
अंतरराष्ट्रीय भू-राजनीति और कूटनीतिक हलकों से एक बेहद दिलचस्प और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। वेनेजुएला में हुए ऐतिहासिक राजनीतिक बदलाव के बाद सत्ता की कमान संभालने वाली नई राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज का एक ऐसा रूप सामने आया है जिसने भारत के लोगों, खासकर आध्यात्मिक जगत से जुड़े लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। बेहद आक्रामक और कुशल राजनेता मानी जाने वाली डेल्सी रोड्रिगेज का भारत से बहुत पुराना और गहरा आध्यात्मिक संबंध है। बेहद कम लोग जानते हैं कि वेनेजुएला की यह कड़क नेता भारत के महान आध्यात्मिक गुरु सत्य साईं बाबा की परम भक्त हैं और उनके जीवन पर भारतीय अध्यात्म का बहुत गहरा प्रभाव है।
पुट्टपर्थी के ‘प्रशांति निलयम’ आश्रम से रहा है बरसों पुराना नाता
वेनेजुएला की नई राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज की आस्था भारत के प्रति कितनी गहरी है, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि वे कई बार भारत का दौरा कर चुकी हैं। अपनी इन यात्राओं के दौरान वे किसी राजनीतिक कार्यक्रम का हिस्सा बनने के बजाय आंध्र प्रदेश के अनंतपुर जिले में स्थित सत्य साईं बाबा के मुख्य आश्रम ‘पुट्टपर्थी’ (प्रशांति निलयम) पहुंचती रही हैं। आश्रम के सूत्रों और पुराने सेवादारों के मुताबिक, डेल्सी रोड्रिगेज जब भी भारत आती थीं, तो बेहद साधारण भक्तों की तरह आश्रम के नियमों का पालन करते हुए बाबा के भजनों और आध्यात्मिक चर्चाओं में लीन हो जाती थीं। बाबा के दर्शन और उनके विचारों ने उनके राजनीतिक और व्यक्तिगत जीवन को एक नई दिशा दी।
सत्य साईं बाबा के सेवा और मानवता के संदेश की हैं मुरीद
डेल्सी रोड्रिगेज केवल एक भक्त के रूप में ही सत्य साईं बाबा से नहीं जुड़ी हैं, बल्कि वे बाबा द्वारा चलाए जा रहे सामाजिक कार्यों और मानवता की सेवा के संदेश की भी बहुत बड़ी प्रशंसक हैं। पुट्टपर्थी आश्रम द्वारा चलाए जा रहे मुफ्त सुपर स्पेशलिटी अस्पताल, शैक्षणिक संस्थानों और ग्रामीण जल आपूर्ति जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं का उनके दिल पर गहरा असर पड़ा। उन्होंने अपने कई साक्षात्कारों और करीबियों से बातचीत में इस बात का जिक्र भी किया है कि निस्वार्थ भाव से समाज की सेवा करने की प्रेरणा उन्हें भारत की पावन धरती और सत्य साईं बाबा के विचारों से ही मिलती है।
राष्ट्रपति बनने के बाद भारत और वेनेजुएला के संबंधों को मिलेगी नई मजबूती
डेल्सी रोड्रिगेज के वेनेजुएला के सर्वोच्च पद पर आसीन होने के बाद कूटनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले समय में भारत और वेनेजुएला के द्विपक्षीय संबंधों में एक नया और बेहद सकारात्मक मोड़ देखने को मिल सकता है। वेनेजुएला दुनिया के सबसे बड़े तेल उत्पादक देशों में से एक है और भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए कच्चे तेल का एक बड़ा आयातक है। ऐसे में नई राष्ट्रपति का भारत के प्रति यह पुराना आध्यात्मिक झुकाव और सम्मान दोनों देशों के बीच व्यापारिक, कूटनीतिक और सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने में एक बड़ा सेतु (पुल) साबित हो सकता है।
सात समंदर पार भी गूंज रहा है भारतीय अध्यात्म और सनातन का डंका
यह कोई पहली बार नहीं है जब दुनिया के किसी शक्तिशाली देश के शीर्ष नेता का झुकाव भारतीय संस्कृति या अध्यात्म की तरफ देखा गया हो। इससे पहले भी ब्रिटेन के प्रधानमंत्री से लेकर अमेरिका और यूरोपीय देशों के कई बड़े राष्ट्राध्यक्ष भारतीय दर्शन की सराहना कर चुके हैं। वेनेजुएला की राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज की सत्य साईं बाबा के प्रति अटूट श्रद्धा यह साबित करती है कि भारतीय अध्यात्म की सीमाएं केवल भारत तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि सात समंदर पार दक्षिण अमेरिका महाद्वीप के देशों में भी सत्य साईं बाबा के करोड़ों अनुयायी आज भी उनके दिखाए मार्ग पर चलकर मानवता की सेवा में जुटे हुए हैं।
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