काकोरी ट्रेन एक्शन शताब्दी समारोह में CM योगी का बड़ा बयान, बोले- आजादी के बाद क्रांतिकारियों का हुआ अपमान

काकोरी ट्रेन एक्शन शताब्दी समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि देश की आजादी के बाद सत्ता में आए लोगों ने क्रांतिकारियों को वह सम्मान नहीं दिया, जिसके वे हकदार थे। उन्होंने कहा कि भारत के नायकों और क्रांतिकारियों को नई पीढ़ी से दूर रखना देश के साथ सबसे बड़ा अन्याय है।

‘क्रांतिकारियों के नाम पर संस्थाओं के नाम रखने से भी बचा गया’

लखनऊ में आयोजित काकोरी ट्रेन एक्शन शताब्दी समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आजादी के बाद देश के क्रांतिकारियों के योगदान को उचित स्थान देने के बजाय उन्हें इतिहास के पन्नों तक सीमित करने का प्रयास किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि क्रांतिकारियों के नाम पर संस्थाओं के नाम रखने से भी बचने की साजिश हुई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन वीरों ने देश की स्वतंत्रता के लिए अपना जीवन न्योछावर कर दिया, उनके योगदान को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना बेहद जरूरी है। देश के युवाओं को अपने इतिहास और स्वतंत्रता संग्राम के नायकों से परिचित कराना सरकार और समाज की जिम्मेदारी है।

युवाओं को देश के नायकों से दूर रखना सबसे बड़ा अन्याय

सीएम योगी ने कहा कि भारत के नायकों और क्रांतिकारियों को युवाओं से दूर रखना सबसे बड़ा अन्याय है। उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन में क्रांतिकारियों की भूमिका को याद करते हुए कहा कि देश की आजादी के लिए अनेक वीरों ने अपना सर्वस्व न्योछावर किया था।

काकोरी ट्रेन एक्शन भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास की महत्वपूर्ण घटनाओं में शामिल है। इस ऐतिहासिक घटना से जुड़े क्रांतिकारियों के साहस, त्याग और संघर्ष को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के उद्देश्य से शताब्दी समारोह का आयोजन किया जा रहा है।

काकोरी ट्रेन एक्शन की शताब्दी पर लखनऊ में आयोजन

लखनऊ में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वतंत्रता संग्राम के क्रांतिकारियों को याद किया। उन्होंने कहा कि देश की आजादी के इतिहास में योगदान देने वाले सभी वीरों के प्रति सम्मान की भावना को मजबूत किया जाना चाहिए।

मुख्यमंत्री के बयान में स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास को नई पीढ़ी से जोड़ने और क्रांतिकारियों के योगदान को सामने लाने पर जोर रहा। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं को अपने गौरवशाली इतिहास की जानकारी होना जरूरी है, ताकि वे राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका को बेहतर तरीके से समझ सकें।