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UPTET रिजल्ट पर छिड़े घमासान के बीच आयोग का बड़ा फैसला: 10 सितंबर तक दर्ज कराएं प्रत्यावेदन

उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET 2026) के बहुप्रतीक्षित परीक्षा परिणामों के घोषित होने के बाद शुरू हुआ विवाद अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) द्वारा 26 अगस्त 2026 को जारी किए गए परिणामों में बड़े पैमाने पर विसंगतियों, कम अंक मिलने और हजारों अभ्यर्थियों के परिणाम अचानक निरस्त (Rejected) दिखाए जाने के बाद प्रदेश भर के अभ्यर्थियों में तीव्र आक्रोश फैल गया था। लगातार बढ़ते छात्र आंदोलन और अभ्यर्थियों की शिकायतों की गंभीरता को देखते हुए चयन आयोग ने एक आधिकारिक अधिसूचना जारी कर असंतुष्ट अभ्यर्थियों को औपचारिक रूप से आपत्ति और प्रत्यावेदन (Representation) दाखिल करने का अवसर प्रदान किया है। आयोग के नवीनतम निर्देशों के अनुसार, जो भी अभ्यर्थी अपने प्राप्तांकों, ओएमआर शीट के मूल्यांकन अथवा परिणाम की स्थिति से असंतुष्ट हैं, वे 10 सितंबर 2026 की मध्यरात्रि तक अपना विस्तृत साक्ष्य-सहित प्रत्यावेदन आयोग को प्रेषित कर सकते हैं। 10 सितंबर के बाद प्राप्त होने वाले किसी भी प्रार्थना पत्र पर विचार नहीं किया जाएगा। इस फैसले से उन लाखों अभ्यर्थियों को न्याय की उम्मीद जगी है, जो आधिकारिक उत्तर कुंजी से मिलान के बाद उत्तीर्ण होने के बावजूद स्कोरकार्ड पर अनुत्तीर्ण या रिजेक्ट घोषित कर दिए गए थे।

यूपीटीईटी 2026 के परिणामों को लेकर उत्पन्न हुए इस अप्रत्याशित विवाद की जड़ें ओएमआर शीट के कम्प्यूटरीकृत मूल्यांकन और अंक निर्धारण प्रणाली से जुड़ी हैं। 26 अगस्त को जब आधिकारिक पोर्टल पर परिणाम लाइव किया गया, तो लगभग 60,000 से अधिक अभ्यर्थियों के स्कोरकार्ड पर परिणाम की स्थिति केवल ‘Rejected’ प्रदर्शित हो रही थी। आयोग का प्रारंभिक तर्क था कि इन अभ्यर्थियों द्वारा ओएमआर शीट में रोल नंबर, प्रश्न पुस्तिका सीरीज (Booklet Series) अथवा भाषा कोड के गोलों को गलत भरने या अधूरा छोड़ने के कारण स्कैनिंग सॉफ्टवेयर ने उनकी कॉपियों को प्रोसेस करने से मना कर दिया। हालांकि, अभ्यर्थियों का दावा है कि उन्होंने परीक्षा कक्ष में कक्ष निरीक्षकों की उपस्थिति में सभी विवरण सही ढंग से भरे थे, फिर भी तकनीकी खराबी के चलते उनका साल बर्बाद किया जा रहा है। इसके अलावा, दूसरा बड़ा विवाद अंकों के भारी अंतर को लेकर है। सैकड़ों अभ्यर्थियों का कहना है कि आयोग द्वारा जारी प्रोविजनल और फाइनल आंसर-की से मिलान करने पर उनके 95 से 110 अंक बन रहे थे, जो कि सामान्य और आरक्षित वर्ग की कट-ऑफ से कहीं अधिक थे। परंतु जब 26 अगस्त को ऑनलाइन स्कोरकार्ड डाउनलोड किया गया, तो उसमें अंक घटकर 70 से 75 के बीच दिखाए गए और उन्हें ‘Fail’ घोषित कर दिया गया। अभ्यर्थियों के इस जबरदस्त विरोध और तकनीकी शिकायतों के दबाव के चलते आयोग को आनन-फानन में 4 सितंबर को अपनी आधिकारिक वेबसाइट से रिजल्ट डाउनलोड करने का मुख्य लिंक अस्थायी रूप से हटाना पड़ा था।

परिणामों में खामियों के उजागर होने के बाद भारी संख्या में अभ्यर्थी प्रयागराज स्थित उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के केंद्रीय कार्यालय पर पहुंचकर व्यक्तिगत रूप से ज्ञापन सौंप रहे थे, जिससे कार्यालय परिसर में भारी गहमागहमी और अव्यवस्था का माहौल बन गया था। इसे देखते हुए आयोग ने अपनी कार्यप्रणाली में तत्काल बदलाव करते हुए स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि अब किसी भी अभ्यर्थी का ऑफलाइन अथवा भौतिक (Physical) प्रत्यावेदन आयोग के दफ्तर में स्वीकार नहीं किया जाएगा। आयोग ने अभ्यर्थियों की सुविधा और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए संपूर्ण प्रक्रिया को डिजिटल कर दिया है। अब अभ्यर्थियों को अपनी आपत्ति सीधे आयोग की अधिकृत ईमेल आईडी पर भेजनी होगी।

ईमेल के जरिए प्रत्यावेदन भेजने की मानक प्रक्रिया इस प्रकार निर्धारित की गई है:

  • सबसे पहले अभ्यर्थी को आयोग द्वारा अधिकृत ईमेल आईडी [email protected] पर अपना ईमेल ड्राफ्ट करना होगा।

