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एशिया कप ट्रॉफी लेकर चुपके से भागा मोहसिन नकवी, तो भारतीय सैन्य अफसरों ने पाकिस्तानी मंत्री को सुनायी खरी-खोटी

क्रिकेट के मैदान पर होने वाले मुकाबलों का रोमांच तो आपने कई बार देखा होगा, लेकिन खेल के मैदान के बाहर जब कूटनीति, अहंकार और हरकतों की बात आती है, तो कई बार ऐसे शर्मनाक वाकये सामने आ जाते हैं जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किसी भी देश की किरकिरी कराने के लिए काफी होते हैं। हाल ही में क्रिकेट जगत और कूटनीतिक गलियारों से एक ऐसा ही बेहद सनसनीखेज, चौंकाने वाला और हास्यास्पद मामला प्रकाश में आया है जिसने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड और वहां के हुक्मरानों की फजीहत पूरी दुनिया के सामने ला दी है। एक अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट के दौरान जब जीत या ट्राफियों के वितरण का प्रोटोकॉल चल रहा था, तब पाकिस्तान के कद्दावर मंत्री और पीसीबी प्रमुख मोहसिन नकवी ने अपनी आदतों से बाज न आते हुए एक ऐसी हरकत कर डाली जिसकी उम्मीद शायद किसी ने नहीं की थी। बताया जा रहा है कि मोहसिन नकवी वहां से एशिया कप की ट्रॉफी को चुपचाप अपने साथ लेकर भागने लगे, ताकि वे अपनी घरेलू जनता के सामने कोई झूठी शान या राजनीतिक माइलेज हासिल कर सकें। जैसे ही पाकिस्तानी मंत्री की इस बचकानी और चोरों जैसी हरकत पर वहां मौजूद भारतीय सैन्य अफसरों और उच्च पदस्थ खेल अधिकारियों की नजर पड़ी, उन्होंने तुरंत कड़ा रुख अपनाते हुए पाकिस्तानी मंत्री को मौके पर ही जमकर खरी-खोटी सुनाई। भारतीय सैन्य अफसरों और अधिकारियों ने खरी-खरी सुनाते हुए उन्हें सरेआम ‘ट्रॉफी चोर’ और ‘झूठा आदमी’ तक करार दे दिया, जिससे वहां मौजूद अन्य देशों के मेहमान भी अछंभे में पड़ गए और पाकिस्तान की साख एक बार फिर दुनिया भर में मिट्टी में मिल गई।

क्या थी वह पूरी घटना जब पाकिस्तानी मंत्री ने उठाया ऐसा शर्मनाक कदम

क्रिकेट जैसे जेंटलमैन गेम में इस तरह की ओछी हरकतें किसी भी देश के खेल प्रशासन के गिरते हुए स्तर को दर्शाती हैं, और इस बार इस शर्मिंदा करने वाले कारनामा को अंजाम देने वाले कोई और नहीं बल्कि पाकिस्तान के प्रभावशाली वजीर मोहसिन नकवी थे। टूर्नामेंट के समापन के बाद जब पारंपरिक रूप से विजेता या आधिकारिक प्रोटोकॉल के तहत ट्राफियों को मंच पर सजाया जा रहा था, तब खेल की गरिमा को ताक पर रखकर मोहसिन नकवी ने अपनी राजनीतिक तुनकमिजाजी और ओछी मानसिकता का परिचय दिया। वे नियमों और अंतरराष्ट्रीय समझौतों की धज्जियां उड़ाते हुए एशिया कप की उस प्रतिष्ठित ट्रॉफी को अपने कब्जे में लेने की कोशिश करने लगे जिस पर सभी भाग लेने वाली टीमों का अधिकार होता है। जब आयोजकों और सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें ऐसा करने से रोकने की कोशिश की, तो वे अपनी अकड़ दिखाते हुए वहां से ट्रॉफी लेकर भागने की फिराक में नजर आए, जिसे देखकर वहां मौजूद हर समझदार व्यक्ति का सिर शर्म से झुक गया। इस प्रकार की हरकतें यह साबित करती हैं कि पाकिस्तान के नेता और अधिकारी खेल भावना से कोसों दूर हैं और वे हर मंच का इस्तेमाल केवल अपनी सस्ती लोकप्रियता हासिल करने के लिए करना चाहते हैं। जब एक देश का जिम्मेदार मंत्री इस तरह की चोरियों जैसी हरकतों पर उतर आए, तो उस देश के नागरिकों और खिलाड़ियों का क्या हाल होता होगा, इसका सहज अंदाजा लगाया जा सकता है।

