‘ऐसे देश में रहने पर शर्म आती है…’ बीजेपी पर बरसते हुए कपिल सिब्बल के इस बयान पर क्या है आपकी राय.

देश की सियासत में इन दिनों बयानों के तीर बेहद तीखे हो चुके हैं, लेकिन राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल के एक ताजा बयान ने राजनीतिक गलियारों के साथ-साथ सोशल मीडिया पर भी एक नई बहस को जन्म दे दिया है। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की नीतियों और मौजूदा राजनीतिक हालातों पर तीखा हमला बोलते-बोलते सिब्बल कुछ ऐसा कह गए, जिसने हर किसी को सोचने पर मजबूर कर दिया है। उन्होंने बेहद तल्ख लहजे में कहा कि आज के माहौल को देखकर उन्हें ‘ऐसे देश में रहने पर शर्म आती है।’ उनके इस बयान के बाद देश की जनता दो गुटों में बंटती नजर आ रही है और हर तरफ एक ही सवाल गूंज रहा है कि क्या आप उनके इस नजरिए से सहमत हैं?

कपिल सिब्बल ने बीजेपी पर क्यों बोला इतना बड़ा हमला

दरअसल, कपिल सिब्बल लंबे समय से केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी की कार्यशैली पर सवाल उठाते रहे हैं, लेकिन इस बार उनका गुस्सा सातवें आसमान पर नजर आया। उन्होंने देश की मौजूदा लोकतांत्रिक व्यवस्था, केंद्रीय एजेंसियों के कथित दुरुपयोग और समाज में बढ़ते ध्रुवीकरण को लेकर सत्तापक्ष को जमकर आड़े हाथों लिया। सिब्बल का मानना है कि देश की बुनियादी संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर किया जा रहा है, जिससे आम नागरिक के अधिकारों पर सीधा असर पड़ रहा है। इसी हताशा और आक्रोश को बयां करते हुए उन्होंने देश की मौजूदा स्थिति पर यह बेहद विवादित और बड़ा बयान दे डाला।

सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस और जनता की अलग-अलग राय

कपिल सिब्बल का यह बयान सामने आते ही मानो बयानों का तूफान आ गया है। एक तरफ जहां विपक्ष के तमाम नेता और समर्थक सिब्बल के सुर में सुर मिलाते हुए देश की लोकतांत्रिक स्थिति पर चिंता जाहिर कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ बीजेपी और राष्ट्रभक्त नागरिकों का एक बड़ा वर्ग इस बयान पर कड़ी आपत्ति दर्ज करा रहा है। आलोचकों का साफ कहना है कि किसी पार्टी या सरकार का विरोध करना एक अलग बात है, लेकिन राजनीतिक लाभ के लिए अपने ही देश के बारे में ऐसी टिप्पणी करना कतई स्वीकार्य नहीं है। इस बयान ने राष्ट्रवाद बनाम राजनीतिक विरोध की एक बेहद संवेदनशील बहस को फिर से जिंदा कर दिया है।

क्या आप कपिल सिब्बल की इस कड़वी टिप्पणी से सहमत हैं

एक जागरूक नागरिक और इस लोकतांत्रिक व्यवस्था के अहम हिस्से के तौर पर अब फैसला आपके हाथ में है। क्या आपको भी लगता है कि देश के मौजूदा हालात वाकई इतने चिंताजनक हो चुके हैं कि विपक्ष के एक बड़े नेता को इस तरह की बात कहनी पड़ी? या फिर आपको लगता है कि राजनीतिक मतभेदों और सरकार की आलोचना के चक्कर में देश की छवि को इस तरह कटघरे में खड़ा करना पूरी तरह से गलत है? इस पूरे घटनाक्रम और कपिल सिब्बल के इस बेहद तीखे बयान पर आपकी क्या राय है, हमें कमेंट करके या अपना वोट देकर जरूर बताएं।