
दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश के बुनियादी ढांचे के इतिहास में एक नया स्वर्णिम अध्याय जुड़ने जा रहा है. उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर में स्थित देश के सबसे आधुनिक हवाई अड्डों में से एक, जेवर एयरपोर्ट (नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट) से आगामी 15 जून से नियमित कमर्शियल उड़ानें पूरी तरह शुरू होने जा रही हैं. इस बहुप्रतीक्षित शुरुआत को लेकर एयरपोर्ट अथॉरिटी और संबंधित एयरलाइंस ने अपनी सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं. इस एयरपोर्ट के चालू होने से न सिर्फ इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट (IGI) दिल्ली का दबाव कम होगा, बल्कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के करोड़ों यात्रियों का सफर भी बेहद आसान हो जाएगा.
सुबह की पहली किरण के साथ उड़ान भरेगा पहला विमान, जानिए सटीक टाइमिंग
15 जून की सुबह जेवर एयरपोर्ट के लिए बेहद ऐतिहासिक होने वाली है. आधिकारिक सूत्रों और एविएशन टाइमटेबल के अनुसार, जेवर एयरपोर्ट से पहली कमर्शियल घरेलू उड़ान सुबह ठीक 06:20 बजे टेकऑफ करेगी. इस उद्घाटन फ्लाइट के रनवे से आसमान छूने के साथ ही एयरपोर्ट औपचारिक रूप से देश-दुनिया के हवाई नक्शे पर सक्रिय हो जाएगा. शुरुआती दौर में चुनिंदा प्रमुख मेट्रो शहरों जैसे मुंबई, बेंगलुरु, कोलकाता और हैदराबाद के लिए सीधी कनेक्टिविटी दी जा रही है. पैसेंजर्स की सहूलियत के लिए चेक-इन काउंटर्स और सुरक्षा जांच काउंटर्स को निर्धारित समय से 3 घंटे पहले ही एक्टिव कर दिया जाएगा, ताकि पहले दिन यात्रियों को किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े.
आधुनिक तकनीक से लैस डिजिटल एयरपोर्ट, यात्रियों को मिलेगा यह बिल्कुल नया अनुभव
जेवर का नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट अपनी अनूठी और अत्याधुनिक तकनीकों के लिए चर्चा में है. इस एयरपोर्ट पर यात्रियों को पूरी तरह से पेपरलेस और कॉन्टैक्टलेस यात्रा का अनुभव मिलेगा. ‘डिजियात्रा’ (DigiYatra) फेशियल रिकग्निशन तकनीक को यहां शुरुआत से ही अनिवार्य और बेहद सुचारू रूप से लागू किया जा रहा है, जिससे यात्रियों को लंबी लाइनों में नहीं लगना पड़ेगा. इसके अलावा, सामान की त्वरित जांच के लिए एडवांस ऑटोमेटेड ट्रे रिट्रीवल सिस्टम (ATRS) और अत्याधुनिक सुरक्षा उपकरण लगाए गए हैं. पर्यावरण के लिहाज से भी यह भारत का पहला नेट-जीरो एमिशन (Net-Zero Emission) ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट है, जो पूरी तरह से इको-फ्रेंडली ऊर्जा पर काम करेगा.
दिल्ली, नोएडा और आगरा के यात्रियों को मिलेगी सीधे एंट्री, बदला ट्रांसपोर्ट का चेहरा
भौगोलिक दृष्टि से जेवर एयरपोर्ट का स्थान बेहद रणनीतिक है. इस एयरपोर्ट को सीधे तौर पर यमुना एक्सप्रेसवे, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे और आगामी रैपिड रेल (RRTS) व मेट्रो नेटवर्क से जोड़ा जा रहा है. इसके चालू होने से नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद, अलीगढ़, मथुरा और आगरा के लोगों को अब फ्लाइट पकड़ने के लिए दिल्ली जाने की मजबूरी नहीं रहेगी. उत्तर प्रदेश सरकार ने एयरपोर्ट तक पहुंचने के लिए विशेष फीडर बस सेवाओं की भी शुरुआत की है, जो पास के प्रमुख रेलवे स्टेशनों और बस टर्मिनलों से सीधे जेवर एयरपोर्ट के प्रस्थान गेट तक यात्रियों को ड्रॉप करेंगी.
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