
Moradabad Brass Industry: उत्तर प्रदेश की पहचान मानी जाने वाली मुरादाबाद की पीतल एवं मेटल हैंडीक्राफ्ट इंडस्ट्री लगातार नई उपलब्धियां हासिल कर रही है। बेहतर कानून-व्यवस्था, उद्योग के अनुकूल माहौल और सरकार की वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP) योजना के प्रभाव से यह उद्योग तेजी से विस्तार कर रहा है। कारोबारियों के अनुसार, मुरादाबाद का पीतल एवं मेटल हैंडीक्राफ्ट उद्योग अब करीब 7,000 करोड़ रुपये के वार्षिक कारोबार तक पहुंच चुका है और इसमें हर साल लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है।
ODOP योजना से मिली नई पहचान, वैश्विक बाजार में बढ़ी मांग
मुरादाबाद लंबे समय से पीतल और मेटल हैंडीक्राफ्ट के लिए देश-विदेश में प्रसिद्ध रहा है। पिछले कुछ वर्षों में राज्य सरकार की ODOP योजना के तहत स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा मिलने से इस उद्योग को नई ऊर्जा मिली है। उद्योग से जुड़े कारोबारियों का कहना है कि सरकारी प्रोत्साहन, निर्यात को बढ़ावा देने वाली नीतियां और बेहतर सुविधाओं के कारण विदेशी बाजारों में भी मुरादाबाद के उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है।
बेहतर कानून-व्यवस्था से उद्योग जगत का बढ़ा भरोसा
व्यापारियों का मानना है कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था में सुधार और सुरक्षित कारोबारी माहौल ने निवेश एवं व्यापार को गति दी है। उनका कहना है कि उद्योग के लिए अनुकूल वातावरण बनने से उत्पादन क्षमता बढ़ी है और नए कारोबारी अवसर भी सामने आए हैं। इसी का परिणाम है कि मुरादाबाद का हैंडीक्राफ्ट सेक्टर लगातार आर्थिक मजबूती की ओर बढ़ रहा है।
हर साल बढ़ रहा कारोबार, निर्यात को भी मिल रही मजबूती
पीतल एवं मेटल हैंडीक्राफ्ट उद्योग केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था ही नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के निर्यात में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। उद्योग से जुड़े लोगों के मुताबिक, आधुनिक तकनीक, बेहतर मार्केटिंग और सरकारी योजनाओं के सहयोग से कारोबार में निरंतर वृद्धि हो रही है। अनुमान है कि आने वाले वर्षों में यह उद्योग और अधिक विस्तार हासिल कर सकता है।
रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिल रहा बड़ा सहारा
मुरादाबाद का पीतल उद्योग हजारों कारीगरों और श्रमिकों के लिए रोजगार का प्रमुख स्रोत बना हुआ है। उद्योग के विस्तार से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं, जिससे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है। कारोबारियों का मानना है कि यदि इसी तरह उद्योग को प्रोत्साहन मिलता रहा तो मुरादाबाद की पहचान वैश्विक हैंडीक्राफ्ट हब के रूप में और मजबूत होगी।
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