
दुनिया भर में 2 अरब से अधिक लोगों के दैनिक जीवन और बातचीत का प्रमुख जरिया बन चुके मैसेजिंग प्लेटफॉर्म व्हाट्सएप (WhatsApp) ने अपने सुरक्षा और तकनीकी मानकों को अपग्रेड करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। यदि आप भी काफी पुराना स्मार्टफोन इस्तेमाल कर रहे हैं, तो आपके लिए यह खबर बेहद जरूरी है। मेटा (Meta) के स्वामित्व वाली कंपनी ने स्पष्ट कर दिया है कि पुराने ऑपरेटिंग सिस्टम पर चल रहे चुनिंदा एंड्रॉइड (Android) और एप्पल आईओएस (iOS) डिवाइसेज पर व्हाट्सएप का लॉगिन और सपोर्ट पूरी तरह बंद होने जा रहा है। कंपनी अपने सुरक्षा प्रोटोकॉल, एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन और आधुनिक फीचर्स जैसे एआई चैटबॉट और हाई-डेफिनिशन मीडिया शेयरिंग को बनाए रखने के लिए पुराने सॉफ्टवेयर पर काम करना बंद कर रही है। उत्तर प्रदेश के लखनऊ, कानपुर से लेकर दिल्ली, मुंबई और छोटे शहरों तक ऐसे यूजर्स प्रभावित होंगे जो पुराने हैंडसेट पर बिना सॉफ्टवेयर अपडेट के व्हाट्सएप चला रहे हैं।
व्हाट्सएप के आधिकारिक हेल्प सेंटर द्वारा जारी की गई नई न्यूनतम सिस्टम आवश्यकताओं के अनुसार, कंपनी ने एंड्रॉइड 5.0 (लॉलीपॉप) और 5.1 पर सपोर्ट को समाप्त कर दिया है। अब व्हाट्सएप का सुचारू इस्तेमाल करने और नया लॉगिन करने के लिए डिवाइस में कम से कम Android OS 6.0 (मार्शमैलो) या उससे नया वर्जन होना अनिवार्य कर दिया गया है। इसका मतलब यह है कि जो फोन एंड्रॉइड 6.0 पर अपग्रेड नहीं हो सकते, उन पर न तो व्हाट्सएप का नया इंस्टॉलेशन होगा और न ही लॉगिन या चैट बैकअप काम करेगा। इसमें सैमसंग, एलजी, मोटोरोला, एचटीसी और सोनी जैसी कंपनियों के वे पुराने मॉडल शामिल हैं जो 2014-2015 के दौर में लॉन्च हुए थे और जिनमें आगे कोई सॉफ्टवेयर अपडेट नहीं आया।
आईफोन इस्तेमाल करने वाले एप्पल यूजर्स के लिए भी मेटा ने स्पष्ट समय-सीमा तय कर दी है। वर्तमान में व्हाट्सएप के संचालन के लिए कम से कम iOS 15.1 या उससे नया वर्जन आवश्यक है। इसके साथ ही आधिकारिक दिशानिर्देशों के तहत आगामी 30 नवंबर से केवल iOS 15.5 और उससे नए वर्जन पर ही व्हाट्सएप सपोर्ट उपलब्ध रहेगा। इसका सीधा असर आईफोन 6, आईफोन 6 प्लस, आईफोन 5एस और उससे पुराने मॉडल्स पर पड़ेगा, क्योंकि ये डिवाइसेज आईओएस 15 या उसके नए वर्जन को सपोर्ट करने में सक्षम नहीं हैं। जो यूजर्स आईफोन 6एस, 7 या फर्स्ट-जेनरेशन आईफोन एसई इस्तेमाल कर रहे हैं, उन्हें अपने फोन को तुरंत उपलब्ध नवीनतम आईओएस वर्जन पर अपडेट करने की सलाह दी गई है।
उपभोक्ताओं के मन में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि आखिर चालू हालत में मौजूद फोन्स पर व्हाट्सएप बंद क्यों किया जा रहा है। कंपनी के अनुसार इसके तीन मुख्य तकनीकी कारण हैं:
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सुरक्षा अपडेट की कमी: पुराने ऑपरेटिंग सिस्टम्स को गूगल और एप्पल जैसी कंपनियां काफी पहले सुरक्षा पैच देना बंद कर चुकी होती हैं। ऐसे डिवाइसेज पर मैलवेयर और डेटा चोरी का खतरा सबसे ज्यादा रहता है।
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आधुनिक फीचर्स की असंगति: व्हाट्सएप में लगातार नए फीचर्स जुड़ रहे हैं, जैसे मेटा एआई (Meta AI), स्क्रीन शेयरिंग, एचडी वीडियो कॉलिंग और चैनल्स। इन टूल्स को चलाने के लिए जिस आधुनिक हार्डवेयर और एपीआई (API) की आवश्यकता होती है, वह पुराने फोन्स में मौजूद नहीं होती।
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यूजर्स की घटती संख्या: कंपनी हर साल उन सिस्टम्स का ऑडिट करती है जिनका उपयोग कुल यूजरबेस का 1% से भी कम रह गया है, ताकि अपने तकनीकी संसाधनों को आधुनिक और सुरक्षित सिस्टम्स पर केंद्रित किया जा सके।
यदि आपको संदेह है कि आपका फोन इस बदलाव से प्रभावित हो सकता है, तो आप 1 मिनट में अपने फोन की सेटिंग्स में जाकर इसका पता लगा सकते हैं:
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एंड्रॉइड में चेक करने का तरीका: अपने फोन की ‘Settings’ में जाएं > नीचे स्क्रॉल कर ‘About Phone’ या ‘System’ पर क्लिक करें > वहां ‘Android Version’ देखें। यदि यह 6.0 या उससे ऊपर है, तो आपका व्हाट्सएप सामान्य रूप से चलता रहेगा। यदि यह 5.0 है और अपडेट का विकल्प दिख रहा है, तो तुरंत फोन को अपडेट कर लें।
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आईफोन में चेक करने का तरीका: ‘Settings’ खोलें > ‘General’ पर जाएं > ‘About’ में जाकर ‘Software Version’ चेक करें। यदि यह 15.5 से नीचे है, तो ‘Software Update’ में जाकर तुरंत लेटेस्ट ओएस इंस्टॉल करें।
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चैट और मीडिया का बैकअप तुरंत लें: जिन यूजर्स का फोन अपग्रेड नहीं हो सकता, उन्हें सलाह दी जाती है कि वे व्हाट्सएप की ‘Settings’ > ‘Chats’ > ‘Chat Backup’ में जाकर अपनी पूरी चैट हिस्ट्री का बैकअप गूगल ड्राइव (Google Drive) या आईक्लाउड (iCloud) पर सुरक्षित कर लें। इसके बाद वे किसी नए सपोर्टेड स्मार्टफोन में अपना सिम डालकर उसी नंबर से लॉगिन करेंगे, तो उनकी पुरानी सारी चैट और फोटो-वीडियो वापस रीस्टोर हो जाएंगी।
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