अगर भारत-पाकिस्तान के बीच नहीं हुआ मैच तो किसे मिलेगा गोल्ड मेडल

क्रिकेट के मैदान पर जब भी भारत और पाकिस्तान (India vs Pakistan) की टीमें आमने-सामने होती हैं, तो दुनिया भर के करोड़ों क्रिकेट प्रेमियों की धड़कनें तेज हो जाती हैं और इस महामुकाबले का रोमांच किसी भी अन्य खेल प्रतियोगिता से कई गुना अधिक होता है। लेकिन इन दिनों क्रिकेट के गलियारों में चर्चा का सबसे बड़ा विषय यह बना हुआ है कि यदि किसी बड़े टूर्नामेंट के खिताबी मुकाबले यानी फाइनल मैच के दौरान आसमान से बारिश आ जाए और खेल का कोई नतीजा न निकल सके, तो विजेता का फैसला कैसे होगा। क्या दोनों टीमों को संयुक्त विजेता (Joint Winners) घोषित किया जाएगा या फिर पुराने नियमों में कोई बहुत बड़ा बदलाव कर दिया गया है? अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) और विभिन्न खेल बोर्डों द्वारा हाल ही में जारी किए गए नए और कड़े नियमों के अनुसार अब खिताबी मुकाबलों के दौरान बारिश या खराब मौसम से निपटने के प्रावधान पूरी तरह से बदल चुके हैं। आज के इस विस्तृत, खेल-विश्लेषणात्मक और रोमांचक आलेख में हम आपको यह बताने जा रहे हैं कि यदि भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले किसी बहुप्रतीक्षित फाइनल मुकाबले पर बारिश का साया मंडराता है और मैच रद्द हो जाता है, तो नए नियमों के तहत गोल्ड मेडल (Gold Medal) या ट्रॉफी किसके हाथ लगेगी।

भारत-पाकिस्तान महामुकाबले और बारिश का पुराना इतिहास और दर्शकों का रोमांच

क्रिकेट इतिहास के पन्नों को पलटकर देखा जाए तो भारत और पाकिस्तान के बीच कई ऐसे बड़े मैच रहे हैं जिनमें बारिश ने खलल डाला है और कई बार तो मुकाबला बिना एक भी गेंद फेके रद्द करना पड़ा है। जब भी इस तरह की हाई-प्रोफाइल भिड़ंत में मौसम खलनायक बनता है, तो स्टेडियम में बैठे हजारों दर्शकों के साथ-साथ टीवी और मोबाइल स्क्रीन पर नजरें गड़ाए बैठे करोड़ों फैंस का दिल टूट जाता है। टूर्नामेंट के लीग चरण में मैच रद्द होने पर दोनों टीमों को एक-एक अंक बांट दिए जाते हैं, लेकिन जब बाद नॉकआउट दौर या सीधे फाइनल मैच की आती है, तो स्थिति पूरी तरह से बदल जाती है। खिताबी जंग में कोई भी टीम बिना लड़े या सिर्फ किस्मत के भरोसे हार नहीं मानना चाहती, और यही वजह है कि आईसीसी ने फाइनल जैसे महत्वपूर्ण मैचों के लिए हमेशा से एक अतिरिक्त दिन यानी रिजर्व डे (Reserve Day) का प्रावधान रखा है, ताकि खेल का परिणाम हर हाल में मैदान पर ही निकले।

