News India Live, Digital Desk : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण के मतदान से ठीक पहले कोलकाता का सियासी पारा चरम पर पहुँच गया है। सोमवार शाम कोलकाता के इकबालपुर इलाके में तृणमूल कांग्रेस (TMC) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कार्यकर्ताओं के बीच हिंसक झड़प हो गई। पहले चरण के प्रचार का आज आखिरी दिन है और शाम 5 बजे से ‘साइलेंस पीरियड’ लागू होने वाला है, लेकिन उससे ठीक पहले हुई इस हिंसा ने पूरे इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। पुलिस को स्थिति नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज और हल्का बल प्रयोग करना पड़ा।
प्रचार के दौरान छिड़ा खूनी संघर्ष
घटना इकबालपुर के हुसैन शाह रोड की है, जहाँ भाजपा उम्मीदवार राकेश सिंह के नेतृत्व में एक चुनावी बैठक आयोजित की जा रही थी। चश्मदीदों के मुताबिक, बैठक के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं की नारेबाजी का टीएमसी समर्थकों ने विरोध किया, जिसके बाद दोनों पक्षों में तीखी बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों गुटों के बीच धक्का-मुक्की और मारपीट शुरू हो गई। स्थानीय लोगों ने बताया कि हालात काबू से बाहर होते देख पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा।
थाने के सामने ‘हाई वोल्टेज’ ड्रामा
झड़प के कुछ देर बाद दोनों पार्टियों के सैकड़ों कार्यकर्ता इकबालपुर पुलिस स्टेशन के बाहर जमा हो गए और एक-दूसरे के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन करने लगे। पुलिस स्टेशन के बाहर बढ़ते तनाव को देखते हुए प्रशासन ने सड़क को पूरी तरह से सील कर दिया। स्थिति को संभालने के लिए स्थानीय पुलिस के साथ केंद्रीय सुरक्षा बलों (Central Forces) की भारी तैनाती की गई है। पूरे इलाके में अभी भी तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और सुरक्षा बल लगातार गश्त कर रहे हैं।
पुलिस का एक्शन: 9 गिरफ्तार, 3 FIR दर्ज
कोलकाता पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित कार्रवाई की है। इस हिंसा के सिलसिले में अब तक कुल 9 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें 5 भाजपा कार्यकर्ता और 4 टीएमसी समर्थक शामिल हैं। पुलिस ने अलग-अलग गुटों के खिलाफ 3 FIR दर्ज की हैं। भाजपा उम्मीदवार राकेश सिंह ने आरोप लगाया है कि उन्हें और उनके कार्यकर्ताओं को जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है, जबकि टीएमसी ने इसे भाजपा की ‘डराने-धमकाने’ वाली राजनीति करार दिया है।
पहले चरण के रण के लिए तैयार बंगाल
बता दें कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण के तहत 23 अप्रैल 2026 को 152 सीटों पर मतदान होना है। प्रचार के अंतिम दौर में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जैसे दिग्गजों ने पूरी ताकत झोंक दी है। ममता बनर्जी ने भाजपा पर चुनावी प्रक्रिया में बाधा डालने और उनके कार्यक्रमों को बाधित करने का आरोप लगाया है, वहीं भाजपा ने बंगाल में भ्रष्टाचार और घुसपैठ को मुद्दा बनाया है। इकबालपुर की घटना के बाद चुनाव आयोग ने संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा और कड़ी करने के निर्देश दिए हैं।
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