
अयोध्या में प्रभु श्री राम के भव्य और दिव्य मंदिर के दानपात्र से चढ़ावे की राशि और कीमती सामानों की कथित चोरी का संवेदनशील मामला अब देश की शीर्ष अदालत के दरवाजे पर पहुंच गया है। करोड़ों राम भक्तों की धार्मिक आस्था और देश की अस्मिता से जुड़े इस गंभीर विषय को लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक विशेष याचिका दायर की गई है। इस याचिका में स्थानीय पुलिस प्रशासन की जांच पर असंतोष जताते हुए पूरे मामले को तुरंत केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) के हवाले करने की जोरदार मांग की गई है। याचिकाकर्ता ने साफ शब्दों में कहा है कि राम जन्मभूमि परिसर की सुरक्षा और पारदर्शिता पर उठे इन सवालों के बाद अब देश की जनता का भरोसा तभी बहाल होगा, जब निष्पक्ष और स्वतंत्र केंद्रीय एजेंसी इसकी गहराई से पड़ताल करेगी।
करोड़ों राम भक्तों की आस्था पर चोट और स्थानीय सुरक्षा पर खड़े हुए गंभीर सवाल राम मंदिर के दानपात्र से चोरी की खबरों ने न केवल राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की प्रबंधन व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं, बल्कि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को भी गहरा आघात पहुंचाया है। सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में यह दलील दी गई है कि जिस परिसर की सुरक्षा व्यवस्था बेहद आधुनिक और चाक-चौबंद होने का दावा किया जाता है, वहां से दानपात्र का धन गायब हो जाना किसी बड़ी आंतरिक मिलीभगत की तरफ इशारा करता है। स्थानीय स्तर पर हो रही जांच के दायरे और उसकी निष्पक्षता पर संदेह जताते हुए कोर्ट से हस्तक्षेप करने और एक स्वतंत्र जांच दल या सीबीआई को कमान सौंपने का आग्रह किया गया है ताकि सच को दबाया न जा सके।
याचिकाकर्ता की सुप्रीम कोर्ट में दो टूक, आखिर सीबीआई जांच क्यों है बेहद जरूरी अदालत का रुख करने वाले याचिकाकर्ता ने अपने आवेदन में स्पष्ट किया है कि राम मंदिर में हर दिन देश और दुनिया के कोने-कोने से आने वाले आम नागरिक अपनी गाढ़ी कमाई का हिस्सा दानपात्र में अर्पित करते हैं। इस पैसे का दुरुपयोग या चोरी होना एक अक्षम्य अपराध है। स्थानीय पुलिस पर राजनीतिक या प्रशासनिक दबाव होने की आशंका जताते हुए उन्होंने कहा कि राम भक्तों के मन में पैदा हुए संशय को दूर करने के लिए सीबीआई जांच ही एकमात्र रास्ता बची है। याचिका में यह भी मांग की गई है कि जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक दानपात्र की सुरक्षा और ऑडिट के लिए एक सेवानिवृत्त जज की निगरानी में विशेष समिति का गठन किया जाना चाहिए।
राम जन्मभूमि ट्रस्ट की प्रतिक्रिया और आगे की कानूनी कार्यवाही पर टिकी नजरें इस बड़े मामले के सुप्रीम कोर्ट पहुंचने के बाद अयोध्या से लेकर दिल्ली तक प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। हालांकि, श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पदाधिकारियों की ओर से इस विषय पर अब तक फूंक-फूंक कर कदम रखा जा रहा है और वे लगातार पुलिस का सहयोग करने की बात कह रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट द्वारा इस जनहित याचिका को स्वीकार किए जाने और इस पर होने वाली पहली सुनवाई पर अब पूरे देश की नजरें टिक गई हैं। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यदि शीर्ष अदालत ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए सीबीआई जांच के आदेश दिए, तो यह अयोध्या की स्थानीय सुरक्षा और प्रबंधन से जुड़े कई बड़े चेहरों की मुश्किलें बढ़ा सकता है।
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