Varanasi Airport Drug Bust: बैंकॉक से वाराणसी पहुंचे विमान में मिला 22 करोड़ का हाई-टेक ड्रग्स

उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित लाल बहादुर शास्त्री अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे (बाबतपुर एयरपोर्ट) पर सुरक्षा और जांच एजेंसियों को एक बहुत बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। शनिवार को राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) और कस्टम विभाग की संयुक्त टीम ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए बैंकॉक से आए दो हवाई यात्रियों के पास से भारी मात्रा में ‘हाइड्रोपोनिक गांजा’ (Hydroponic Ganja) बरामद किया है। अधिकारियों के मुताबिक, जब्त किए गए इस हाई-टेक गांजे का कुल वजन लगभग 20 किलोग्राम है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय ब्लैक मार्केट में कीमत करीब 22 करोड़ रुपये आंकी गई है।

एयर इंडिया के विमान से पहुंचे थे वाराणसी, उज्जैन के रहने वाले हैं तस्कर

कस्टम और डीआरआई के आला अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए दोनों अंतरराष्ट्रीय तस्कर एयर इंडिया एक्सप्रेस (Air India Express) के विमान संख्या IX-215 से बैंकॉक से उड़ान भरकर वाराणसी पहुंचे थे। एयरपोर्ट पर उतरने के बाद जब वे इमिग्रेशन और कस्टम क्लीयरेंस की तरफ बढ़ रहे थे, तभी खुफिया इनपुट और शक के आधार पर सुरक्षा एजेंसियों ने उन्हें रोक लिया।

जब उनके सामान (ट्रॉली बैग और हैंडबैग) की सघन तलाशी ली गई, तो उसके भीतर छुपाकर रखा गया 20 किलो कीमती गांजा बरामद हुआ। गिरफ्त में आए आरोपियों की पहचान शहनाज और यूसुफ के रूप में हुई है, जो मूल रूप से मध्य प्रदेश के उज्जैन के निवासी हैं।

वाराणसी में देनी थी डिलीवरी, फिर मुंबई भागने का था प्लान

प्राथमिक पूछताछ और इनवेस्टिगेशन में आरोपियों ने बेहद चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उन्होंने बताया कि वे बैंकॉक से इस भारी-भरकम कंसाइनमेंट को लेकर वाराणसी एयरपोर्ट पर उतरे थे। यहां एयरपोर्ट के बाहर उन्हें यह माल किसी अज्ञात स्थानीय रिसीवर (व्यक्ति) को सौंपना था। इसके तुरंत बाद दोनों तस्करों का वाराणसी से ही मुंबई भागने का प्लान था, जहां वे इस नेटवर्क के अन्य आकाओं से मिलने वाले थे। फिलहाल डीआरआई ने बरामद मादक पदार्थ को पूरी तरह जब्त कर दोनों आरोपियों के खिलाफ कस्टम अधिनियम (Customs Act) के तहत गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया है।

क्या होता है ‘हाइड्रोपोनिक गांजा’ और क्यों है यह सामान्य गांजे से कई गुना ज्यादा नशीला?

इस बड़ी बरामदगी के बाद हर कोई यह जानने को उत्सुक है कि आखिर हाइड्रोपोनिक गांजा क्या है जो इतना महंगा बिकता है। कस्टम एक्सपर्ट्स और कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार:

  • बिना मिट्टी की खेती: हाइड्रोपोनिक गांजा उगाने के लिए पारंपरिक तौर पर मिट्टी का इस्तेमाल नहीं किया जाता। इसे पूरी तरह बंद कमरों (In-door) के भीतर सिर्फ पानी और विशेष पोषक तत्वों (मिनरल्स) से युक्त केमिकल घोल के सहारे एक नियंत्रित वातावरण में उगाया जाता है।

  • अत्यधिक नशीला (High THC): इस हाई-टेक कृषि तकनीक के कारण पौधे की ग्रोथ बहुत तेजी से होती है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस विधि से तैयार गांजे में ‘टीएचसी’ (THC – नशीला तत्व) का स्तर सामान्य खेतों में उगने वाले गांजे की तुलना में कई गुना अधिक और घातक होता है।

  • कीमत आसमान पर: इसी अत्यधिक तीखे नशे और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के कारण इसकी कीमत सामान्य गांजे से सैकड़ों गुना ज्यादा होती है, जो अमीर वर्ग और रेव पार्टियों की पहली पसंद माना जाता है।

मर्चेंट नेवी कर्मी के बैग से मिले कारतूस के खोखे; एयरपोर्ट पर मची खलबली

बाबतपुर एयरपोर्ट पर सुरक्षा से जुड़ा यह इकलौता मामला नहीं था। इससे ठीक एक दिन पहले यानी शुक्रवार की दोपहर को भी एयरपोर्ट के डोमेस्टिक टर्मिनल पर उस वक्त खलबली मच गई, जब दिल्ली जाने वाले एक यात्री के हैंडबैग से .32 बोर कारतूस के तीन खाली खोखे (Empties) बरामद हुए। सेंट्रल इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी फोर्स (CISF) के जवानों ने लगेज स्कैनिंग के दौरान इस संदिग्ध वस्तु को पकड़ा।

पकड़ा गया युवक उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के सिंगरामऊ थाना क्षेत्र का रहने वाला है और वह पेशे से मर्चेंट नेवी में फिटर के पद पर कार्यरत है। उसे इंडिगो एयरलाइंस की फ्लाइट से दिल्ली जाना था। बोर्डिंग पास लेने के बाद जैसे ही वह सिक्योरिटी होल्ड एरिया में चेकिंग के लिए पहुंचा, जवानों ने उसके बैग से खोखे बरामद कर उसकी यात्रा को तुरंत रद्द कर दिया। सुरक्षा एजेंसियों ने एयरपोर्ट पुलिस चौकी पर युवक से करीब तीन घंटे तक कड़ी पूछताछ की। अंत में, कोई आतंकी या आपराधिक लिंक न मिलने और युवक द्वारा भूलवश बैग में खोखे छूट जाने की बात स्वीकार करने के बाद, पुलिस ने देर शाम उससे माफीनामा (बॉन्ड) लिखवाकर उसे छोड़ दिया।