UBTech UWORLD U1: चीन ने लॉन्च किया दुनिया का सबसे एडवांस इंसानी रोबोट ‘U1’, समझेगा आपकी 20 से ज्यादा भावनाएं, कीमत ₹14 लाख से शुरू

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और रोबोटिक्स की दुनिया में एक बेहद क्रांतिकारी कदम उठाते हुए चीनी टेक कंपनी यूबीटेक (UBTech) ने अपना नया ह्यूमनॉइड रोबोट ‘UWORLD U1’ वैश्विक बाजार के सामने पेश कर दिया है। इसे अब तक का सबसे एडवांस फुल-साइज बायोनिक रोबोट (Full-Size Bionic Robot) माना जा रहा है। U1 सिर्फ एक ठंडी मशीन नहीं है, बल्कि इंसानों जैसा व्यवहार, स्पर्श और अनुभव देने वाला एक अनूठा “कंपैनियन रोबोट” है। इसे विशेष रूप से इंसानों को इमोशनल सपोर्ट देने, उनके अकेलेपन को दूर करने और घर के कामों में हाथ बंटाने के लिए बेहद आधुनिक तकनीकों से लैस किया गया है।

फैक्ट्री नहीं, आपके घर और दिलों पर राज करने आया है U1 रोबोट

पारंपरिक रोबोट्स के विपरीत, UWORLD U1 को भारी औद्योगिक या फैक्ट्री के कामों के लिए नहीं बनाया गया है। इसे इंसानी समाज के बीच रहने और घुलने-मिलने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। आने वाले समय में इसका इस्तेमाल मुख्य रूप से अकेले रहने वाले बुजुर्गों की देखभाल, बच्चों की शिक्षा, हॉस्पिटैलिटी (होटल व सत्कार), कॉर्पोरेट रिसेप्शन और होम सर्विस जैसी जगहों पर किया जाएगा, जहाँ एक संवेदनशील इंसानी बातचीत की सबसे ज्यादा जरूरत होती है।

तीन शानदार वेरिएंट्स और करोड़ों में है इसकी कीमत

यूबीटेक ने इस रोबोट को ग्राहकों की विभिन्न जरूरतों के हिसाब से तीन अलग-अलग वर्जन— लाइट (Lite), प्रो (Pro) और अल्ट्रा (Ultra) में पेश किया है। इसकी शुरुआती कीमत करीब 14 लाख रुपये तय की गई है, जबकि इसके टॉप-एंड अल्ट्रा मॉडल की कीमत ₹1.15 करोड़ रुपये तक जाती है। फिलहाल इसे शुरुआती चरण में चीन के घरेलू बाजार में ही उपलब्ध कराया गया है, जहाँ बहुत जल्द ग्राहकों को इसकी डिलीवरी मिलनी शुरू हो जाएगी।

असली इंसानों जैसा रूप-रंग और नेचुरल मूवमेंट

UWORLD U1 को पूरी तरह से इंसानी ढांचा देने के लिए पुरुष (Male) और महिला (Female) दोनों अवतारों में डिजाइन किया गया है। इसकी लंबाई भी बिल्कुल आम इंसानों जैसी है; पुरुष मॉडल की हाइट लगभग 183 सेमी और महिला मॉडल की हाइट 168 सेमी है। रोबोट के पूरे शरीर में 88 एडवांस सर्वो जॉइंट्स (Servo Joints) लगाए गए हैं, जिसकी बदौलत यह इंसानों की तरह बेहद लचीला और स्वाभाविक शारीरिक मूवमेंट या बॉडी लैंग्वेज प्रदर्शित कर सकता है।

20 से ज्यादा भावनाएं समझने वाला इसका जादुई ‘AI ब्रेन’

इस रोबोट की सबसे बड़ी यूएसपी (USP) इसका पावरफुल इमोशनल एआई सिस्टम है। U1 बातचीत के दौरान सामने वाले व्यक्ति की खुशी, दुख, गुस्सा और उदासी जैसी 20 से ज्यादा अलग-अलग भावनाओं और चेहरों के हाव-भाव को तुरंत पहचान सकता है। संवाद करते समय यह लगातार आई कॉन्टैक्ट (Eye Contact) बनाए रखता है। इसकी मेमोरी इतनी शार्प है कि यह यूजर के साथ की गई पिछली बातों को याद रखता है और समय के साथ ज्यादा व्यक्तिगत व भावनात्मक जवाब देता है।

सुख-दुख का साथी: बातें भी करेगा और दवा भी याद दिलाएगा

कंपनी का दावा है कि U1 अपने मुख्य यूजर को चेहरे और आवाज से पहचान सकता है। यह आपकी दैनिक आदतें याद रख सकता है, बुजुर्गों को समय पर दवाइयां लेने की याद दिला सकता है और अकेलेपन के दौरान एक अच्छे दोस्त की तरह बातचीत कर सकता है। इतना ही नहीं, यह आपके मूड को भांपकर आपको पसंदीदा फिल्में, खेल या अन्य मनोरंजक एक्टिविटीज भी सजेस्ट कर सकता है। इसके बाहरी हिस्से पर प्रीमियम सिलिकॉन स्किन की कोटिंग की गई है, जिससे इसे छूने पर रोबोटिक नहीं, बल्कि इंसानी अहसास होता है।

डेटा सिक्योरिटी की गारंटी: क्लाउड नहीं, लोकल डिवाइस में स्टोर होगा डेटा

यूजर्स के निजी जीवन और उनकी प्राइवेसी को ध्यान में रखते हुए यूबीटेक ने इसमें डेटा सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। कंपनी के अनुसार, रोबोट द्वारा कैप्चर किया गया कोई भी यूजर डेटा क्लाउड सर्वर पर नहीं भेजा जाता, बल्कि रोबोट के भीतर ही डिवाइस में सुरक्षित स्टोर होता है। इसमें एक मजबूत थ्री-लेयर प्राइवेसी सिस्टम दिया गया है, और इसका एआई मॉडल इंटरनेट पर निर्भर रहने के बजाय लोकल प्रोसेसिंग पर ही काम करता है।

लॉन्च से पहले 13,000 से ज्यादा प्री-ऑर्डर, चीन बना रोबोटिक्स हब

इस रोबोट को लेकर बाजार में किस कदर दीवानगी है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि लॉन्चिंग के तुरंत बाद ही इसे 13,300 से ज्यादा प्री-ऑर्डर मिल चुके हैं। रिपोर्ट्स की मानें तो चीन वर्तमान में दुनिया के लगभग 85% ह्यूमनॉइड रोबोट्स का इंस्टॉलेशन अकेले करता है। वहां की सरकार का मजबूत सपोर्ट और एडवांस मैन्युफैक्चरिंग हब चीन को इस तकनीक में सबसे आगे बनाए हुए है।

तकनीक के साथ जुड़ीं कुछ बड़ी चिंताएं भी

जहाँ एक तरफ वैज्ञानिक इसे अकेलेपन का बेहतरीन इलाज मान रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ साइबर और साइकोलॉजी एक्सपर्ट्स ने कुछ चेतावनियां भी दी हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इंसानों का मशीन के प्रति अत्यधिक भावनात्मक जुड़ाव (Emotional Attachment), प्राइवेसी लीक होने का खतरा और ‘अनकैनी वैली’ (Uncanny Valley) इफेक्ट जैसी मानसिक चुनौतियां समाज के सामने एक नया संकट खड़ी कर सकती हैं।