Wednesday , September 2 2026

Zee Entertainment Q4 Results: विज्ञापन आय में कमी और बढ़ते खर्चों से जी इंटरटेनमेंट को ₹104 करोड़ का घाटा

मीडिया और एंटरटेनमेंट सेक्टर की दिग्गज कंपनी जी इंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज (Zee Entertainment) के लिए चौथी तिमाही (Q4) के नतीजे बेहद निराशाजनक रहे हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 की जनवरी-मार्च तिमाही में कंपनी को ₹104 करोड़ का शुद्ध घाटा (Net Loss) हुआ है, जबकि पिछले साल इसी अवधि में कंपनी ने ₹188 करोड़ का मुनाफा दर्ज किया था। इस खराब प्रदर्शन के चलते मंगलवार को कंपनी के शेयरों में लगभग 6% की भारी गिरावट देखी गई और यह ₹82 के आसपास कारोबार करता दिखा।

खराब नतीजों के पीछे के कड़े कारण

कंपनी के प्रबंधन और बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, जी इंटरटेनमेंट के खराब प्रदर्शन के पीछे मुख्य रूप से निम्नलिखित कूटनीतिक और आर्थिक कारक जिम्मेदार रहे हैं:

विज्ञापन आय (Ad Revenue) में गिरावट: कंपनी की कमाई का मुख्य जरिया विज्ञापनों से आता है, जिसमें इस तिमाही 3.5% की कमी आई। CFO मुकुंद गलगली ने स्पष्ट किया कि मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और युद्ध जैसी स्थितियों के चलते कई बड़े विज्ञापनदाताओं ने अपने बजट रोक दिए, जिसका सीधा असर जी की बैलेंस शीट पर पड़ा।

ऑपरेशनल लागत में भारी उछाल: कंपनी का कुल परिचालन खर्च 17% तक बढ़ गया। यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से नई फिल्मों और कंटेंट राइट्स के अधिग्रहण, नए किड्स चैनल ‘KidZ’ के लॉन्च और बढ़ते कानूनी खर्चों के कारण हुई।

प्रतिस्पर्धा का दबाव: रिलायंस और डिज्नी के बीच हुए मर्जर के बाद ब्रॉडकास्टिंग सेक्टर में प्रतिस्पर्धा (Competition) का स्तर काफी ऊंचा हो गया है, जो जी के मार्केट शेयर के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है।

Zee5 और सब्सक्रिप्शन रेवेन्यू से मिली थोड़ी राहत

भारी घाटे और राजस्व में 5.4% की गिरावट के बीच, कंपनी के डिजिटल और सब्सक्रिप्शन बिजनेस ने कुछ उम्मीद की किरण दिखाई है:

ब्रोकरेज हाउसेस का कड़ा रुख

नतीजों के बाद दिग्गज ब्रोकरेज फर्मों ने कंपनी की भविष्य की संभावनाओं को लेकर अपनी चिंताएं जाहिर की हैं:

Elara Securities: इन्होंने स्टॉक को ‘Sell’ रेटिंग दी है और ₹88 का टारगेट प्राइस रखा है। ब्रोकरेज का कहना है कि FY07 के बाद पहली बार कंपनी को EBITDA स्तर पर नुकसान हुआ है, जो बहुत चिंताजनक है।

मोतीलाल ओसवाल: इन्होंने FMCG कंपनियों द्वारा विज्ञापनों पर किए जाने वाले खर्चों में कमी को जी के लिए एक बड़ी दीर्घकालिक समस्या माना है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि जब तक एड रेवेन्यू में बड़ी रिकवरी नहीं होती, शेयर में उछाल आना मुश्किल है।

फिलहाल, जी इंटरटेनमेंट के लिए रिकवरी का रास्ता चुनौतीपूर्ण नजर आ रहा है। अब निवेशकों की नजर कंपनी की अगली रणनीति, कंटेंट पर खर्च में कटौती और डिजिटल सेगमेंट में ग्रोथ को बनाए रखने पर होगी।