  • ईमेल के ‘सब्जेक्ट लाइन’ (Subject) में स्पष्ट रूप से अपना रोल नंबर, पंजीकरण संख्या और ‘UPTET 2026 Result Grievance’ अवश्य लिखें।

  • ईमेल के मुख्य भाग (Body) में अपना पूरा नाम, पिता का नाम, परीक्षा तिथि, परीक्षा केंद्र का नाम, पेपर (प्राथमिक स्तर – पेपर 1 अथवा उच्च प्राथमिक स्तर – पेपर 2) और ओएमआर शीट की बुकलेट सीरीज का साफ-साफ उल्लेख करें।

  • अपनी समस्या को स्पष्ट और संक्षिप्त शब्दों में लिखें कि आपको किस विषय या प्रश्न के मूल्यांकन पर आपत्ति है अथवा आपका रिजल्ट किन कारणों से रिजेक्ट दिखाया गया है।

  • प्रत्यावेदन के साथ अपने UPTET 2026 एडमिट कार्ड की स्व-हस्ताक्षरित कॉपी, डाउनलोड किए गए स्कोरकार्ड की प्रति और ओएमआर शीट की कैंडिडेट कार्बन कॉपी (Candidate’s Copy) का स्पष्ट पीडीएफ या जेपीजी फॉर्मेट अटैच करें।

  • अभ्यर्थी यह सुनिश्चित करें कि उनका ईमेल 10 सितंबर 2026 की रात 11:59 बजे से पहले प्रेषित हो जाए, और भेजे गए ईमेल का स्क्रीनशॉट व पावती भविष्य के संदर्भ के लिए सुरक्षित रख लें।

छात्रों के बढ़ते असंतोष और ओएमआर मूल्यांकन में मानवीय व तकनीकी त्रुटियों की निष्पक्ष जांच के लिए आयोग के अध्यक्ष ने पांच वरिष्ठ विषय विशेषज्ञों और तकनीकी अधिकारियों की एक उच्च स्तरीय 5-सदस्यीय जांच समिति (Five-Member Expert Committee) का गठन कर दिया है। इस विशेष समिति को 10 सितंबर तक प्राप्त होने वाले सभी वैध ई-मेल प्रत्यावेदनों की बिंदुवार स्क्रूटनी करने का दायित्व सौंपा गया है। समिति यह जांच करेगी कि क्या स्कैनिंग सॉफ्टवेयर द्वारा बारकोड पढ़ने या उत्तरों के अंकन में कोई सर्वर-स्तरीय तकनीकी गड़बड़ी हुई थी। साथ ही, जिन 60 हजार अभ्यर्थियों का परिणाम निरस्त हुआ है, उनकी ओएमआर शीटों को मैन्युअली (मैनुअल वेरिफिकेशन) क्रॉस-चेक किया जाएगा ताकि किसी भी योग्य अभ्यर्थी का भविष्य तकनीकी खामी की भेंट न चढ़े।

समिति अपनी विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर 15 सितंबर के आसपास आयोग के समक्ष प्रस्तुत करेगी। शिक्षा सेवा चयन आयोग से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि यदि समिति की जांच में मूल्यांकन सॉफ्टवेयर की गड़बड़ी या अंकों के मिस-मैच की पुष्टि होती है, तो आयोग सभी त्रुटियों को सुधारकर UPTET 2026 का संशोधित परिणाम (Revised Result & Revised Scorecard) आधिकारिक पोर्टल upessc.up.gov.in पर दोबारा जारी करेगा। हालांकि, जब तक समिति अपनी अंतिम जांच रिपोर्ट नहीं सौंप देती, तब तक संशोधित परिणाम को लेकर कोई भी आधिकारिक घोषणा नहीं की जाएगी।

उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा 2026 का आयोजन 2, 3 और 4 जुलाई 2026 को पूरे प्रदेश के हजारों परीक्षा केंद्रों पर कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच संपन्न हुआ था। इस परीक्षा में 19 लाख से अधिक पंजीकृत अभ्यर्थियों ने भाग लिया था। 26 अगस्त को जारी प्राथमिक आंकड़ों के अनुसार, पेपर-1 (कक्षा 1 से 5) में शामिल 7,13,648 अभ्यर्थियों में से 5,71,435 उत्तीर्ण घोषित किए गए थे (उत्तीर्ण प्रतिशत 80.07%)। वहीं पेपर-2 (कक्षा 6 से 8) में शामिल 10,57,021 अभ्यर्थियों में से 7,59,513 को सफल दिखाया गया था (उत्तीर्ण प्रतिशत 80.65%)।

परिणाम प्रतिशत भले ही कागजों पर बहुत ऊंचा दिख रहा हो, लेकिन वास्तविक धरातल पर हजारों मेधावी अभ्यर्थी रिजल्ट रिजेक्शन और अंकों की कटौती के कारण अधर में लटक गए हैं। यह परीक्षा केवल एक पात्रता प्रमाण पत्र प्राप्त करने का साधन नहीं है, बल्कि उत्तर प्रदेश के परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में आगामी सुपर टीईटी (Super TET) और सहायक अध्यापक भर्ती परीक्षा में बैठने की अनिवार्य पूर्व-शर्त है। यदि रिजल्ट में हुई इन विसंगतियों का समय रहते पारदर्शी समाधान नहीं किया गया, तो हजारों योग्य उम्मीदवार आगामी शिक्षक भर्ती की आवेदन प्रक्रिया से वंचित हो सकते हैं। इसलिए अभ्यर्थियों के लिए यह बेहद जरूरी है कि वे अफवाहों पर ध्यान न देकर 10 सितंबर की अंतिम तिथि से पहले अपने पूरे साक्ष्यों के साथ ईमेल पर आपत्ति दर्ज कराएं और आधिकारिक वेबसाइट पर नजर बनाए रखें।