UP Panchayat Election 2026: रिटायर्ड जज औतार सिंह बने पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष, OBC आरक्षण तय करने में निभाएंगे बड़ी भूमिका

उत्तर प्रदेश में आगामी पंचायत चुनावों को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। इसी बीच राज्य सरकार ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज औतार सिंह को उत्तर प्रदेश पिछड़ा वर्ग आयोग का नया अध्यक्ष नियुक्त किया है। उनकी नियुक्ति ऐसे समय में हुई है, जब प्रदेश में पंचायत चुनावों के लिए अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) आरक्षण को लेकर तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। माना जा रहा है कि आयोग की सिफारिशें आने वाले पंचायत चुनावों की दिशा और राजनीतिक समीकरण तय करने में अहम भूमिका निभाएंगी।

पंचायत चुनाव में OBC आरक्षण तय करेगा आयोग

उत्तर प्रदेश पिछड़ा वर्ग आयोग पर इस बार बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है। आयोग को प्रदेश के आगामी पंचायत चुनावों में OBC वर्ग के लिए आरक्षित सीटों का निर्धारण करना होगा। इसके लिए आयोग सामाजिक और जनसंख्या संबंधी आंकड़ों का अध्ययन करेगा, जिसके आधार पर पंचायतों में आरक्षण का स्वरूप तय किया जाएगा।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि पंचायत चुनावों में OBC आरक्षण हमेशा से अहम मुद्दा रहा है। ऐसे में आयोग के अध्यक्ष के रूप में औतार सिंह की नियुक्ति को सरकार का महत्वपूर्ण प्रशासनिक फैसला माना जा रहा है।

कौन हैं औतार सिंह

औतार सिंह इलाहाबाद हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज रह चुके हैं और न्यायिक मामलों में उनका लंबा अनुभव रहा है। प्रशासनिक और संवैधानिक मामलों की समझ को देखते हुए सरकार ने उन्हें यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है। माना जा रहा है कि उनके नेतृत्व में आयोग पंचायत चुनावों के लिए आरक्षण प्रक्रिया को कानूनी और संवैधानिक दायरे में पूरा करेगा।

पंचायत चुनाव को लेकर बढ़ी राजनीतिक सरगर्मी

उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनावों को लेकर सभी राजनीतिक दल पहले से सक्रिय हैं। OBC आरक्षण का मुद्दा ग्रामीण राजनीति में बड़ा असर डालता है। ऐसे में आयोग की रिपोर्ट और सिफारिशों पर राजनीतिक दलों की नजर बनी रहेगी। आयोग द्वारा तय की जाने वाली आरक्षित सीटें कई जिलों के चुनावी समीकरण बदल सकती हैं।

सरकार के फैसले पर बढ़ी चर्चा

औतार सिंह की नियुक्ति के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। माना जा रहा है कि सरकार पंचायत चुनावों को लेकर आरक्षण प्रक्रिया को समय पर पूरा करना चाहती है ताकि चुनावी तैयारियों में किसी प्रकार की देरी न हो।