आंखों के नीचे सूजन अच्छी नींद के बाद भी पफनेस बनी रहे, तो हो सकती है किडनी की बीमारी, डॉक्टर से जानें संकेत

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News India Live, Digital Desk: अक्सर सुबह सोकर उठने पर आंखों के नीचे हल्की सूजन या पफनेस (Puffiness) दिखना सामान्य माना जाता है, जो कुछ ही देर में ठीक हो जाती है। लेकिन अगर आप भरपूर नींद ले रहे हैं और फिर भी आंखों के नीचे की सूजन कम नहीं हो रही, तो इसे केवल थकान या उम्र का असर समझकर नजरअंदाज न करें। आकाश हेल्थकेयर के नेफ्रोलॉजी विशेषज्ञ डॉ. भानु मिश्रा के अनुसार, यह आपकी किडनी (गुर्दे) की बीमारी का एक प्रारंभिक संकेत हो सकता है।

आंखों की सूजन और किडनी का क्या है कनेक्शन?

किडनी का मुख्य कार्य शरीर से अपशिष्ट पदार्थों और अतिरिक्त तरल पदार्थ (Fluids) को बाहर निकालना है। जब किडनी सही ढंग से काम नहीं कर पाती, तो शरीर में नमक और पानी का संतुलन बिगड़ जाता है।

एडिमा (Edema): जब किडनी फिल्टर करने की अपनी क्षमता खोने लगती है, तो शरीर में सोडियम जमा होने लगता है। इसकी वजह से शरीर के ऊतकों (Tissues) में तरल पदार्थ जमा होने लगता है, जिसे मेडिकल भाषा में ‘एडिमा’ कहते हैं।

पेरिऑर्बिटल एडिमा: आंखों के आसपास के ऊतक बहुत कोमल होते हैं, इसलिए तरल पदार्थ का जमाव सबसे पहले यहीं दिखाई देता है। इसे ‘पेरिऑर्बिटल एडिमा’ कहा जाता है।

किडनी खराब होने के अन्य लक्षण

आंखों के नीचे सूजन के साथ-साथ अगर आपको ये लक्षण भी महसूस हों, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए:

पैरों और टखनों में सूजन: शाम तक पैरों में भारीपन या मोजों के निशान पड़ना।

पेशाब में बदलाव: पेशाब का कम आना, झागदार पेशाब (प्रोटीन आने का संकेत) या रंग गहरा होना।

अत्यधिक थकान: खून की कमी (Anemia) और टॉक्सिन्स बढ़ने के कारण कमजोरी महसूस होना।

भूख न लगना और मतली: शरीर में गंदगी जमा होने से जी मिचलाना।

ड्राई और खुजली वाली स्किन: रक्त में खनिज और पोषक तत्वों का संतुलन बिगड़ना।

डॉक्टर की सलाह: क्या करें?

डॉ. भानु मिश्रा के अनुसार, अगर आंखों के नीचे की सूजन बनी रहती है, तो कुछ जांचें कराना जरूरी है:

KFT (Kidney Function Test): इससे क्रिएटिनिन और यूरिया के स्तर का पता चलता है।

यूरिन टेस्ट: यह देखने के लिए कि पेशाब के रास्ते शरीर से प्रोटीन (Albumin) तो बाहर नहीं निकल रहा है।

ब्लड प्रेशर की जांच: हाई बीपी किडनी की बीमारी का मुख्य कारण और लक्षण दोनों है।

बचाव के उपाय

नमक का सेवन कम करें: ज्यादा सोडियम शरीर में पानी रोकता है (Water retention)।

हाइड्रेटेड रहें: दिन भर पर्याप्त पानी पिएं, लेकिन अगर किडनी की समस्या डायग्नोस हुई है, तो डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही पानी की मात्रा तय करें।

हेल्दी डाइट: ताजे फल और सब्जियों का सेवन करें और प्रोसेस्ड फूड से बचें।

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