
देश के बड़े हिस्से में मौसम का मिजाज इन दिनों बेहद आक्रामक, खराब और खतरनाक बना हुआ है। मानसून की सक्रियता और नए वेदर सिस्टम के असर से देश के कई राज्यों में कुदरत का कहर देखने को मिल रहा है। मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अपने नवीनतम वेदर बुलेटिन में चेतावनी दी है कि आज शनिवार, 1 अगस्त 2026 को देश के 20 से अधिक राज्यों में मूसलाधार बारिश, भयंकर आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली का भयंकर तांडव देखने को मिलेगा। मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिम विदर्भ और उससे सटे दक्षिण मध्य प्रदेश के ऊपर बना एक गहरा डिप्रेशन पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में 17 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज रफ्तार से आगे बढ़ चुका है। अगले 24 घंटों के दौरान यह सिस्टम पश्चिम मध्य प्रदेश और उससे सटे मध्य महाराष्ट्र से होते हुए गुजरेगा और कमजोर होकर एक वेल-मार्क्ड लो प्रेशर एरिया में बदल जाएगा। इस शक्तिशाली मौसमी प्रणाली के प्रभाव से देश भर में व्यापक पैमाने पर तूफानी बारिश का दौर शुरू हो गया है, जिससे आम जनजीवन के प्रभावित होने की पूरी आशंका है।
गुजरात में मंडरा रहा है सबसे बड़ा खतरा, अत्यधिक भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी
मौसम प्रणाली के पश्चिम की ओर आगे बढ़ने की वजह से गुजरात राज्य इस बार सबसे ज्यादा प्रभावित होता नजर आ रहा है। आईएमडी के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक 1 अगस्त को पूरे गुजरात राज्य में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है, जबकि कुछ विशेष इलाकों में अत्यधिक भारी बारिश होने की पूरी आशंका जताई गई है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह से सतर्क हो गया है और निचले इलाकों में जलभराव तथा तटीय क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। मछुआरों को समुद्र में न जाने के निर्देश दिए गए हैं क्योंकि तटीय हवाएं बेहद खतरनाक रूप ले सकती हैं। राज्य के कई जिलों में नदियां और नाले उफान पर आ सकते हैं, जिससे परिवहन और सामान्य जनजीवन पर गहरा असर पड़ सकता है।
देश के इन 6 प्रमुख राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का तांडव
गुजरात के अलावा देश के 6 अन्य बड़े राज्यों में भी शनिवार को अत्यंत भारी बारिश का दौर लगातार जारी रहेगा। मौसम विभाग के अनुसार पश्चिम भारत के कोंकण-गोवा और मध्य महाराष्ट्र क्षेत्र में अलग-अलग जगहों पर मूसलाधार और बहुत भारी बारिश दर्ज की जाएगी। इसके अलावा पूर्वी राजस्थान के कई हिस्सों में बादलों का डेरा रहेगा और भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान जताया गया है। दक्षिण भारत की बात करें तो तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और केरल तथा माहे के इलाकों में भी मौसम बहुत खराब रहने वाला है और यहां भारी बारिश का रेड व ऑरेंज अलर्ट प्रभावी है। इन इलाकों में लगातार हो रही बारिश से भूस्खलन (Landslide) और पहाड़ी क्षेत्रों में रास्तों के बाधित होने का खतरा बढ़ गया है, जिसके चलते स्थानीय प्रशासन ने लोगों को अनावश्यक यात्राएं न करने की हिदायत दी है।
बिहार, दिल्ली और राजस्थान से लेकर उत्तर भारत तक बरसेंगे बादल
सिर्फ पश्चिमी और दक्षिणी राज्य ही नहीं, बल्कि देश के अन्य बड़े हिस्सों में भी शनिवार को झमाझम बारिश का दौर देखने को मिलेगा। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और उसके आसपास के एनसीआर क्षेत्र के अलावा हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख जैसे पहाड़ी और मैदानी राज्यों में भी बादलों की आवाजाही बनी रहेगी और अच्छी बारिश होगी। पश्चिम राजस्थान, बिहार, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम के साथ-साथ अंडमान व निकोबार द्वीप समूह में भी बारिश की गतिविधियां तेज रहेंगी। पूर्वोत्तर भारत के अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी मानसूनी बादल जमकर बरसेंगे। इसके अलावा दक्षिण भारत के उत्तर आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल और लक्षद्वीप क्षेत्र में भी भारी बारिश होने की पूरी संभावना है, जिससे लोगों को गर्मी और उमस से तो राहत मिलेगी लेकिन जलभराव की समस्या का सामना करना पड़ सकता है।
इन इलाकों से टकराएगा खतरनाक थंडरस्क्वॉल, 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
मौसम विभाग के अनुसार 1 अगस्त को हवाओं का रुख बेहद आक्रामक और तूफानी रहने वाला है। कई राज्यों में बादलों की गरज के साथ तेज आंधी और थंडरस्क्वॉल का सामना करना पड़ेगा। उत्तर आंतरिक कर्नाटक के क्षेत्रों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली तेज आंधी और तूफानी हवाएं चलेंगी जो जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर सकती हैं। इसके अलावा अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, केरल, माहे, लक्षद्वीप, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, झारखंड और पश्चिम मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है। बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, ओडिशा, तेलंगाना और उत्तराखंड में भी तेज गरज-चमक के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चलेंगी, जिससे पेड़ों के उखड़ने या बिजली के खंभे प्रभावित होने की आशंका है।
आकाशीय बिजली गिरने की आशंका, मौसम विभाग ने दी सुरक्षित रहने की सलाह
भारी बारिश और आंधी के इस दौर के बीच आकाशीय बिजली (Lightning) का खतरा भी बहुत ज्यादा बढ़ गया है। मौसम विज्ञान केंद्र ने चेतावनी दी है कि अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, छत्तीसगढ़, गुजरात राज्य और विदर्भ के अलग-अलग स्थानों पर गरज-चमक के साथ भयंकर आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल, माहे, लक्षद्वीप और तेलंगाना के तटीय व मैदानी इलाकों में तेज सतही हवाएं लोगों की मुश्किलें बढ़ा सकती हैं। मौसम विभाग ने आम जनता से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें, पेड़ों के नीचे शरण न लें और जलभराव वाले रास्तों पर जाने से पूरी तरह बचें ताकि किसी भी अनहोनी से बचा जा सके।
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