
वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के नतीजे बाजार बंद होने के बाद जारी हो चुके हैं। इस बार के नतीजों में दिग्गज कंपनियों क्रॉम्प्टन (Crompton) और हिंदुस्तान कंस्ट्रक्शन कंपनी (HCC) का प्रदर्शन काफी चर्चा में है। क्रॉम्प्टन के नतीजे सालाना आधार पर तो पॉजिटिव रहे हैं, लेकिन यह मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुमान पर पूरी तरह खरा नहीं उतर पाए। वहीं दूसरी ओर, इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र की दिग्गज कंपनी एचसीसी का मुनाफा भले ही स्थिर रहा हो, लेकिन उसकी आय और ऑपरेटिंग कमाई में तगड़ी गिरावट दर्ज की गई है। आइए जानते हैं दोनों कंपनियों के Q1 नतीजों का पूरा और विस्तृत विश्लेषण।
क्रॉम्प्टन Q1 Results: सालाना आधार पर मुनाफा और आय बढ़ी, लेकिन बाजार की उम्मीदों से रहे चूके
क्रॉम्प्टन के वित्तीय परिणामों पर नजर डालें तो कंपनी का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 14.8 फीसदी बढ़कर ₹140.5 करोड़ पर पहुंच गया है, जबकि पिछले साल की समान तिमाही में यह ₹122 करोड़ था। हालांकि, सीएनबीसी-टीवी18 के पोल अनुमान के मुताबिक मुनाफे का आंकड़ा ₹143 करोड़ रहने की उम्मीद थी, जिससे यह अनुमान से थोड़ा कम रहा।
कंपनी की आय भी सालाना आधार पर 11.8 फीसदी बढ़कर ₹2,235 करोड़ दर्ज की गई, जो पिछले साल इसी तिमाही में ₹1,998 करोड़ थी, लेकिन यह भी ₹2,300 करोड़ के एक्सपर्ट अनुमान से नीचे रही। इसके अलावा क्रॉम्प्टन का ईबीआईटीडीए ₹224.4 करोड़ रहा, जो पिछले साल के मुकाबले 14.2 फीसदी अधिक है, लेकिन पोल अनुमान ₹232 करोड़ से थोड़ा कम रहा। राहत की बात यह रही कि कंपनी का ईबीआईटीडीए मार्जिन सुधरकर 10 फीसदी हो गया है, जो पिछले साल 9.6 फीसदी था।
HCC Q1 Results: मुनाफा लगभग स्थिर, लेकिन आय और ईबीआईटीडीए में बड़ी गिरावट
हिंदुस्तान कंस्ट्रक्शन कंपनी यानी एचसीसी के पहली तिमाही के नतीजे क्रॉम्प्टन के मुकाबले काफी कमजोर रहे हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर महज 0.69 फीसदी की मामूली बढ़त के साथ ₹51.08 करोड़ रहा, जो पिछले साल इसी तिमाही में ₹50.73 करोड़ था। इसे लगभग स्थिर प्रदर्शन माना जा सकता है।
हालांकि, कंपनी के अन्य मोर्चों पर दबाव साफ देखा जा सकता है। एचसीसी की कुल आय सालाना आधार पर 9 फीसदी घटकर ₹993.4 करोड़ रह गई, जबकि पिछले साल यह ₹1,091.3 करोड़ थी। इसके अलावा कंपनी का ईबीआईटीडीए 41.7 फीसदी की भारी गिरावट के साथ सिर्फ ₹104.66 करोड़ पर सिमट गया, जो पिछले साल ₹179.4 करोड़ था। ऑपरेटिंग दबाव के चलते कंपनी का ईबीआईटीडीए मार्जिन भी 16.44 फीसदी से लुढ़ककर 10.54 फीसदी पर आ गया है, जिसमें करीब 590 बेसिस पॉइंट की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है।
निवेशकों के लिए क्या हैं मायने और आगे का रुख
क्रॉम्प्टन और एचसीसी दोनों के ही नतीजों का मिजाज अलग-अलग रहा है। क्रॉम्प्टन के मामले में मुख्य मुद्दा यह है कि सालाना आधार पर सुधार होने के बावजूद कंपनी बाजार के ऊंचे अनुमानों पर पूरी तरह खरी नहीं उतर पाई, जिससे निवेशकों की प्रतिक्रिया मिली-जुली रह सकती है। वहीं दूसरी ओर, एचसीसी के लिए ऑपरेशनल कमाई और मार्जिन में आई भारी गिरावट सबसे बड़ी चिंता का विषय है। आने वाले दिनों में निवेशकों की नजर क्रॉम्प्टन की बिक्री की रफ्तार और एचसीसी के ऑर्डर बुक तथा प्रोजेक्ट पूरा होने की गति पर टिकी रहेगी।
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