खतरे की घंटी: शरीर के इन 4 हिस्सों में सूजन है ‘किडनी डैमेज’ का शुरुआती संकेत, जानें कब सामान्य एडिमा बन जाता है जानलेवा

अक्सर लोग सुबह उठने पर आंखों के पास आई हल्की सूजन या दिनभर की थकान के बाद पैरों में आई सूजन को बहुत ही सामान्य मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। ज्यादातर लोग इसे केवल थकान या कम सोने का नतीजा मान लेते हैं, जबकि असलियत इसके बिल्कुल उलट हो सकती है। चिकित्सा विज्ञान के अनुसार, अगर शरीर के कुछ खास हिस्सों में सूजन लगातार बनी हुई है या धीरे-धीरे बढ़ रही है, तो यह ‘क्रॉनिक किडनी डिजीज’ (CKD) जैसी गंभीर और साइलेंट बीमारी का शुरुआती अलार्म हो सकता है।

जब हमारी किडनी अपनी कार्यक्षमता खोने लगती है, तो वह शरीर से अतिरिक्त पानी (फ्लुइड) और हानिकारक टॉक्सिन्स को बाहर नहीं निकाल पाती। यही रुका हुआ तरल पदार्थ शरीर के ऊतकों (issues) में जमा होने लगता है, जिसे मेडिकल भाषा में एडिमा (Edema) कहा जाता है। आइए एक्सपर्ट्स के हवाले से जानते हैं कि शरीर के वो कौन से 4 हिस्से हैं, जहां सूजन दिखने पर आपको तुरंत डॉक्टर के पास भागना चाहिए।

1. सुबह के समय आंखों के आसपास भारीपन (Periorbital Edema)

‘इंडियन जर्नल ऑफ ऑप्थैल्मोलॉजी’ की एक रिपोर्ट के अनुसार, सुबह सोकर उठने के बाद आंखों के आसपास या पलकों पर दिखने वाली सूजन (पफीनेस) किडनी की खराबी का एक बड़ा और शुरुआती लक्षण हो सकती है। दरअसल, जब किडनी डैमेज होती है, तो वह शरीर के जरूरी प्रोटीन (एल्ब्यूमिन) को रोकने के बजाय पेशाब के रास्ते बाहर निकालने लगती है। खून में प्रोटीन की कमी होते ही शरीर का तरल संतुलन बिगड़ जाता है और पानी आंखों जैसी कोमल त्वचा के नीचे जमा होने लगता है। यह सूजन दिनभर बनी रहती है और पर्याप्त आराम करने के बाद भी ठीक नहीं होती।

2. पैरों, टखनों और तलवों में लगातार सूजन (Pedal Edema)

पैर और टखने (Ankles) वो सबसे आम जगहें हैं, जहां किडनी की बीमारी का असर सबसे पहले और साफ तौर पर दिखाई देता है। हेल्थ वेबसाइट ‘WebMD’ के मुताबिक, जब किडनी खून को सही से फिल्टर नहीं कर पाती, तो गुरुत्वाकर्षण (Gravity) के कारण अतिरिक्त पानी और सोडियम शरीर के निचले हिस्सों में जमा होने लगता है। इसके कारण अचानक आपके जूते तंग होने लगते हैं, मोजे पहनने पर पैरों पर गहरे निशान पड़ जाते हैं और शाम होते-होते पैरों में भारीपन व दर्द बहुत ज्यादा बढ़ जाता है।

3. हाथों की उंगलियों का सूज जाना और अंगूठी टाइट होना

किडनी की कार्यक्षमता घटने का सीधा असर हमारे हाथों और उंगलियों पर भी पड़ता है। यदि आपको अचानक महसूस हो कि उंगलियां मोटी और सूजी हुई लग रही हैं या उंगलियों में पहनी गई अंगूठियां अचानक बहुत टाइट हो गई हैं, तो सतर्क हो जाएं। हाथों में होने वाली यह एडिमा (सूजन) अमूमन सुबह के वक्त या भोजन में थोड़ा भी ज्यादा नमक खाने के बाद बहुत तेजी से उभरकर सामने आती है।

4. पेट का अचानक फूलना और भारीपन (Ascites)

जब किडनी की बीमारी तीसरे या चौथे गंभीर चरण (Severe Stage) में पहुंच जाती है, तो पानी का जमाव पेट के भीतर होने लगता है। इस स्थिति को मेडिकल टर्म में एस्काइटिस (Ascites) कहा जाता है। इसके कारण मरीज का पेट हमेशा फूला हुआ, कड़ा और बेहद भारी महसूस होता है। यह स्थिति शरीर में पूरी तरह से तरल पदार्थ और इलेक्ट्रोलाइट का संतुलन बिगड़ने के कारण पैदा होती है, जिसे तुरंत मेडिकल इमरजेंसी की तरह देखा जाना चाहिए।

सूजन के अलावा इन 6 लक्षणों पर भी रखें नजर

अगर आपकी किडनी ठीक से काम नहीं कर रही है, तो शरीर में सूजन के साथ-साथ ये लक्षण भी दिखाई दे सकते हैं:

  • हर वक्त अत्यधिक थकान और कमजोरी महसूस होना।

  • पेशाब की मात्रा में अचानक कमी आ जाना।

  • पेशाब का रंग बदलना या उसमें अत्यधिक झाग (Foamy Urine) बनना।

  • दिनभर जी मिचलाना, उल्टी आना या भूख न लगना।

  • मांसपेशियों में बार-बार तेज ऐंठन (Cramps) होना।

  • त्वचा में बिना किसी दाने के लगातार गंभीर खुजली होना।

विशेष नोट: यदि आप हाई ब्लड प्रेशर (उच्च रक्तचाप) या डायबिटीज (मधुमेह) के मरीज हैं, तो आपमें किडनी की बीमारी होने का जोखिम सबसे ज्यादा होता है। शुरुआती चरणों में इसके लक्षण बहुत हल्के होते हैं, इसलिए नियमित जांच ही बचाव का एकमात्र जरिया है।

कब और किस डॉक्टर से संपर्क करें?

यदि आपके शरीर के इन चारों हिस्सों में सूजन बार-बार आ रही है, दबाने पर वहां गड्ढा बन रहा है (Pitting Edema) या सूजन के साथ सांस फूलने की समस्या हो रही है, तो तुरंत किसी योग्य नेफ्रोलॉजिस्ट (किडनी विशेषज्ञ) या फिजिशियन से संपर्क करें। डॉक्टर आपकी स्थिति को समझने के लिए ब्लड टेस्ट (KFT/Serum Creatinine), यूरिन रूटीन टेस्ट (प्रोटीन लीक की जांच के लिए) और पेट का अल्ट्रासाउंड करवा सकते हैं। समय रहते सही पहचान और इलाज से किडनी डैमेज की रफ्तार को धीमा किया जा सकता है।