UP Free Scooty Scheme 2026: अब कम छात्र संख्या वाले कोर्स की छात्राओं को भी मिलेगी फ्री स्कूटी

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने राज्य में बालिका शिक्षा और महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा देने के लिए अपनी महत्वाकांक्षी ‘रानी लक्ष्मीबाई फ्री स्कूटी योजना’ (Rani Laxmibai Scooty Yojana) को हरी झंडी दे दी है। इस योजना के तहत प्रदेश के उच्च शिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाली लगभग 50,000 मेधावी छात्राओं को मुफ्त में पेट्रोल-संचालित स्कूटी प्रदान की जाएगी। सरकार ने योजना के नियमों में एक बड़ा और व्यावहारिक बदलाव करते हुए यह स्पष्ट कर दिया है कि जिन विषयों, फैकल्टी या डिग्री कॉलेजों में छात्र संख्या कम है, वहां की छात्राओं को भी मेरिट लिस्ट के आधार पर इस योजना का पूरा लाभ दिया जाएगा, ताकि किसी भी विषय की होनहार छात्रा इस सुविधा से वंचित न रहे।

कम छात्र संख्या वाले कोर्स और कॉलेजों के लिए क्या हैं नए नियम?

अक्सर सरकारी योजनाओं में उन पाठ्यक्रमों या कॉलेजों की छात्राएं पिछड़ जाती थीं जहां नामांकित विद्यार्थियों की कुल संख्या काफी कम (जैसे- विशेष भाषाएं, दुर्लभ वोकेशनल कोर्स या ग्रामीण क्षेत्रों के छोटे कॉलेज) होती है। नए दिशानिर्देशों के अनुसार, राज्य विश्वविद्यालय, निजी विश्वविद्यालय, सरकारी, एडेड और स्ववित्तपोषित (Self-Financed) कॉलेजों के प्रत्येक संकाय और पाठ्यक्रम की टॉप 5 प्रतिशत मेधावी छात्राओं को चुना जाएगा। यदि किसी विशेष कोर्स में कुल छात्राओं की संख्या बहुत कम है, तो भी वहां के अनुपातिक मेरिट सूची (Proportional Merit List) के आधार पर शीर्ष प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को स्कूटी का आवंटन सुनिश्चित किया जाएगा।

रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना के लिए मुख्य पात्रता और शर्तें

फ्री स्कूटी योजना का लाभ उठाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने निम्नलिखित शर्तें तय की हैं:

  • मूल निवासी: लाभार्थी छात्रा का उत्तर प्रदेश का स्थायी निवासी होना अनिवार्य है।

  • शैक्षणिक योग्यता: स्नातक (Undergraduate) कक्षाओं में 2025-26 सत्र में पास होने वाली शीर्ष 5% मेधावी छात्राएं ही इसके लिए पात्र होंगी।

  • पारिवारिक आय सीमा: छात्रा के परिवार की वार्षिक आय ₹12 लाख से कम होनी चाहिए।

  • ड्राइविंग लाइसेंस अनिवार्य: लाभार्थी छात्रा के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस (Driving Licence) होना अनिवार्य होगा।

  • विशेष छूट की श्रेणी: शहीद परिवारों की बेटियों, अनाथ/बेसहारा छात्राओं और दिव्यांग (Divyang) छात्राओं को बिना किसी मेरिट या कट-ऑफ शर्त के प्राथमिकता के आधार पर सीधे योजना का लाभ दिया जाएगा।

स्कूटी के साथ मिलेगा फ्री पेट्रोल, इंश्योरेंस और हेलमेट का पूरा पैकेज

छात्राओं पर किसी भी प्रकार का अतिरिक्त वित्तीय बोझ न पड़े, इसके लिए सरकार पूरी तैयारी कर रही है। जेम (GeM) पोर्टल के माध्यम से पारदर्शी प्रक्रिया से पेट्रोल से चलने वाली स्कूटी खरीदी जाएंगी। दूरदराज के ग्रामीण इलाकों में पेट्रोल पंपों और सर्विस सेंटरों की सुलभता को देखते हुए इलेक्ट्रिक के बजाय पेट्रोल स्कूटी का विकल्प चुना गया है। स्कूटी के साथ ही सरकार वाहन का रजिस्ट्रेशन शुल्क, इंश्योरेंस (Insurance), आईएसआई (ISI) मार्का हेलमेट, जरूरी एक्सेसरीज और 5 लीटर पेट्रोल पूरी तरह से मुफ्त में उपलब्ध कराएगी।

आवेदन कैसे करें और क्या है सरकार का रोडमैप?

उच्च शिक्षा विभाग इस योजना को लागू करने के लिए एक समर्पित ऑनलाइन पोर्टल तैयार कर रहा है। सभी संबद्ध विश्वविद्यालयों और कॉलेजों से टॉप-5 प्रतिशत छात्राओं की प्राप्तांकों के आधार पर सूची मांगी जा रही है। इच्छुक छात्राओं को आधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, पासिंग मार्कशीट, बैंक पासबुक और ड्राइविंग लाइसेंस जैसे दस्तावेज तैयार रखने की सलाह दी गई है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों की बेटियों के लिए कॉलेज आने-जाने की राह आसान बनाना और उच्च शिक्षा में महिलाओं के ड्रॉप-आउट रेट (Dropout Rate) को न्यूनतम करना है।