
नई दिल्ली। कई महिलाओं को मासिक धर्म (Periods) शुरू होने से करीब 14 दिन पहले यानी मेंस्ट्रुअल साइकिल के ठीक बीच में पेट के निचले हिस्से में हल्की ऐंठन या एकतरफा चुभन भरा दर्द महसूस होता है। मेडिकल भाषा में इस स्थिति को ‘मिटेलश्मर्ज’ (Mittelschmerz) कहा जाता है, जो एक जर्मन शब्द है जिसका अर्थ होता है “मध्य का दर्द” (Middle Pain)। लगभग 20 से 40 प्रतिशत महिलाएं अपने प्रजनन वर्षों में इस तरह के दर्द का अनुभव करती हैं। अधिकांश मामलों में यह एक सामान्य जैविक प्रक्रिया है जो यह दर्शाती है कि अंडाशय (Ovary) से अंडा सफलतापूर्वक रिलीज हो रहा है। हालांकि, यदि यह दर्द असहनीय हो, कई दिनों तक बना रहे या इसके साथ अन्य असामान्य लक्षण दिखें, तो यह किसी अंतर्निहित स्त्री रोग संबंधी समस्या (Gynecological Issue) का संकेत हो सकता है।
ओव्यूलेशन वह प्रक्रिया है जब अंडाशय परिपक्व अंडे को फैलोपियन ट्यूब में छोड़ता है। इसके दौरान दर्द होने के दो मुख्य जैविक कारण होते हैं:
-
फॉलिकल का खिंचाव: अंडा रिलीज होने से ठीक पहले अंडाशय की सतह पर मौजूद तरल से भरा फॉलिकल बड़ा होता है, जिससे अंडाशय की दीवार पर खिंचाव पड़ता है और हल्का दर्द होता है।
-
अंडे का फूटना और तरल का रिसाव: जब फॉलिकल फटकर अंडा छोड़ता है, तो अंडे के साथ-साथ थोड़ा सा तरल या हल्का रक्त भी पेट की आंतरिक परत (Peritoneum) में रिस जाता है। यह तरल पेल्विक लाइनिंग में हल्की जलन और ऐंठन पैदा करता है, जो कुछ घंटों में शरीर द्वारा अवशोषित कर लिया जाता है।
यदि दर्द सामान्य ओव्यूलेशन का हिस्सा है, तो उसके लक्षण आमतौर पर इस प्रकार होते हैं:
-
समय: यह 28 दिनों के सामान्य चक्र में 12वें से 16वें दिन के बीच (माहवारी शुरू होने से लगभग दो सप्ताह पहले) होता है।
-
एकतरफा दर्द: यह पेट के निचले हिस्से या पेल्विस में केवल एक तरफ (दाएं या बाएं) महसूस होता है। चूंकि दोनों अंडाशय हर महीने बारी-बारी से अंडा रिलीज करते हैं, इसलिए यह दर्द हर महीने साइड बदल सकता है।
-
अवधि: सामान्य मिटेलश्मर्ज कुछ मिनटों से लेकर कुछ घंटों तक रहता है। बहुत दुर्लभ मामलों में यह 24 से 48 घंटे तक हल्का बना रह सकता है।
-
तीव्रता: यह दर्द हल्का मरोड़ जैसा या सुई चुभने जैसा होता है, जिसे हीटिंग पैड या सामान्य आराम से नियंत्रित किया जा सकता है। इसके साथ कभी-कभी हल्का पारदर्शी योनि स्राव (Egg-white discharge) भी हो सकता है।
यदि ओव्यूलेशन के समय होने वाला दर्द सामान्य सीमाओं को पार कर जाए, तो इसे सामान्य मानकर अनदेखा नहीं करना चाहिए। निम्नलिखित स्थितियां चिंता का विषय हो सकती हैं:
-
असहनीय और गंभीर दर्द: ऐसा दर्द जो आपको रोजमर्रा के काम करने, उठने-बैठने या चलने से रोक दे।
-
48 घंटे से अधिक समय तक बने रहना: यदि दर्द दो दिनों से ज्यादा लगातार बना रहे।
-
संभोग के दौरान दर्द (Dyspareunia): शारीरिक संबंध बनाते समय तेज पेल्विक दर्द होना।
-
पेशाब या मल त्याग के समय तेज चुभन: आंतों या मूत्राशय पर अत्यधिक दबाव महसूस होना।
-
अन्य गंभीर लक्षण: तेज बुखार, ठंड लगना, उल्टी या मतली, चक्कर आना, बेहोशी या भारी योनि रक्तस्राव (Heavy Bleeding)।
यदि चक्र के मध्य में बार-बार तेज दर्द हो रहा है, तो इसके पीछे निम्नलिखित कारण हो सकते हैं:
-
एंडोमेट्रियोसिस (Endometriosis): गर्भाशय के अंदर बनने वाले टिशू जब अंडाशय, आंतों या फैलोपियन ट्यूब के बाहर उगने लगते हैं। यह स्थिति ओव्यूलेशन और पीरियड्स दोनों के समय असहनीय दर्द का कारण बनती है।
-
ओवेरियन सिस्ट (Ovarian Cyst): अंडाशय में गांठ या सिस्ट का होना। कभी-कभी सिस्ट के फटने या मुड़ जाने (Ovarian Torsion) से अचानक तीव्र और असहनीय दर्द उठता है, जो एक मेडिकल इमरजेंसी है।
-
पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिजीज (PID): प्रजनन अंगों में बैक्टीरियल संक्रमण के कारण गंभीर सूजन और दर्द होना।
-
एडेनोमायोसिस या फाइब्रॉएड (Fibroids): गर्भाशय की मांसपेशियों में गैर-कैंसरयुक्त रसौली (गांठें) होना।
-
अपेंडिसाइटिस या आंतों की समस्या: कई बार दाहिनी ओर होने वाला तेज दर्द ओव्यूलेशन नहीं, बल्कि अपेंडिक्स की सूजन का संकेत होता है।
यदि डॉक्टर की जांच में किसी गंभीर बीमारी की पुष्टि नहीं हुई है और दर्द सामान्य मिटेलश्मर्ज है, तो इन उपायों से राहत पाई जा सकती है:
-
हीट थेरेपी: पेट के निचले हिस्से पर गर्म पानी की थैली (Hot Water Bag) या हीटिंग पैड का उपयोग करने से मांसपेशियों का तनाव कम होता है।
-
हाइड्रेशन और विश्राम: पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं और दर्द के समय भारी शारीरिक व्यायाम के बजाय आराम करें।
-
ओटीसी दर्द निवारक: डॉक्टर की सलाह से पैरासिटामोल या इबुप्रोफेन जैसी हल्की सूजनरोधी दवाएं ली जा सकती हैं।
-
ओरल कॉन्ट्रासेप्टिव पिल्स (यदि अनुशंसित हो): जिन महिलाओं को हर महीने बहुत अधिक परेशानी होती है, उन्हें स्त्री रोग विशेषज्ञ अक्सर कुछ समय के लिए गर्भनिरोधक गोलियां लेने की सलाह देते हैं, जिससे ओव्यूलेशन रुक जाता है और दर्द से पूरी तरह मुक्ति मिलती है।
मासिक चक्र के दौरान शरीर में होने वाले बदलावों और सिग्नल्स पर ध्यान देना जरूरी है। यदि ओव्यूलेशन का दर्द आपकी जीवनशैली को बाधित कर रहा है, तो बिना संकोच अपनी स्त्री रोग विशेषज्ञ (Gynecologist) से अल्ट्रासाउंड या पेल्विक जांच अवश्य कराएं।
girls globe