UP New Expressway Project: यूपी को मिलेगा एक और नया एक्सप्रेसवे! ‘अटल एक्सप्रेसवे’ को NHAI की हरी झंडी; कानपुर समेत इन जिलों की बदलेगी तकदीर

‘एक्सप्रेसवे प्रदेश’ के नाम से अपनी नई पहचान बना चुका उत्तर प्रदेश अब एक और बड़े और हाई-स्पीड कॉरिडोर के लिए पूरी तरह तैयार है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने यूपी में एक और नए एक्सप्रेसवे— ‘अटल एक्सप्रेसवे’ (Atal Expressway) के निर्माण की विस्तृत योजना को आधिकारिक मंजूरी दे दी है। कानपुर और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों को सीधे जोड़ने वाला यह नया एक्सप्रेसवे राज्य के लॉजिस्टिक्स, कनेक्टिविटी और व्यापारिक परिवहन को एक नई बुलंदी पर ले जाएगा। एक रिपोर्टर के नजरिए से देखें तो पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे और गंगा एक्सप्रेसवे के बाद यह परियोजना राज्य में कनेक्टिविटी का नया मील का पत्थर साबित होगी।

कानपुर से बुंदेलखंड और मध्य प्रदेश की राह होगी आसान

NHAI द्वारा स्वीकृत यह नया अटल एक्सप्रेसवे औद्योगिक नगरी कानपुर के ट्रांसपोर्ट नेटवर्क को देश के अन्य मुख्य आर्थिक गलियारों से सीधे जोड़ने का काम करेगा:

  • रूट और कनेक्टिविटी: यह एक्सप्रेसवे कानपुर और इटावा के रास्ते आगे बढ़ते हुए चंबल अंचल और मध्य प्रदेश की सीमाओं को छुएगा, जिससे राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के बीच अंतरराज्यीय व्यापार (Interstate Trade) को अभूतपूर्व गति मिलेगी।

  • समय की भारी बचत: इस हाई-स्पीड कॉरिडोर के चालू होने से भारी मालवाहक वाहनों और यात्रियों का यात्रा समय आधे से भी कम रह जाएगा, जिससे ईंधन और समय दोनों की भारी बचत होगी।

औद्योगिकीकरण और डिफेंस कॉरिडोर को मिलेगा नया बूस्ट

कानपुर और आसपास के जिलों में रक्षा निर्माण (Defense Corridor) और चमड़ा उद्योग (Leather Industry) के बड़े केंद्र हैं। ऐसे में इस नए एक्सप्रेसवे के बनने से निम्नलिखित लाभ मिलेंगे:

  1. औद्योगिक क्लस्टर का विकास: एक्सप्रेसवे के दोनों किनारों पर नए इंडस्ट्रियल पार्क, लॉजिस्टिक्स हब और वेयरहाउसिंग क्लस्टर विकसित किए जाएंगे।

  2. रोजगार के नए अवसर: निर्माण कार्य शुरू होने से लेकर इसके चालू होने तक स्थानीय युवाओं के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से हजारों नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

  3. कम्यूटर ट्रैफिक को राहत: राष्ट्रीय राजमार्गों पर लगने वाले भारी जाम से कानपुर, उन्नाव और आसपास के शहरों के यात्रियों को हमेशा के लिए मुक्ति मिलेगी।

भूमि अधिग्रहण और निर्माण प्रक्रिया में आएगी तेजी

NHAI अधिकारियों के अनुसार, प्रोजेक्ट की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार की जा रही है। भूमि अधिग्रहण (Land Acquisition) की प्रक्रिया स्थानीय प्रशासन के सहयोग से जल्द ही शुरू की जाएगी, ताकि तय समय सीमा के भीतर निर्माण कार्य पूरा कर इसे जनता को समर्पित किया जा सके।