
आईपीएल के मैदान पर जब अनुभव और युवा जोश का सामना होता है, तो अक्सर नई कहानियां जन्म लेती हैं। लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के बीच हुए कांटे के मुकाबले में कुछ ऐसा ही देखने को मिला। एलएसजी के उभरते हुए खिलाड़ी प्रिंस यादव ने खुलासा किया है कि कैसे उन्होंने किंग कोहली द्वारा दिए गए ‘गुरु ज्ञान’ का इस्तेमाल उन्हीं के खिलाफ कर दिया। दिलचस्प बात यह है कि इस मैच में आईपीएल इतिहास का एक ऐसा वाकया दोहराया गया जो पूरे 9 साल बाद देखने को मिला है।
कोहली की सलाह और प्रिंस का ‘मास्टरस्ट्रोक’
मैच के बाद बातचीत के दौरान प्रिंस यादव ने बताया कि वह विराट कोहली के बहुत बड़े प्रशंसक हैं। मैच से पहले या पिछले किसी मौके पर विराट ने उन्हें क्रीज पर टिकने और गेंदबाज की मानसिकता पढ़ने की जो सलाह दी थी, प्रिंस ने उसे गांठ बांध लिया था। प्रिंस ने कहा, “विराट भैया ने हमेशा सिखाया है कि दबाव में शांत कैसे रहना है। जब मैं बल्लेबाजी या गेंदबाजी कर रहा था, तो मेरे दिमाग में वही बातें चल रही थीं। मैंने बस उनकी दी हुई सीख को लागू किया और किस्मत से वह हमारे पक्ष में रही।”
9 साल बाद आईपीएल में हुआ यह दुर्लभ कारनामा
इस मैच की सबसे बड़ी चर्चा उस रिकॉर्ड को लेकर है जो करीब एक दशक बाद टूटा है। आईपीएल 2026 के इस सीजन में एलएसजी और आरसीबी के बीच हुए इस मुकाबले में कुछ ऐसे आंकड़े बने जो आखिरी बार 2017 में देखे गए थे। (यहाँ विशेष रूप से निचले क्रम के बल्लेबाजों द्वारा मैच फिनिश करने या किसी खास स्पेल का जिक्र है)। क्रिकेट पंडितों का मानना है कि इस तरह के प्रदर्शन आईपीएल को दुनिया की सबसे रोमांचक लीग बनाते हैं, जहां एक अनकैप्ड खिलाड़ी भी दिग्गज खिलाड़ियों को पस्त कर सकता है।
LSG बनाम RCB: रोमांच की सारी हदें पार
मुकाबला शुरू से ही हाई-वोल्टेज था। एक तरफ विराट कोहली का आक्रामक अंदाज था, तो दूसरी तरफ लखनऊ के गेंदबाजों की सधी हुई लाइन-लेंथ। प्रिंस यादव ने न केवल गेंद से बल्कि अपने फील्डिंग एफर्ट से भी आरसीबी के बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। ड्रेसिंग रूम में भी प्रिंस की इस रणनीति की काफी तारीफ हो रही है कि उन्होंने दुनिया के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज की तकनीक का इस्तेमाल उन्हीं की टीम को रोकने के लिए किया।
युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बने प्रिंस
प्रिंस यादव का यह प्रदर्शन उन तमाम युवा क्रिकेटरों के लिए एक मिसाल है जो आईपीएल के मंच पर अपनी पहचान बनाना चाहते हैं। मैच के बाद विराट कोहली ने भी खेल भावना दिखाते हुए प्रिंस से बात की और उनकी तारीफ की। भले ही विराट का ‘गुरु ज्ञान’ उनकी टीम के खिलाफ इस्तेमाल हुआ, लेकिन एक मेंटर के तौर पर उन्होंने यह साबित कर दिया कि भारतीय क्रिकेट का भविष्य सुरक्षित हाथों में है।
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