
उत्तर प्रदेश में मानसूनी बारिश का दौर एक बार फिर तेजी पकड़ने जा रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के लखनऊ केंद्र द्वारा जारी ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, 29 जुलाई को प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी दोनों अंचलों में गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश और तेज हवाओं का प्रकोप देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने कई जिलों में भारी बारिश और आकाशीय बिजली (वज्रपात) गिरने का अलर्ट जारी करते हुए आम जनता और प्रशासन को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी है।
इन 20 जिलों में भारी बारिश, वज्रपात और 60 km/h की रफ्तार से हवाओं का अलर्ट
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक 29 जुलाई को प्रदेश के पश्चिमी और पूर्वी हिस्सों में मौसम काफी आक्रामक रह सकता है। जिन प्रमुख जिलों में भारी बारिश और अंधड़ की चेतावनी दी गई है, उनमें नोएडा, मेरठ, मथुरा, आगरा, कानपुर, कुशीनगर, मैनपुरी, बिजनौर, मुरादाबाद, बरेली, देवरिया, सोनभद्र, अलीगढ़, मिर्जापुर, गाजीपुर, वाराणसी, भदोही, अयोध्या, प्रयागराज और औरैया शामिल हैं। इस दौरान 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज रफ्तार से हवा के झोंके चलने और कई जगहों पर गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की गंभीर आशंका है।
राजधानी लखनऊ में कैसा रहेगा मौसम का मिजाज?
प्रदेश की राजधानी लखनऊ की बात करें तो 29 जुलाई को दिनभर आसमान में घने बादलों का डेरा जमा रहेगा। मौसम विभाग के अनुसार, शहर का अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया जा सकता है। लखनऊ में दिन के समय उमस बनी रहेगी, हालांकि बीच-बीच में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश होने की संभावना है। बारिश के बाद तापमान में थोड़ी गिरावट आएगी जिससे मौसम सुहावना हो जाएगा। बिजली चमकने और हवाओं के रुख को देखते हुए राजधानीवासियों को सावधान रहने की ताकीद की गई है।
1 अगस्त तक जारी रहेगा बारिश का सिलसिला: प्रशासन और किसानों को निर्देश
IMD की 5-दिवसीय मौसम रिपोर्ट के अनुसार, 29 जुलाई से 1 अगस्त तक उत्तर प्रदेश के अधिकांश इलाकों में रुक-रुक कर बारिश और बौछारें पड़ने की संभावना बनी रहेगी। 29 जुलाई के लिए पूर्वी और पश्चिमी यूपी में येलो अलर्ट जारी किया गया है। यद्यपि 30 जुलाई के बाद बहुत भारी बारिश की संभावना में थोड़ी कमी आएगी, लेकिन सामान्य से मध्यम बारिश का दौर बना रहेगा।
मौसम विभाग ने आकाशीय बिजली और आंधी से बचाव के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। खराब मौसम के दौरान लोगों को ऊंचे पेड़ों, बिजली के खंभों, जर्जर मकानों और खुले मैदानों के नीचे शरण न लेने की सलाह दी गई है। इसके साथ ही किसानों को सलाह दी गई है कि वे आकाशीय बिजली चमकने के दौरान खेतों में काम करने से बचें और मौसम के पूर्वानुमान को ध्यान में रखकर ही सिंचाई व कीटनाशकों का प्रयोग करें। स्थानीय जिला प्रशासनों को भी आपदा प्रबंधन से जुड़ी तैयारियां दुरुस्त रखने को कहा गया है।
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