भारतीय सैन्य अफसरों और अधिकारियों का कड़ा तेवर, पाकिस्तानी मंत्री को सुनाई खरी-खोटी

जब पाकिस्तानी मंत्री मोहसिन नकवी अपनी इस घिनौनी हरकत को अंजाम देने की कोशिश कर रहे थे, तब वहां अपनी पैनी नजर बनाए बैठे भारतीय सैन्य अफसरों और प्रशासनिक अधिकारियों ने बिना एक पल गंवाए इस पर कड़ा एतराज जताया। भारतीय अधिकारियों ने अपनी विशिष्ट कूटनीतिक और सैन्य शैली में मोहसिन नकवी को मौके पर ही घेर लिया और उनकी इस कायराना हरकत के लिए उन्हें जमकर लताड़ लगाई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, भारतीय अफसरों ने बिना किसी डर के पाकिस्तानी मंत्री को सीधे तौर पर ‘ट्रॉफी चोर’ और ‘झूठा आदमी’ कहकर पुकारा और उन्हें यह अहसास कराया कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर इस तरह की गुंडागर्दी और चोरियां अब नहीं चलने दी जाएंगी। भारतीय दल के इस स्पष्ट, मुखर और कड़े विरोध के आगे पाकिस्तानी मंत्री और उनके सुरक्षाकर्मी पूरी तरह से असहज नजर आए और उनके पास उस अपमान का कोई जवाब नहीं था। इस तीखी झड़प के दौरान वहां मौजूद अन्य देशों के क्रिकेट बोर्ड के प्रतिनिधि भी हैरान रह गए कि कैसे एक देश का मंत्री बच्चों जैसी हरकत करके अपने पूरे देश की इज्जत नीलाम कर रहा है। भारतीय सैन्य अफसरों के इस साहसिक और दो टूक रवैये ने एक बार फिर से यह साबित कर दिया है कि भारत अपने सम्मान और नियमों के साथ किसी भी स्तर पर समझौता नहीं करता है, चाहे सामने कोई मंत्री ही क्यों न बैठा हो।

पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय किरकिरी और खेल जगत में हो रही थू-थू

इस घटना के सोशल मीडिया पर आने और मीडिया के गलियारों में तैरने के बाद से पूरी दुनिया में पाकिस्तान और उसके खेल प्रशासन की जमकर थू-थू हो रही है। खेल प्रेमियों से लेकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट विश्लेषकों तक हर कोई मोहसिन नकवी की इस बचकानी हरकत पर अपनी हंसी नहीं रोक पा रहा है और उन्हें सोशल मीडिया पर जमकर ट्रोल किया जा रहा है। पाकिस्तान की जनता भी अब अपने नेताओं की इन हरकतों से शर्मसार महसूस कर रही है, क्योंकि एक तरफ जहां उनका देश आर्थिक बदहाली और भुखमरी के दौर से गुजर रहा है, वहीं उनके मंत्री मंचों से ट्राफियां चुराकर भागने जैसे कारनामों में व्यस्त हैं। इस प्रकार की घटनाएं पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और उसकी साख को ऐसा ناقابل पूर्ति नुकसान पहुंचाती हैं जिससे उबरने में उन्हें दशकों लग जाएंगे। क्रिकेट के मैदान पर तो भारतीय टीम ने पहले ही उन्हें कई बार धूल चटाई है, लेकिन अब कूटनीतिक और प्रशासनिक मंचों पर भी उनके मंत्रियों की ऐसी पोल खुलने से उनका असली चेहरा दुनिया के सामने बेनकाब हो चुका है। आने वाले समय में जब भी खेल जगत के इतिहास को याद किया जाएगा, तब मोहसिन नकवी की इस ‘ट्रॉफी चोर’ वाली छवि को हमेशा एक मिसाल के रूप में याद रखा जाएगा कि कैसे एक जिम्मेदार पद पर बैठा व्यक्ति अपने लालच और अहंकार के चक्कर में पूरे देश को हंसी का पात्र बना देता है।