाइट होने लगती है, झुर्रियां कम होती हैं और चेहरे पर एक अलग ही फ्रेशनेस दिखाई देने लगती है।
3. कान के ठीक सामने का पॉइंट (San Jiao 21 / Ear Gate): जॉ-लाइन को शार्प करे और चेहरे की थकान मिटाए
कान के ठीक सामने और जबड़े के जोड़ के पास स्थित एक्यूप्रेशर पॉइंट को ‘इयर गेट’ या कान का द्वार कहा जाता है। जब हम बात करते हैं या चबाते हैं, तो यह हिस्सा सबसे ज्यादा गति करता है। इस पॉइंट पर उंगलियों से हल्का दबाव देते हुए जबड़े को ऊपर-नीचे घुमाने से चेहरे की मांसपेशियों का बेहतरीन फेशियल मसाज हो जाता है। यह पॉइंट विशेष रूप से उन लोगों के लिए वरदान साबित होता है जो डबल चिन या लटकती हुई जॉ-लाइन से परेशान हैं। इसके नियमित दबाव से चेहरे की फेशियल मसल्स टोन होती हैं, जबड़े का तनाव दूर होता है और चेहरे पर एक खूबसूरत कसाव और चमक देखने को मिलती है।
4. नाक के दोनों किनारों का पॉइंट (Large Intestine 20 / Yingxiang): मुंहासे और पिंपल्स रोककर चेहरे को बनाए बेदाग
नाक के दोनों किनारों पर गाल के मिलने वाली जगह पर स्थित एक्यूप्रेशर पॉइंट को ‘यिंगशियांग’ कहा जाता है। यह पॉइंट हमारी श्वसन प्रणाली और चेहरे की त्वचा की शुद्धि से सीधा जुड़ा हुआ है। जिन लोगों के चेहरे पर अक्सर पिंपल्स, मुंहासे, ब्लैकहेड्स या एक्ने की समस्या बनी रहती है, उनके लिए यह पॉइंट बेहद चमकारी काम करता है। इस जगह पर तर्जनी उंगली से हल्का दबाव देते हुए गोल-गोल मालिश करने से साइनस की समस्या में भी राहत मिलती है और चेहरे के पोर्स में जमी अशुद्धियां बाहर निकलती हैं। जब त्वचा अंदर से साफ होती है, तो चेहरे पर प्राकृतिक निखार स्वतः उभरकर सामने आता है।
एक्यूप्रेशर करते समय किन बातों का रखें खास ध्यान और अपनाएं सही नियम
चेहरे पर इन एक्यूप्रेशर पॉइंट्स का इस्तेमाल करना बेहद आसान और सुरक्षित है, लेकिन फिर भी कुछ बुनियादी नियमों का पालन करना बहुत जरूरी है। इन पॉइंट्स को दबाने से पहले अपने हाथों को अच्छी तरह साबुन से धो लें ताकि चेहरे पर कोई बैक्टीरिया न पहुंचे। बहुत ज्यादा जोर से या दबाव देकर त्वचा को न रगड़ें, क्योंकि चेहरे की त्वचा बेहद संवेदनशील होती है, इसलिए हमेशा हल्के हाथों (Gentle Pressure) का ही प्रयोग करें। आप सुबह उठने के बाद या रात को सोने से पहले अपनी किसी पसंदीदा मॉइस्चराइजिंग क्रीम या फेशियल ऑयल की कुछ बूंदें लगाकर इन पॉइंट्स की मालिश कर सकते हैं। निरंतरता (Consistency) ही इस प्राकृतिक चिकित्सा की सबसे बड़ी चाबी है, इसलिए यदि आप रोजाना केवल 5 से 10 मिनट इस प्रक्रिया को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना लेते हैं, तो कुछ ही हफ्तों में आपको अपनी त्वचा में अद्भुत और स्थाई बदलाव देखने को मिलेगा।
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