
कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु से एक रूह कंपा देने वाला आपराधिक मामला सामने आया है, जिसने महानगरीय सुरक्षा और पड़ोसियों के आपसी भरोसे पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बेंगलुरु अर्बन जिले के येलहंका इलाके में यूनाइटेड किंगडम से पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री लेकर लौटे एक उच्च शिक्षित युवक ने अपने ही पूर्व पड़ोसी के 13 वर्षीय बेटे का न केवल अपहरण किया, बल्कि बड़ी ही बेरहमी से उसे मौत के घाट उतार दिया। मृत बच्चे की पहचान 8वीं कक्षा में पढ़ने वाले छात्र एम प्रज्वल के रूप में हुई है, जिसके पिता इलाके के एक जाने-माने रियल एस्टेट कारोबारी हैं। आधुनिक जीवनशैली और विदेश से उच्च शिक्षा हासिल करने के बावजूद आरोपी भास्कर रेड्डी ने पैसे की अंधी हवस में इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया। हाल ही में एक बड़ी इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी में नौकरी हासिल करने वाले इस युवक की इस दरिंदगी ने पूरे बेंगलुरु शहर और पुलिस महकमे को स्तब्ध कर दिया है।
बेंगलुरु पुलिस द्वारा की गई प्रारंभिक पूछताछ और आधिकारिक जांच से पता चला है कि इस सनसनीखेज हत्याकांड के पीछे की मुख्य वजह गहराता आर्थिक संकट था। आरोपी भास्कर रेड्डी के परिवार के ऊपर लगभग 3 करोड़ रुपये का भारी कर्ज चढ़ा हुआ था, जिसे चुकाने का उस पर लगातार चौतरफा दबाव बन रहा था। इसी कर्ज से रातों-रात मुक्ति पाने के लिए उसने अपने पुराने पड़ोसी और बिल्डर मनोहर के बेटे के अपहरण की साजिश रची। भास्कर जानता था कि मनोहर एक संपन्न रियल एस्टेट कारोबारी हैं और अपने इकलौते बेटे की सुरक्षित वापसी के लिए आसानी से 1 करोड़ रुपये की बड़ी फिरौती दे देंगे। इस नापाक मंसूबे को पूरा करने के लिए उसने एक निजी स्कूल बस के क्लीनर एडुकोंडालु को भी पैसों का बड़ा लालच देकर अपने साथ मिला लिया। दोनों ने मिलकर मासूम प्रज्वल को अगवा करने और फिरौती वसूलने का पूरा ब्लूप्रिंट तैयार किया था।
उत्तर-पूर्व डिवीजन के पुलिस उपायुक्त जी. के. मिथुन कुमार के अनुसार, प्रज्वल का परिवार और भास्कर का परिवार येलहंका में लंबे समय तक एक ही गली में पड़ोसी के रूप में रह चुके थे, जिससे बच्चे के मन में आरोपी के प्रति कोई संदेह या डर नहीं था। प्रज्वल को महंगी और लग्जरी गाड़ियों का बहुत गहरा शौक था और वह अक्सर गाड़ियों के बारे में बातें किया करता था। बुधवार की शाम भास्कर ने बच्चे की इसी मासूम रुचि का फायदा उठाया। जब प्रज्वल अपने घर के बाहर टहल रहा था, तभी भास्कर अपनी एसयूवी लेकर वहां पहुंचा और उसने बच्चे को दिवाली के पटाखे दिलाने और रास्ते में एसयूवी चलाना सिखाने का लालच दिया। मासूम बच्चा अपने पुराने और परिचित पड़ोसी की बातों में आ गया और बिना किसी झिझक के कार में बैठ गया, लेकिन उसे तनिक भी अंदाजा नहीं था कि वह अपनी मौत के सफर पर निकल चुका है।
येलहंका से बच्चे को गाड़ी में बैठाने के बाद आरोपी उसे शहर के बाहरी इलाके में स्थित एक वीरान और सुनसान जगह पर ले गए। वहां भास्कर और उसके साथी एडुकोंडालु ने बच्चे को बंधक बना लिया। आरोपियों ने प्रज्वल की एक डरावनी वीडियो क्लिप रिकॉर्ड की, ताकि इसे उसके पिता मनोहर को भेजकर 1 करोड़ रुपये की भारी-भरकम फिरौती की तुरंत मांग की जा सके। वीडियो बनाने के तुरंत बाद आरोपियों के भीतर का खौफ जागा कि बच्चा छूटने के बाद उनकी पहचान उजागर कर देगा। इस डर से उन्होंने सबसे पहले एक भारी लकड़ी के लट्ठे से प्रज्वल के सिर पर जानलेवा वार किया, जिससे वह लहूलुहान होकर अचेत हो गया। इसके बाद दोनों आरोपी बेहोश बच्चे को उठाकर एक अन्य सुनसान प्लॉट में ले गए। वहां एक चारदीवारी पर खड़े होकर आरोपियों ने नीचे पड़े अचेत बच्चे पर भारी खोखली सीमेंट की ईंटों से ताबड़तोड़ वार किए और उसका सिर पूरी तरह कुचलकर उसे हमेशा के लिए खामोश कर दिया।
हत्या की इस जघन्य वारदात को अंजाम देने के बाद साथी एडुकोंडालु मौके से फरार हो गया, जबकि मुख्य आरोपी भास्कर रेड्डी ने लाश को ठिकाने लगाने की योजना बनाई। उसने खून से लथपथ प्रज्वल के शव को वहां पड़े एक पुराने और फटे गद्दे में लपेटा और अपनी एसयूवी की डिक्की में छिपा दिया। उसका इरादा शव को बेंगलुरु से बाहर ले जाकर पड़ोसी राज्य आंध्र प्रदेश के नेल्लोर के जंगलों में फेंकने का था। जुर्म के खौफ और घबराहट को मिटाने के लिए भास्कर ने अत्यधिक शराब पी ली। पूरी तरह नशे में धुत्त होने के कारण वह तेज रफ्तार में गाड़ी चला रहा था। चिक्काजला के पास एक सुनसान मोड़ पर उसकी एसयूवी अनियंत्रित होकर पहले बिजली के खंभे से टकराई। इसके बावजूद वह गाड़ी भगाता रहा और आगे जाकर एक रिहायशी अपार्टमेंट के बाहर खड़ी दो अन्य कारों को जोरदार टक्कर मार दी।
टक्कर की तेज आवाज सुनकर अपार्टमेंट के सुरक्षा गार्ड और स्थानीय लोग तुरंत दौड़कर बाहर पहुंचे। जब उन्होंने भास्कर को गाड़ी से बाहर निकाला, तो वह बुरी तरह नशे में था और अजीबोगरीब हरकतें कर रहा था। स्थानीय नागरिकों को उसकी संदिग्ध गतिविधियों पर गहरा शक हुआ। जब लोगों ने दुर्घटनाग्रस्त एसयूवी की डिक्की खोलकर जांच की, तो अंदर खून से लथपथ फटे गद्दे में लिपटे 13 साल के बच्चे का शव देखकर सभी के पैरों तले जमीन खिसक गई। गुस्साए लोगों ने तुरंत आरोपी को पकड़कर चिक्काजला थाना पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा और आरोपी भास्कर रेड्डी के खिलाफ अपहरण, हत्या और सबूत मिटाने की संगीन धाराओं में मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया। डीसीपी नॉर्थ ईस्ट ने बताया कि घटना में शामिल फरार साथी एडुकोंडालु की गिरफ्तारी के लिए विशेष पुलिस टीमों का गठन किया गया है और शहर के सभी निकास मार्गों पर सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।
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