क्या कहते हैं आईसीसी के नए नियम: रिजर्व डे और सुपर ओवर का पूरा गणित

अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ने फाइनल मैचों के दौरान मौसम की अनिश्चितता से निपटने के लिए जो नए दिशा-निर्देश तय किए हैं, उनके मुताबिक यदि तय दिन पर बारिश के कारण मैच पूरा नहीं हो पाता है, तो खेल को वहीं से या अगले दिन रिजर्व डे पर वहीं से शुरू किया जाता है। यदि रिजर्व डे के दिन भी लगातार बारिश होती रहती है और डकवर्थ-लुईस नियम (DLS Method) के तहत भी कम से कम निर्धारित ओवरों का खेल पूरासंभव नहीं हो पाता है, तो क्या सिक्का उछालकर (Toss) या सुपर ओवर से विजेता तय किया जाएगा? नए नियमों के अनुसार, आईसीसी ने टॉस के जरिए विजेता तय करने की पुरानी और लॉटरी जैसी पद्धति को लगभग समाप्त कर दिया है, क्योंकि खिताबी मुकाबले जैसी बड़ी स्टेज पर केवल किस्मत के भरोसे किसी को चैंपियन बनाना खेल की भावना के खिलाफ माना जाता है। यदि रिज़र्व डे पर भी मौसम खराब रहता है और मैच का कोई भी ओवर नहीं फेंका जा सकता, तो ऐसी स्थिति में दोनों फाइनलिस्ट टीमों को संयुक्त विजेता घोषित करके ट्रॉफी साझा करने का नियम लागू रहता है।

ग्रुप चरण के प्रदर्शन और सुपर फोर की स्थिति का फाइनल पर पड़ने वाला असर

यदि टूर्नामेंट का फॉर्मेट ऐसा है जहां फाइनल मुकाबले से पहले सुपर फोर या अंक तालिका (Points Table) के आधार पर टीमें आगे बढ़ी हैं, तो कई स्थानीय या क्षेत्रीय टूर्नामेंट्स में यह नियम भी होता है कि जो टीम लीग स्टेज या ग्रुप राउंड में पॉइंट्स टेबल में शीर्ष पर रही हो, उसे बारिश के कारण मैच रद्द होने की स्थिति में विजेता मान लिया जाता है। लेकिन आईसीसी के विश्वस्तरीय टूर्नामेंटों में नॉकआउट चरण के फाइनल के लिए हमेशा से ही अतिरिक्त समय (Extra Time) का प्रावधान रखा जाता है ताकि ओवरों में कटौती करके ही सही, लेकिन मैच का नतीजा निकाला जा सके। भारत और पाकिस्तान जैसी मजबूत टीमों के बीच जब भी खिताबी भिड़ंत की संभावना बनती है, तो ब्रॉडकास्टर्स और организатор भी यह सुनिश्चित करते हैं कि किसी भी कीमत पर एक पूरा और रोमांचक मैच देखने को मिले, क्योंकि इन मुकाबलों की व्यूअरशिप पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा होती है।

बारिश से बेपरवाह होकर मैदान पर पसीना बहा रही हैं टीमें, फैंस की निगाहें आसमान पर

जैसे-जैसे भारत और पाकिस्तान के बीच किसी बड़े फाइनल मुकाबले की तारीख नजदीक आती है, मौसम विभाग की भविष्यवाणियों पर हर किसी की पैनी नजरें टिक जाती हैं। खिलाड़ी इन बाहरी और प्राकृतिक बाधाओं के बारे में ज्यादा नहीं सोचते, बल्कि उनका पूरा फोकस अपनी रणनीतियों, फिटनेस और मैदान पर बेहतरीन प्रदर्शन करने पर होता है। मौसम चाहे कितना भी खराब क्यों न हो, क्रिकेट प्रेमियों का उत्साह कभी कम नहीं होता क्योंकि वे जानते हैं कि जब भी भारत और पाकिस्तान की टीमें मैदान पर उतरती हैं, तो रोमांच अपनी चरम सीमा पर होता है। यदि आने वाले समय में कभी ऐसा मुकाबला होता है जिस पर बारिश का खतरा मंडराता है, तो ये नए और संशोधित नियम यह सुनिश्चित करेंगे कि खेल का असली न्याय मैदान पर ही हो और दर्शकों को उनकी उम्मीदों के मुताबिक एक बेहतरीन मुकाबला देखने को मिले।